November 28, 2022

Birthday Special: 37 बरस के हुए विजेंदर सिंह, जन्मदिन पर पढ़ें कैसे ओलंपिक में मैडल जीतकर रचा था इतिहास

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खेल : बॉक्सिंग में भारत को पहला ओलंपिक मेडल दिलाने वाले विजेंदर सिंह आज अपना 37वा जन्मदिन (Happy birthday vijender singh) माना रहें है। विजेंदर सिंह को किंग ऑफ द रिंग भी कहा जाता है। विजेंदर सिंह का जन्म 29 अक्टूबर 1985 को हरियाणा के भिवानी जिले में हुआ था। विजेंदर के पिता (Vijender’s father) महिपाल सिंह बेनीवाल हरियाणा रोडवेज में बस ड्राइवर हैं और उनकी मां गृहिणी (housewife) हैं।
ऐसे की बॉक्सिंग की शुरुआत
विजेंद्र सिंह ने (Vijender Singh) अपनी प्राथमिक शिक्षा अपने गांव कालूवास से की और माध्यमिक शिक्षा के लिए जिला भिवानी के स्कूल में दाखिला लिया और फिर आगे अपनी बैचलर डिग्री पूरी की। मिली जानकारी के अनुसार साल 1990 में एक मुक्केबाज राज कुमार सांगवान (Raj Kumar Sangwan) ने अर्जुन अवार्ड जीता (won Arjuna Award)। जिसे देखकर विजेंदर और उनके भाई मनोज ने फैसला किया कि वे बॉक्सिंग सीखेंगे। विजेंदर ने बॉक्सिंग में रुचि के कारण अपनी पढ़ाई जारी नहीं रखा और बॉक्सिंग (interest in boxing) को अपने करियर में जगह दी। वह इसमें माहिर हो गए।
ऐसे रचा हरियाणा के इस छोरे ने ओलंपिक में इतिहास
2008 में बीजिंग ओलंपिक (2008 Beijing Olympics) के लिए क्वालीफाई करने से पहले विजेंद्र का इस महाकुंभ (Mahakumbh) में खेलना मुश्किल था। क्योंकि वे पीठ की चोट से पीड़ित थे। लेकिन इसके लिए उन्होंने काफी मेहनत की और इस सीजन के लिए खुद को फिट किया। इसके बाद विजेंदर ने बीजिंग में हुए ओलंपिक में मिडिलवेट वर्ग में हिस्सा लिया और वहां कांस्य पदक जीता। यहां वे भारत के लिए पहला पदक जीतने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज थे।
प्रोफेशनल बॉक्सिंग की हुई शुरुआत
10 अक्टूबर 2015 को सोनी व्हिटिंग (इंग्लैंड) के खिलाफ विजेंद्र सिंह ने (Vijender Singh) अपनी पहली प्रोफेशनल बॉक्सिंग फाइट लड़ी और TKO से उसमें जीत दर्ज की। विजेंदर सिंह प्रोफेशनल बॉक्सिंग में 10 मुकाबले (10 matches) लड़ चुके हैं और सभी मे उन्होंने जीत दर्ज की है। 7 मैचों में उन्होंने नॉकआउट से जीत हासिल की, जबकि 3 मैचों में फैसला उनके पक्ष में रहा।
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