January 27, 2023

40 दिन तय करेंगे Lockdown की स्थिति, पढ़िए Corona वायरस की पिछली 3 लहरों से हमने क्या सीखा?

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कोरोना की पिछली 3 लहरों से अब तक क्या सीखा है?

Coronavirus New Variant BF.7 : भारत (India) ने अब तक कोरोना वायरस (Coronavirus) की तीन लहरों का डटकर सामना किया है। वहीं, अब चीन में लगातार बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए यह कयास लगाए जा रहे हैं कि कोरोना महामारी एक बार फिर पूरे विश्व में दस्तक दे सकती है। भारत में भी चौथी लहर का खतरा बढ़ गया है। एक्सपर्ट्स की मानें तो भारत में भी बढ़ रहे कोरोना मामलों को देखते हुए अगले 40 दिन काफी अहम बताए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जनवरी महीने में कोरोना मामलों में इजाफा हो सकता है। हालांकि यह भी बताया जा रहा है कि अगर देश में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट बीएफ 7 के कारण चौथी लहर आती भी है, तब भी पिछली तीन लहरों की तुलना में जानलेवा साबित नहीं होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि “अक्सर देखा गया है कि जब पूर्वी एशिया में कोरोना बढ़ता है तो उसके 30-35 दिन बाद भारत में भी नई लहर की शुरुआत हो जाती है।”
भारत में चौथी लहर आने की संभावना क्यों हैं?
बता दें कि जिस वक्त पूरी दुनिया कोरोना की चपेट में आकर त्राहि-त्राहि कर रही थी, उस वक्त चीन में जीरो कोविड पॉलिसी के साथ बढ़ते संक्रमण के मामलों पर काबू पा लिया गया था। अब जब पूरी दुनिया कोरोना से उभरने लगी थी, तब चीन में कोरोना एक बार फिर पीक पर है। जीरो कोविड पॉलिसी हटाने के बाद से चीन में रोजाना लाखों की संख्या में नए मामले सामने आ रहे हैं। बता दें कि फिलहाल चीन अकेला ऐसा देश नहीं है, जहां कोरोना का कहर बरपा है। चीन के अलावा अमेरिका और जापान में भी कोरोना बहुत तेजी से बढ़ रहा है। इन देशों में ओमिक्रॉन के सब-वेरिएंट BF.7 ने आतंक मचा रखा है।
बीएफ 7 सब-वेरिएंट पिछले वेरिएंट्स के मुकाबले कहीं ज्यादा संक्रामक है। इससे संक्रमित एक व्यक्ति 16 लोगों में संक्रमण फैला सकता है। बता दें कि भारत में भी इस बीएफ 7 वेरिएंट ने दस्तक दे दी है, दरअसल पिछले 2 दिनों में आए 6 हजार यात्रियों में से 39 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। भारत ने चीन, जापान, हांगकांग, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड और सिंगापुर से आने वाले यात्रियों के लिए कोरोना वायरस की नेगेटिव रिपोर्ट को अनिवार्य कर दिया है।
कहीं लापरवाही ना पड़ जाए भारी
बता दें कि कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार द्वारा जो कदम उठाए जा रहे हैं, वह पहले भी उठाए जा चुके हैं। इस सबके बाद भी भारत में कोरोना के मामले बढ़े थे। पिछली तीन लहरों का ट्रेंड यह बताता है कि कैसे धीरे-धीरे देश में कोरोना के मामले बढ़ते हैं। सरकारों और जनता की लापरवाही के कारण कोरोना की तीन लहरें देश को अपनी चपेट में लेने में कामयाब रही थीं।
बता दें कि जनवरी 2020 से दुनियाभर में कोरोना के मामलों में इजाफा होने लगा था। फिर भी सरकार ने इंटरनेशनल उड़ानों पर रोक लगाने में देरी की थी। जब भारत में संक्रमण बढ़ना शुरू हुआ, तब जाकर 23 मार्च 2020 को उड़ानों पर रोक लगी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इसके चलते संक्रमण के कारण 23 मार्च 2020 को उड़ानों को बंद किया गया था। इसी तरह की कई गलतियां सरकार से हुई, तो वहीं बाकी 2 लहरों में बहुत सी गलतियां देशवासियों ने भी की है।
क्या भारत में चौथी लहर की शुरुआत?
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक एक हफ्ते में भारत में कोरोना के मामलों में 21 फीसदी इजाफा देखा गया है। वहीं, 14 से 20 दिसंबर के बीच देशभर में कोरोना के 1,083 मामले सामने आए। 20 से 27 दिसंबर के बीच 1,317 मामले सामने आ चुके हैं। अगर बात एक्सपर्ट्स के ओपिनियन के बारे में करें तो देश में चौथी लहर की गुंजाइश काफी कम है। एम्स के पूर्व डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा था कि अगर देश में कोरोना के मामले बढ़ते भी हैं, तो ये ज्यादा गंभीर या जानलेवा साबित नहीं होंगे। उनके मुताबिक हो सकता है कि कोरोना के इस नए वेरिएंट बीएफ 7 के चलते लोगों को हॉस्पिटल में भर्ती होने की भी जरूरत ना पड़े। इसके पीछे का कारण ये है कि टीकाकरण अभियान के कारण हम सभी ने जो कोरोना वैक्सीन लगवाई है। उससे इम्युनिटी बढ़ी है और हम कोरोना के वायरस के साथ जंग के लिए ज्यादा बेहतर तरीके से तैयार हैं।
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