November 28, 2022

एक आदेश या निर्णय न्यायपालिका को आंकने का आधार नहीं: रमना

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नई दिल्ला. उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एन.वी.रमना ने शुक्रवार को कहा कि भारत की न्यायपालिका को एक आदेश या निर्णय से परिभाषित या आंका नहीं जा सकता। मुख्य न्यायाधीश के तौर पर अपने कार्यकाल के अंतिम दिन औपचारिक पीठ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि समय के साथ विकसित हुई भारतीय न्यायपालिका कई चुनौतियों का सामना कर रही है।
लंबित मामलों के निपटान के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए व्यवस्था की कार्यप्रणाली में सुधार करना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों को हल करने की दिशा में आधुनिक तकनीक से युक्त अदालतें बनाने की आवश्यकता है।
न्यायमूर्ति रमना ने कहा कि भले ही हमने इस दिशा में आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्य से कोरोना के कारण हम अपेक्षा के अनुकूल सफलता नहीं पा सके। कोरोना के इस दौर में हमारी सबसे बड़ी चुनौती अदालत को चलाने की रही। उन्होंने कहा कि मुख्य न्यायाधीश के तौर पर उनके 16 महीनों के कार्यकाल में केवल 50 दिन ही पूर्ण रूप से मामलों की सुनवाई की जा सकी।
अपने अधीनस्थ वकीलों का आवश्यक मार्गदर्शन करें वरिष्ठ वकील
उन्होंने मामलों को सूचीबद्ध करने के मुद्दे पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पाने के लिए खेद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मैंने अपनी क्षमता के अनुरूप सर्वश्रेष्ठ कार्य करने का प्रयास किया। वकीलों और अदालत कर्मियों की कामकाज से संबंधित जरूरतों को पूरा करने की कोशिशें की। उन्होंने वरिष्ठ वकीलों को सलाह देते हुए कहा कि वह अपने अधीनस्थ वकीलों को आवश्यक मार्गदर्शन करें।
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