August 8, 2022

हनुमानगढ़ में गोकशी को लेकर तनाव: कर्फ्यू-इंटरनेट बंद, पुलिस-ग्रामीणों में झड़प, आंसू गैस छोड़ी

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जयपुर। राजस्थान में अब कर्फ्यू लगाना और इंटरनेट बंद करना गहलोत सरकार के लिए आम बात हो गई है। प्रदर्शनकारियों पर या आंदोलन करने वालों को काबू करने के लिए अशोक गहलोत सरकार अचानक इलाके में कर्फ्यू लगा देते हैं और इंटरनेट बंद कर देती है। लेकिन उनको इस बात का अंदाजा नहीं है कि इससे आम जनता को कितना बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। इससे ऐसा करने से कितने लोग बेरोजगार हो रहे हैं। आज भी बड़ी संख्या में लोग ऐसे हैं जो दैनिक मजदूरी करके पैसे कमा कर अपना पेट भरते हैं। ऐसे लोगों के लिए कर्फ्यू और इंटरनेट बंद हो जाने के कारण काम नहीं मिल पाता है। अब प्रदेश के हनुमानगढ़ में अचानक कर्फ्यू और बड़े इलाकों में इंटरनेट बंद करने का मामला सामने आया है।
गांधीबड़ी और चिड़ियागांधी में कर्फ्यू इंटरनेट बंद
हनुमानगढ़ के गांव गांधीबड़ी और चिड़ियागांधी में गोकशी को लेकर लोग चार दिनों से लोग धरने पर बैठे थे। बुधवार को पुलिस ने धरना हटाने की कोशिश की तो माहौल फिर से तनावग्रस्त हो गया। पुलिस पर पत्थरबाजी की गई। जिसके बाद जिला कलेक्टर ने गांव गांधीबड़ी और चिड़यागांधी पंचायत क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया है।
40 लोग गिरफ्तार, 20 वाहन जब्त
हनुमानगढ़ के भादरा कस्बे में आज दूसरे दिन भी कर्फ्यू जारी है। आज कलक्टर और एसपी समेत अन्य पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी कैंप कर रहे हैं। विशेष तौर पर दो गांवों में जांच पड़ताल की जा रही है और एक पूर्व विधयक को नजरबंद कर दिया गया है। हरियाणा नंबर के बीस से भी ज्याद वाहन जब्त करने के साथ ही चालीस लोगों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। पूरा मामला ईद के दिन हुए कथित गौवध का है।
बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात
हनुमानगढ़ में गोकशी को लेकर शुरू हुआ विवाद और गहरा गया है। पुलिस और आंदोलनकारी ग्रामीणों में संघर्ष के बाद दो गांवों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। इंटरनेट बंदी के साथ पूरे एरिया में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है। संदिग्धों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
पथराव और लाठीचार्ज, आंसू गैस छोड़ी
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने गई तो प्रदर्शनकारियों और पुलिस की झड़प हो गई। जिसके बाद पत्थरबाजी भी की गई। पत्थरबाजी में भिरानी एसएचओ ओम प्रकाश सुथार के सिर में चोट आई। वहीं एएसपी सुरेश जांगिड़ और भादरा थाना प्रभारी रणवीर साईं सहित कई अन्य पुलिस कर्मियों के घायल हो गए। लाठीचार्ज में पुलिस और आंदोलनकारी घायल हुए हैं। पुलिस ने भीड़ को तीतर-बीतर करने के लिए आंसू गैस और बल प्रयोग किया।
एफएसएल में हुई थी गोकशी की पुष्टि
हनुमानगढ़ के चिड़ियागांधी में 10 जुलाई को ईद पर गोकशी का मामला सामने आया था। प्रशासन की ओर से दावा किया गया था कि गौ.हत्या नहीं हुई है। सैंपल लैब में भेजे गए तो एफएसएल रिपोर्ट में गोकशी की पुष्टि हुई। इस पर गांववालों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई। इसके बाद 21 जुलाई से ही क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।


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