August 14, 2022

Health Tips: अगर आप अपने बच्चे को बुखार होने पर देते है पेरासिटामॉल, इन बातों का रखें खास ख्याल

wp-header-logo-366.png

आजकल घरों में तेज बुखार आने पर लोग तुरंत मार्केट में मिलने वाली दवा पेरोसाटिमोल (Paracetamol) का सेवन कर लेते हैं। ज्यादातर मामलों में लोग डॉक्टर से सलाह किए बिना इस दवा का सेवन करने की भूल करते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक ये आपको बुखार से राहत, तो दे सकती है, लेकिन कभी-कभी इसका नुकसान भी झेलना पड़ सकता है। देखा गया है कि पेरेंट्स बच्चों को बुखार होने पर उन्हें इसी दवा का सेवन करवाते हैं।
बुखार आने पर बच्चा चिड़चिड़ा (Irritate) हो सकता है और उसे भूख न लगना, डिहाइड्रेशन जैसी हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती है। माना जाता है कि बच्चे के शरीर का तापमान अगर 100 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा हो, तो पेरासिटामोल (Paracetamol) को देना सुरक्षित होता है। वैसे इस दवा को देते समय पेरेंट्स को कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए।
• अगर बुखार इन्फेक्शन से हुआ है, तो यह तीन से पांच दिन तक रह सकता है, जब तक आपका बच्चा ठीक नहीं हो जाता। बुखार वापस आने पर खुराक ना बढ़ाएं। इससे बुखार कम नहीं होगा। इसके बजाय, पेरासिटामोल (Paracetamol) की अधिक मात्रा आपके बच्चे को नुकसान पहुंचा सकती है।
• बच्चे को पेरासिटामोल (Paracetamol) देने से पहले चिकित्सक की सलाह लें। तीन महीने के बच्चे को बिना परामर्श के दवा ना दें।
• ओरल ड्रग देने से पहले एक बार टेम्प्रेचर जरूर देख लें। यदि तापमान 100 डिग्री से कम है और बच्चा अभी भी गर्म है, तो पैरासिटामोल (Paracetamol) देने से बचें।
• इस बात का ध्यान रखें कि कहीं आपका बच्चा कोई अन्य दवा तो नहीं ले रहा है। दवाओं के ओवरडोज (Overdose) से बच्चे को नुकसान हो सकता है।
• पेरासिटामोल (Paracetamol) की खुराक भी आपके बच्चे के वजन और खुराक की ताकत के अनुसार दी जानी चाहिए। यदि आपके बच्चे का वजन कम है या 5 किलो से कम है तो उसे पेरासिटामोल देने से बचें।
• अगर बच्चे को पेरासिटामोल (Paracetamol) देने के तीन दिन बाद भी बुखार कम नहीं हो रहा है, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

© Copyrights 2021. All rights reserved.
Powered By Hocalwire

source

About Post Author