December 6, 2022

Knowledge News : जानिए कब और कैसे मनाया जाता है Halloween, क्यों इंसानो में भूत-चुड़ैल बनने की लगी होड़

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हैलोवीन डे (Halloween) को पश्चिमी देशों के लोग बहुत उत्साह के साथ सेलिब्रेट करते हैं। इस दिन लोग डरावनी ड्रेस पहन-पहन कर पार्टी करते हुए दिखाई देते हैं। इसके साथ ही बहुत से देशों में लोग अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर गेम्स भी खेलते हैं। विदेशों में मनाया जाने वाला ये हैलोवीन फेस्टिवल अब धीरे-धीरे करके भारत में भी काफी लोकप्रिय होता दिख रहा है। आपने भी बहुत से सेलिब्रिटी को ये हैलोवीन फेस्टिवल सेलिब्रेट करते हुए देखा होगा। आखिर पार्टियों में भूत और चुड़ैल के गेटअप में नजर आने का राज क्या है। ये परंपरा कहां से शुरू हुई, इसे क्यों मनाया जाता है। अगर आप नहीं जानते तो चलिए आज हम आपको अपनी इस खबर में बताते हैं इसका इतिहास और इससे जुड़े कई खास बातें।
हैलोवीन कब मनाया जाता है
हैलोवीन डे (Halloween Day) हर साल अक्टूबर के आखिरी दिन यानी 31 अक्टूबर को मनाया जाता है। अमेरिकी देशों में इस उत्सव को पूर्वजों की याद में मनाया जाता है। बताया जाता है कि हैलोवीन का इतिहास लगभग 2000 या उससे भी अधिक पुराना है। हजारों साल पहले पूरे उत्तरीय यूरोप के देशों में 1 नवंबर को प्रसिद्ध धार्मिक त्यौहार ‘आल सेट्स डे’ के नाम से मनाया जाता था। जिसे अब हैलोवीन ईव के नाम से जाना जाता है। यह ईसाईयों का त्योहार है। हैलोवीन का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में तरह-तरह के डरावनी चीजें उभरने लगती हैं। हैलोवीन गतिविधियों में ट्रिक-या-ट्रीटिंग, कॉस्ट्यूम पार्टियों में भाग लेना, कद्दू को तराशना जैसी कई चीजें शामिल है।
कैसे हुई हैलोवीन की शुरुआत
हैलोवीन दिवस मानाने की शुरुआत सबसे पहले आयरलैंड और स्‍कॉटलैंड से हुई थी। ईसाई समुदाय के लोगों में हैलोवीन दिवस को लेकर यह मान्‍यता है कि भूतों का गेटअप करने से उनके पूर्वजों की आत्‍माओं को शांति मिलती है। ईसाई समुदाय में सेल्टिक कैंलेंडर के आखिरी दिन यानी 31 अक्टूबर को हैलोवीन डे मनाया जाता है। अमेरिका, इंग्लैंड और यूरोपियन देशों के कई राज्यों में इस फेस्टिवल को नए साल की शुरुआत के तौर पर मनाया जाता है।
कद्दू से क्या है हैलोवीन का कनेक्शन
हैलोवीन डे पर लोग कद्दू को खोखला करके उसमें डरावने चेहरे बनाते थे। फिर उसके अंदर जलती हुई मोमबत्ती को रख देते थे। जिससे अंधेरे में वो कद्दू डरावना दिखें। इन्ही को हैलोवीन कहा जाता है। बहुत से देशों में इन हैलोवीन वाले कद्दू को घर के बाहर अंधेरे में पेड़ों पर लटकाया जाता है जो पूर्वजों का प्रतीक होता है। फिर जब ये त्‍योहार खत्‍म हो जाता है उसके बाद कद्दू को दफना दिया जाता है।
हैलोवीन पर खेला जाता है एप्‍पल बोबिंग
पश्चिमी देशों में लोग हैलोवीन दिवस पर बहुत से गेम भी खेलते हैं और इन्‍हीं में से एक गेम है एप्‍पल बोबिंग। इस गेम में लोग गहरे पानी के टब में सेब डालते हैं। फिर उसे एक-एक करके निकालना होता है। जो सबसे पहले उन सारे फलों में से एप्पल निकालता है, वो इस गेम को जीत जाता है। ये तो आप जानते ही होंगे कि अब ये त्योहार भारत में भी धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रहा है। भारत में खासकर मुंबई फैशन और फिल्म इंडस्ट्री में इस खेल को लेकर ज्यादा उत्साह देखा जाता है।
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