December 3, 2022

जालोर के बाद अब बाड़मेर के टीचर ने दलित छात्र को पीटा, बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती

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जयपुर। राजस्थान के स्कूलों में छात्रों के साथ टीचर द्वारा मारपीट के मामले एक के बाद एक सामने आ रहे है। प्रदेश के जालोर जिले के प्राइवेट स्कूल में मारपीट में दलित छात्र की मौत के बाद अब बाड़मेर में सरकारी स्कूल में दलित छात्र से मारपीट की गई। स्कूलों में टीचर्स को छात्रों से मारपीट नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद टीचर छात्रों के साथ लगातार मारपीट कर रहे हैं। ताजा मामला सरहदी बाड़मेर जिले के कोतवाली थाना इलाके के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नंबर-4 का है। यहां फिर छात्र के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि मारपीट में छात्र बेहोश हो गया। पुलिस टीचर से पूछताछ कर रही है।
टीचर में बुरी तरह की पिटाई
बताया जा रहा है कि जटियों का पुराना वास निवासी सुरेश कुमार जटिया का बेटा किशन कुमार राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नंबर-4 में सातवीं कक्षा में पढ़ता है। आरोप है कि बुधवार को स्कूल में टीचर अशोक माली टेस्ट रिपोर्ट में देरी करने से खफा हो गए। इस पर टीचर अशोक माली ने छात्र किशन कुमार के साथ बेरहमी से मारपीट की। किशन कुमार के सहपाठी एवं भाई देव कुमार के मुताबिक शिक्षक ने उसके भाई को बुरी तरह से पीटा जिससे वह बेहोश हो गया।
सूचना पर पुलिस पंहुची स्कूल
छात्र को होश में लाने के लिए उसके चेहरे पर पानी के छिटे मारे गए। इसके बाद उसे बाड़मेर अस्पताल लेकर आए। इतना ही नहीं टीचर ने देव कुमार की भी कॉपियां फाड़कर फेंक दी। घटना की जानकारी मिलने पर शहर कोतवाल गंगाराम पुलिस जाब्ता के साथ मौके पर पहुंचे और पीड़ित के बयान लेकर जांच शुरू कर दी है। शहर कोतवाल गंगाराम के मुताबिक टेस्ट रिपोर्ट कार्ड सबमिट करने में देरी होने से शिक्षक नाराज हो गया और उसने छात्र के साथ मारपीट की है। शिक्षक को बुलाकर पूछताछ की गई है। परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जालोर में हो गई थी छात्र की मौत
आपको बात दें कि प्रदेश के जालोर जिले में पिछले दिनों सायला थाना इलाके के सुराणा गांव में एक दलित छात्र नौ वर्षीय इन्द्र मेघवाल के साथ टीचर ने बुरी तरह से मारपीट की थी। इससे इन्द्र कुमार की तबीयत खराब हो गई थी। करीब 25 दिन बाद इन्द्र मेघवाल ने इलाज के दौरान अहमदाबाद में दम तोड़ दिया था। इस मामले को लेकर राजस्थान में सियासत खूब गरमायी थी।


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