February 8, 2023

Coronavirus And Flu: आप पहचान सकेंगे कोरोना और फ्लू के बीच का अंतर, यहां पढ़िए लक्षण

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Difference Between Coronavirus And Flu: मौसम में अचानक से आए बदलाव के कारण तापमान में गिरावट आई है। इसके चलते मौसमी बीमारियों का खतरा और ज्यादा बढ़ गया है। इस बीच कोरोना वायरस के नए वेरिएंट BF.7 ने भी दस्तक दे दी है। सर्दी की वजह से कई लोग फ्लू,खांसी-जुकाम जैसी बीमारियों का शिकार हो ही जाते हैं। वायरल फ्लू और कोविड दोनों ही बीमारियों के लक्षण काफी हद तक समान होते हैं, इसलिए यह जानना मुश्किल हो जाता है कि आप वायरल की चपेट में आए हैं या आपको कोरोना वायरस ने संक्रमित किया है। रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के मुताबिक फ्लू और कोरोना दोनों ही सांस के जरिये एक-दूसरे से फैलने वाले रोग हैं। कोविड-19 कोरोना वायरस या SARS-CoV-2 के संक्रमण के कारण होता है, जिसे पहली बार 2019 में पहचाना गया था। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की माने तो कोविड-19 फ्लू की तुलना में ज्यादा आसानी से फैलता है और कुछ लोगों में बहुत गंभीर या जानलेवा बीमारी का कारण बन सकता है।
फ्लू और कोविड के कौन से लक्षण हैं समान
डॉक्टरों के मुताबिक, कोविड के लक्षण आम तौर पर संपर्क में आने के 2 से 14 दिन बाद दिखाई देते हैं, वहीं फ्लू आमतौर पर वायरस के संपर्क में आने के लगभग 1 से 3 दिन बाद दिखाई देने लगता है।
जानिए दोनों में कौन से हैं समान संकेत
हाई बुखार
खांसी
सांस फूलना
थकान
गला खराब होना
बहती या भरी हुई नाक
मांसपेशियों में दर्द और शरीर में दर्द
लगातार सिरदर्द
उल्टी और दस्त
स्वाद या गंध में ना आना (हालांकि यह कोविड के साथ अधिक बार होता है)
फ्लू और कोविड दोनों के कुछ गंभीर लक्षण
न्यूमोनिया
सांस संबंधी कठिनाई
अंग विफलता
हार्ट अटैक
दिल या दिमाग की सूजन
झटका
आइये अब जानते हैं कोविड और फ्लू के बीच अंतर
– भले ही कोविड-19 और फ्लू दोनों में कई समानताएं हैं, लेकिन उनके कारण, जटिलताएं और उपचार पूरी तरह से अलग हैं।
– कोविड-19 लंबे समय तक ज्यादा संक्रामक होता है और फ्लू की तुलना में ज्यादा तेजी से फैलता है।
– भले ही कोविड-19 का कारण बनने वाले वायरस और फ्लू के वायरस को समान तरीकों से फैलता है, इसके अलावा कोविड-19 में फ्लू की तुलना में अधिक सुपरस्प्रेडिंग लक्षण होते हैं।
– फ्लू का ट्रीटमेंट कोविड के इलाज से अलग एंटी-वायरल दवाओं से होता है।
– डब्ल्यूएचओ के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक कोविड के 15 प्रतिशत मामले गंभीर हैं। गंभीर स्थिति में लोगों को सांस लेने के लिए वेंटिलेटर की जरूरत होती है। हालांकि, सीडीसी के जुलाई 2022 के आंकड़ों के मुताबिक कोविड-19 के लगभग 9 प्रतिशत मामले बहुत ज्यादा गंभीर थे।
– बता दें कि एक्सपर्ट छींक आने को कोरोना वायरस का लक्षण नहीं मानते हैं। ये लक्षण सिर्फ कोल्ड में ही होता है, जब तक आपको बुखार, खांसी, लॉस ऑफ टेस्ट या स्मैल के लक्षण ना दिखें तब तक कोरोना टेस्ट की जरूरत नहीं है।
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