December 3, 2022

क्या होता है सस्पेंशन ब्रिज, जिसके गिरने से गुजरात में मर गए 140 लोग, जानें भारत में और कहां हैं ऐसे पुल

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गुजरात (Gujrat) के मोरबी (Morbi) में बीते रविवार को सस्पेंशन ब्रिज (Suspension Bridge) के टूट जाने से बड़ा हादसा हो गया। जिसमें करीब 140 लोगों की मौत (140 People Died) हो गई। मच्छु नदी (Machu river) पर बने इस पुल के टूट जाने के बाद भारत में नदियों पर बने पुल और उनकी मियाद पर चर्चा हो रही है। मोरबी में जो पुल गिरा है, वो कोई कंक्रीट से बना पक्का पुल नहीं बल्कि सस्पेंशन ब्रिज था। नदियों को पैदल पार करने के लिए अक्सर सस्पेंशन ब्रिज ही बनाए जाते हैं। लोगों के बीच उत्सुकता है कि आखिर सस्पेंशन ब्रिज कैसे होते है और नदियों पर ये क्यों बनाये जाते हैं। इन पुलों में क्या खास बात है और भारत में किन-किन जगहों पर ऐसे पुल बने हैं। आइये… आज हम इन सब सवालों के जवाब बताते हैं
मोरबी में पुल गिरने का Video आया सामने, देखिए कैसे हुआ भयानक हादसा #Gujrat #GujaratGovernment #MorbiBridgeCollapse pic.twitter.com/p2QhQ57qQv
क्या होता है सस्पेंशन ब्रिज?

भारत सहित पूरी दुनिया में नदियों के उपर कई तरह के पुल बनाए जाते हैं। सस्पेंशन ब्रिज भी उन्ही में से एक हैं। सस्पेंशन ब्रिज ज्यादा बहाव वाले पानी या नदी से उपर बनाया जाता है। आपने अक्सर फिल्मों में ऐसे ब्रिज देखे होंगे। ये ब्रिज किसी पिलर पर नहीं बल्कि केबल के जरिये टिके होते है। इसमें ब्रिज दोनों किनारे पर पिलर बनाए जाते हैं और बाकी का पुल केबलों पर ही टिका रहता है। इस तरह के पुलों में पानी के अंदर कोई पिलर या बेस नहीं बनाया जाता है। ये पुल हिलते भी रहते हैं, इसलिए इन्हें हैंगिंग ब्रिज (Hanging Bridge) भी कहते हैं।
कैसे बनता है सस्पेंशन ब्रिज

सस्पेंशन ब्रिज में पांच अहम हिस्से होते हैं-
डेक पुल शुरू या खत्म होने से पहले जमीन का आखिरी हिस्सा होता है। डेक वो हिस्सा होता है, जो पुल पर बड़ी सड़क का आखिरी हिस्सा होता है। एक तरह से ये पुल या आखिरी पॉइंट होता है। डेक के आगे टावर या पिलर लगे होते हैं, जो पुल को बेस देने का काम करते हैं। ये पुल के दोनों किनारों पर बने होते हैं। इनसे ही टेंशन पुल के दोनों किनारों को जोड़ता है। टेंशन वो मोटा तार होता है, जो दोनों टावरों के बीच बंधा होता है। इसपर ही केबल लगे होते हैं, जो पुल के फाउंडेशन को टेंशन से बांधे रखते हैं। फाउंडेशन मतलब पुल की सतह या सड़क को कहते हैं। इन सभी से मिलकर एक पुल बनता है। 17 वीं और 18 वीं सदी में इस तरह से काफी ज्यादा पुल बनाए गए थे।
भारत में किन-किन जगहों पर हैं सस्पेंशन ब्रिज?

भारत में भी कई नदियों पर सस्पेंशन ब्रिज बने हैं। ये ब्रिज पुल पार करने के अलावा लोगों के आकर्षण का भी केंद्र होते हैं। इसलिए इनको देखने के लिए टूरिस्ट भी खूब आते हैं। गुजरात के मोरबी में जो ब्रिज गिरा है, उसपर भी काफी लोग टिकट लेकर घूमने आए थे। संख्या के हिसाब से भारत में सैंकड़ों सस्पेंशन ब्रिज हैं। जिनमें से कोटा हैंगिंग ब्रिज (Kota Hanging Bridge), अरुणाचल प्रदेश का लोहित रिवर ब्रिज (Lohit River Bridge), ऋषिकेश का लक्ष्मण झूला (Rishikesh Laxman Jhula), वालॉन्ग और दार्जलिंग के ब्रिज काफी मशहूर है। उत्तराखंड का डोबरा-चांठी पुल (Dobra-Chanthi Bridge) भारत का सबसे बड़ा सस्पेंशन ब्रिज है।
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