December 3, 2022

महाधमाका… 9 सैकंड में धूल में बदले भ्रष्टाचार की नींव पर बने ट्विन टावर

wp-header-logo-616.png

news website
नोएडा. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित सेक्टर 93ए में अवैध रूप से निर्मित बहुमंजिला आवासीय सोसाइटी सुपर टेक के ‘ट्विन टावर्स’ को रविवार को जमींदोज कर दिए गए। इम्प्लोजन तकनीक से किए ब्लास्ट में मात्र नौ सैकंड में 32 मंजिला दोनों ट्विन टावर धूल के गुबार में तब्दील हो गए। धूल का गुबार छटा तो वहां करीब 40फीट ऊंचा मलबे का ढेर नजर आया।
उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार भ्रष्टाचार की बुनियाद पर तामीर किए गए 32 मंजिला ट्विन टावर्स को नोएडा विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन की निगरानी के लिए रविवार को 2:30 बजे का समय तय किया गया था। घड़ी में ढाई बजते ही सायरन की तेज आवाज आई और अगले एक मिनट में रिमोट कंट्रोल से किए विस्फोट विस्फोट के बाद पल भर में ट्विन टावर ताश के पत्तों की तरह भरभरा कर जमींदोज हो गई।

विस्फोटक सामग्री को इस प्रकार से इस्तेमाल किया गया था कि इमारत में लगा कंक्रीट, धमाका होते ही धूल में तब्दील हो गया। इसके बाद पलक झपकते ही ट्विट टावर्स विशालकाय धुंए के गुबार में बदल गये। महज नौ सेकेंड के भीतर पूरी इमारत ध्वस्त हो गई और इसके मलबे से उठी धूल ने आसपास के 500 मीटर के इलाके को ढक लिया। धूल पर नियंत्रण के लिए आस-पास के इलाके में तत्काल टैंकरों से पानी का छिड़काव किया गया।

पास की इमारत के शीशे टूटे, कोई बड़ा नुकसान नहीं
ट्विन टावर को गिराने के लिए विस्फोट मेंआसपास की किसी इमारत को बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा। कुछ बिल्डिंग्स के शीशे टूटने और एक सोसाइटी की दीवारों में दरार आने की बात कही गई है। हालांकि नुकसान का सही आकलन सोसाइटी में रहने वाले परिवारों के लौटने के बाद ही हो सकेगा।
दो विशेषज्ञ कंपनियों से किया था करार
टावर गिराने का काम भारत की एडिफाइस और साउथ अफ्रीका की कंपनी जेट डिमोलिशन को दिया गया था। जेट कंपनी को मुश्किल डिमोलिशन के 5 अवॉर्ड मिले हैं। उसने जोहान्सबर्ग में 108 मीटर ऊंची बैंक आॅफ लिस्बन की बिल्डिंग, साउथ अफ्रीका में ही एक पावर स्टेशन और राजधानी प्रिटोरिया में घनी आबादी में बने 14 मंजिला ट्विन टावर गिराया था। एडिफाइस ने गुजरात का ओल्ड मोटेरा स्टेडियम गिराया था।
अवैध ट्विन टावर बनवाने वाले भ्रष्ट अधिकारियों की सूची भी तैयार
भ्रष्टाचार करके इस इमारत को बनवाने वाले गुनहगारों के खिलाफ अब जल्द एक्शन लिया जाएगा। उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी का कहना है कि भ्रष्टाचार में लिप्त सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है। इस सूची में 26 अधिकारी-कर्मचारी हैं, जिनमें कई तो रिटायर भी हो गए हैं।
अवस्थी ने कहा, सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश के बाद इन अवैध टावर को गिराया जा रहा है। ये साबित करता है कि कानून से कोई बच नहीं सकता। ये उन लोगों को सख्त संदेश देगा कि राज्य में अवैध काम को स्वीकार नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि नियमों को ताक पर रखकर बनाई गई इस गगनचुम्बी इमारत के निर्माण में नोएडा विकास प्राधिकरण के कर्मचारियों और बिल्डर की मिलीभगत की बात साबित हुई है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डेढ़ दशक पुराने इस मामले की गहन जांच कराई। सितम्बर 2021 में सीएम योगी के आदेश पर 4 सदस्यों की एक समिति गठित की गई। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर मामले में संलिप्त 26 अधिकारियों/कर्मचारियों, सुपरटैक लिमिटेड के निदेशक एवं उनके वास्तुविदों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। इस मामले में अक्टूबर 2021 में प्राधिकरण के संलिप्त अधिकारी, सुपरटैक लिमिटेड के निदेशक तथा आर्किटेक्ट के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।
 
 
Your email address will not be published. Required fields are marked *







This is the News Website by Chambal Sandesh
Rajasthan, Kota
THIS IS CHAMBAL SANDESH YOUR OWN NEWS WEBSITE

  • एजुकेशन
  • कर्नाटक
  • कोटा
  • गुजरात
  • Chambal Sandesh

    source

    About Post Author