November 29, 2022

World Heart Day: विश्वभर में बढ़ रहा हार्ट अटैक से होने वाली मौतों का आंकड़ा, शरीर में दिखें ये लक्षण तो हो जाइये सावधान!

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World Heart Day 2022: हृदय को स्वस्थ रखने और हृदय संबंधी बीमारियों के प्रति जागरुकता पैदा करने के मकसद से हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस के रूप में मनाया जाता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार कुछ शुरुआती संकेतों को अगर पहचान कर ट्रीटमेंट शुरू कर दिया जाए तो पेशेंट को बचाया जा सकता है। दिल्ली के कैलाश दीपक हॉस्पिटल के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अजय मित्तल से जानिये कौन-से हैं वो संकेत और क्या करें बचाव के उपाय, आपको जरूर पता होना चाहिए। आजकल इस तरह की खबरें बहुत आम हैं कि किसी को नाचते हुए या जिम में एक्सरसाइज करते समय या रात में सोते समय ही हार्ट अटैक आ गया और उनकी डेथ हो गई। ऐसे में प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि क्या हमारा हृदय अचानक ही बंद हो जाता है या धड़कनें रुकने से पहले हमारा हार्ट कुछ (Warning Sign Of Heart Attack) संकेत देता है? आइए जानें वो लक्षण, जो दिल के बीमार (Heart Attack Symptoms) होने का संकेत देते हैं।
– सांस फूलना : सीढ़ियां चढ़ते हुए सांस फूलना सामान्य है। अगर लगातार सांस फूलने की समस्या हो या कड़े शारीरिक परिश्रम के बिना ही सांस फूलने लगे तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। इसका कारण एंजाइना, हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर या हृदय की असामान्य धड़कनें हो सकती हैं, क्योंकि जब हृदय की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है तो वह उतनी मात्रा में रक्त पंप नहीं कर पाता, जितनी शरीर को आवश्यकता होती है। इसकी प्रतिक्रिया में शरीर जल्दी-जल्दी सांस लेता है ताकि शरीर के अंदर ज्यादा मात्रा में ऑक्सीजन आ सके।
– क्या करें : मोटापे के कारण सांस फूलने लगती है और हृदय पर दबाव भी बढ़ता है। अगर वजन अधिक है तो अपना वजन कम करें। संतुलित और पोषक भोजन का सेवन करें। शारीरिक रूप से सक्रिय रहें। अगर समस्या गंभीर है तो तुरंत जांच कराएं।
– कोलेस्ट्रॉल लेवल : ब्लड में कोलेस्ट्रॉल का स्तर सामान्य से अधिक होना हार्ट अटैक का प्रमुख कारण है। इसके कारण धीरे-धीरे रक्त वाहिनियों में फैट जमा होने लगता है, जो रक्त के प्रवाह को रोकता है। इससे हृदय रोगों की आशंका 35-40 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। धमनियों की खराबी के कारण हार्ट पेन होता है, जिसे एंजाइना कहते हैं। इससे हार्ट अटैक और कार्डिएक अरेस्ट का खतरा भी बढ़ जाता है।
– क्या करें : अपने खान-पान में फल, सब्जियों, साबुत अनाज और मछलियों को शामिल करें। शारीरिक रूप से सक्रिय रहें। नियमित अंतराल पर कोलेस्ट्रॉल के स्तर की जांच कराते रहें। कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए दी गई दवाइयां बिना डॉक्टर की सलाह के लेना बंद न करें।
– उच्च रक्तदाब : बीपी को नियंत्रण में रखना हृदय रोगों से बचने का एक कारगर तरीका है। हाई बीपी हृदय से संबंधित समस्याओं के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है, क्योंकि बीपी अधिक होने से हृदय को शरीर में रक्त को धकेलने में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। इससे हृदय का आकार बड़ा हो सकता है और धमनियों में वसा के जमा होने की आशंका बढ़ जाती है।
– क्या करें : अपने बीपी को कंट्रोल रखें। नमक का सेवन कम करें और अपनी दवाइयां ठीक समय पर लें। अनुशासित जीवनशैली का पालन करें, तनाव से बचें। नियमित योग और एक्सरसाइज करें।

– शुगर का लेवल : टाइप-1 और टाइप-2 दोनों ही डायबिटीज हृदय रोगों का खतरा बढ़ा देती हैं। रक्त में शुगर का अनियंत्रित स्तर रक्त नलिकाओं को संकरा बना देता है, जिसके कारण कोरोनरी आर्टरी डिजीज का खतरा बढ़ जाता है।

– क्या करें : शारीरिक सक्रियता एक्सट्रा शुगर को बर्न करने का सबसे अच्छा तरीका है, इसलिए लगातार बैठे न रहें। सप्ताह में पांच दिन कम से कम 30 मिनिट अपना मनपसंद वर्कआउट जरूर करें। सही डाइट और दवाइयां लेते रहें।

– छाती में दर्द होना : हृदय रोगों के कारण छाती में होने वाले दर्द को एंजाइना कहते हैं। एंजाइना तब होता है, जब हार्ट मसल्स को पर्याप्त ऑक्सीजन युक्त रक्त की आपूर्ति नहीं होती है। एंजाइना, कोरोनरी हार्ट डिजीज का एक संकेत है।

– क्या करें : अगर एंजाइना के लक्षण दिखें तो तुरंत हृदय रोग विशेषज्ञ से चेकअप कराएं।
छाती में बेचैनी और भारीपन महसूस होने पर।
छाती में दर्द के साथ अगर सांस फूले तो यह खतरे का संकेत है।
अगर बेतहाशा पसीना आने लगे।
अगर आपको लगातार चक्कर आएं तो इसे सिर्फ थकान या कमजोरी न मानें। अच्छा खाने और भरपूर सोने के बाद भी थकान महसूस हो तो इसे हल्के में न लें।
बांहों के सुन्न हो जाने पर।
बोलने में जबान लड़खड़ाना भी हार्ट अटैक का लक्षण हो सकता है।
हृदय की धड़कनें अनियंत्रित होने पर।
तुरंत करें ये उपाय

हार्ट अटैक में हृदय की मांसपेशियों को रक्त की आपूर्ति बाधित होने के बावजूद भी हृदय धड़कना बंद नहीं करता है, लेकिन कार्डिएक अरेस्ट में हार्ट बीट बंद हो जाती है। हार्ट अटैक या कार्डिएक अरेस्ट पर ट्रीटमेंट से पहले ये करें-
– हार्ट अटैक : मरीज को लेटा दें। टाइट कपड़ों को ढीला कर दें। एस्प्रिन(300 एमजी) चबाने को दें। मरीज की नाड़ी चेक करते रहें और तुरंत अस्पताल ले जाएं। अगर मरीज बेहोश होने लगे तो तुरंत सीपीआर शुरू कर दें।
– कार्डिएक अरेस्ट : कार्डिएक अरेस्ट आने पर तुरंत सीपीआर प्रारंभ कर दें, जब तक कि आपातकालीन चिकित्सीय सुविधा मरीज तक न पहुंचे। सीपीआर में छाती को जोर-जोर से दबाएं, कंप्रेशंस की दर 120/मिनट रखें। 2010 मे अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार सीपीआर में सीएबी (कंप्रेशन, एयरवे, ब्रीदिंग) को शामिल किया है। कंप्रेशन : रक्त संचरण पुनः स्थापित करने का प्रयास करें। एयरवे : श्वांस मार्ग को खोलें। ब्रीदिंग : पीड़ित के लिए सांस लें।
प्रस्तुति : शमीम खान
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