August 18, 2022

Mirabai Chanu: जानें कॉमनवेल्थ में देश को पहला गोल्ड दिलाने वाली गोल्डन गर्ल की कहानी, जिनका कभी नहीं था वेटलिफ्टिंग में इंटरेस्ट

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टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक (Tokyo Olympic silver medalist) विजेता भारतीय महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने अपना बेस्ट(win the gold medal) प्रदर्शन करते हुए बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स के दूसरे दिन शनिवार को गोल्ड मेडल जीत लिया। चानू ने महिलाओं की 49 kg वर्ग में (women’s 49 kg category) गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया । चानू ने क्लीन एंड जर्क (clean and jerk and won) के अपने पहले ही प्रयास में 109 किलो ग्राम का भार उठाया और गोल्ड मेडल जीत लिया। बता दें कि बर्मिंघम खेल में मीराबाई चनू से (Mirabai Chanu) उम्मीद लगाई जा रही थी। कि वो देश को गोल्ड दिलाएगी। अपनी इस उम्मीद पर मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) पूरी तरह खरी उतरी हैं।
मीराबाई का सपना तीरंदाज बनने का
बता दें कि 27 साल की मीराबाई चानू (Mirabai Chanu)का जन्म 8 अगस्त 1994 को मणिपुर के नोंगपेक काकचिंग (Nongpek Kakching village of Manipu) गांव में हुआ था। शुरुआत में मीराबाई का सपना तीरंदाज बनने का था, लेकिन किसी कारणवश से उन्हें वेटलिफ्टिंग को अपना करियर चुनना पड़ा। मीराबाई की मेहनत आखिरकार रंग लाई (Nongpek Kakching village of Manipu) जब उन्होंने साल 2014 में ग्लासगो कॉमनवेल्थ (Glasgow Commonwealth Games in 2014)गेम्स में 48 किलो भारवर्ग में उन्होंने भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता। इसके अलाव मीराबाई ने वर्ष 2008 में अपने गृहनगर इम्फाल में भारोत्तोलन की शुरुआत की थी। बाद में उन्हें वर्ष 2011 में बेंगलुरु में आयोजित नेशनल कैम्प(National Camp organized in Bangalore) में शामिल किया गया। फिर वह 2012 से नेशनल कैम्प पटियाला में हैं। लगातार अच्छे प्रदर्शन की बदौलत मीराबाई 2016 के रियो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई (Mirabai managed to qualify) करने में कामयाब रही। हालांकि, रियो में उनका प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा (expectations) था।
एशियन चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीता
मीराबाई ने इसके बाद एशियन चैम्पियनशिप में 49 किलो भारवर्ग में (ticket to Tokyo by winning bronze) कांस्य जीतकर टोक्यो का टिकट हासिल (Mirabai became) किया था। इसके साथ ही मीराबाई 2021ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने वाली इकलौती भारतीय वेटलिफ्टर बन (Indian weightlifter to qualify)गई थीं। उस चैम्पियनशिप में मीराबाई ने ने स्नैच में 86 किग्रा का भार उठाने के बाद क्लीन एवं जर्क में विश्व रिकॉर्ड कायम करते हुए 119 किलोग्राम का भार उठाया (snatch and lifted 119 kg) था।
मीराबाई ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय वेटलिफ्टर बन गई
मालूम हो कि मीराबाई चनू के करियर का सबसे ऐतिहासिक लम्हा (most historic moment) तब सामने आया, जब उन्होंने 49 किलो भारवर्ग में (49 kg weight category)भारत के लिए टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही मीराबाई ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय वेटलिफ्टर बन (snatch in that Olympics)गई थीं। उस ओलंपिक में स्नैच के बाद मीराबाई चनू दूसरे नंबर पर थीं। इसके बाद क्लीन एंड जर्क के पहले प्रयास में मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) 110 और दूसरे प्रयास में 115 किलो वजन उठाने में कामयाब रही थीं जो सिल्वर जीतने के लिए काफी था।

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