August 18, 2022

Health Tips: बच्चों में बढ़ रही लिवर की नई गंभीर बीमारी, जानें क्या है इसके लक्षण

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Health Tips: जहां एक ओर कोरोना वायरस (Corona Virus) अपने नए वैरिएंट के साथ बार-बार वापस लौट कर आ रहा है। वहीं दूसरी ओर बच्चों में तेजी से बढ़ रही लिवर की गंभीर बीमारी (Serious Liver Disease) ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। अचानक से दुनिया में बच्चे अचानक से हेपाटाइटिस (Hepatitis) से ग्रसित होने लगे हैं, और विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation) पेरेंट्स को इस बीमारी की चेतावनी दे रहा है। डब्ल्यूएचओ (WHO) के मुताबिक ये हेपाटाइटिस का कोई नया रूप है, जिसके बारे में एक्सपर्ट्स पता लगाने में जुट गए हैं।
क्या कहता है डब्ल्यूएचओ
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, 12 देशों में 169 मामलों का पता चला है। कम से कम एक बच्चे की मौत हो गई है, जबकि 17 को लीवर ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ी है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक 1 महीने की उम्र से लेकर 16 साल तक की उम्र के बच्चे लिवर की इस गंभीर बीमारी का शिकार हो रहे हैं। पहचाने गए मामलों में क्लीनिकल सिंड्रोम एक्यूट हेपेटाइटिस है जिसमें स्पष्ट रूप से हाई लिवर एंजाइम होता है। कई मामलों में गंभीर हेपेटाइटिस के साथ पेट दर्द, दस्त और उल्टी सहित गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लक्षणों पाए गए है, और लिवर एंजाइमों और पीलिया का लेवल बढ़ा हुआ पाया गया है। ज्यादातर मामलों में बुखार नहीं था। इनमें से किसी भी मामले में एक्यूट वायरल हेपेटाइटिस (हेपेटाइटिस वायरस ए, बी, सी, डी और ई) का कारण बनने वाले सामान्य वायरस का पता नहीं चला है। कम से कम 74 मामलों में एडेनोवायरस का पता चला है, और मॉलिक्यूलर टेस्टिंग की जानकारी वाले मामलों की संख्या में, 18 की पहचान एफ टाइप 41 के रूप में की गई है। 20 ऐसे मामले जिनका परीक्षण किया गया उनमें SARS-CoV-2 की पहचान की गई थी। इसके अलावा, 19 को SARS-CoV-2 और एडेनोवायरस के को-इंफेक्शन के साथ पाया गया।
हेपेटाइटिस के लक्षण
कहा जा रहा है कि इस बीमारी का सबसे ज्यादा खतरा 5 साल से कम उम्र वाले बच्चों को है। आम तौर पर हेपाटाइटिस से पीड़ित रोगियो में बुखार, थकान, भूख न लगना, मतली, उल्टी, पेट में दर्द, पेशाब में अधिक पीलापन, पीला या ग्रे कलर का मल, जोड़ों में दर्द और पीलिया जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
कैसे होगा कंट्रोल
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि इस गंभीर बीमारी को कंट्रोल करने के लिए बचाव के प्राथमिक तरीकों को अपनाना होगा। वहीं एक्सपर्ट्स कहते हैं कि बीमारी को गंभीरता से लें और हैंडवॉश और अपने हाइजीन का खास ख्याल रखने जैसी बातों पर ध्यान देने की जरूरत है। इसके कारण एडिनोवायरस जैसे कई कॉमन इंफेक्शन को फैलने से रोका जा सकता है। जिन बच्चों में हेपेटाइटिस के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, उन्हें स्कूल न भेजे और घर पर ही रखें। जब लक्षण दिखाई देना बंद हो जाए तो उसके 48 घंटो बाद सामान्य दिनचर्या पर लौटें।
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