July 1, 2022

Eye Care Tips: 40 के पार बढ़ जाता है आंखों की बीमारी का खतरा, बचाव के लिए कराते रहें रेग्युलर आइज चेकअप

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Eye Care Tips: अधिकतर लोग 40 की उम्र के बाद (40 plus age People) अपने स्वास्थ्य (Health) को लेकर अवेयर हो जाते हैं। अन्य हेल्थ प्रॉब्लम्स (Health Problems) के साथ ही आपको अपनी आंखों की भी नियमित देखभाल (Regular Eye Care) करना जरूरी है। अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल (Apollo Spectra Hospital) , दिल्ली (Delhi) के नेत्र रोग विशेषज्ञ (Ophthalmologist) डॉ. कार्तिकेय संगल (Dr. Kartikeya Sangal) का कहना है कि रेग्युलर आइज चेकअप (Regular Eyes Checkup) कराने से बढ़ती उम्र में होने वाली बीमारियों के बारे में शुरुआती चरण में ही पता चल जाता है। इससे समय रहते बीमारी का इलाज किया जा सकता है और आंखों की रोशनी को बचाए रखा जा सकता है। यहां हम आपको डॉक्टर की एडवाइस पर आधारित एज रिलेटेड कॉमन आइज डिजीज (Age Related Common Eyes Disease) जैसे-मोतियाबिंद यानी कैटरेक्ट, क्लाउडी विजन, एज रिलेटेड मैक्यूलर डिजनरेशन, डायबिटिक रेटिनोपैथी, ऑक्यूलर एलर्जी और ग्लूकोमा के बारे में बता रहें, जो 40 की उम्र पार करने के बाद किसी को भी हो सकती हैं।
क्लाउडी विजन (Cloudy Vision)
अगर आपकी उम्र चालीस वर्ष को पार कर चुकी है और आपको अपनी पसंदीदा किताब पढ़ने या टेलीविजन देखने में परेशानी होती है तो इसे क्लाउडी विजन कहते हैं। ऐसा आपको मोतियाबिंद यानी कैटरेक्ट की वजह से हो सकता है। दरअसल, उम्र बढ़ने पर अन्य अंगों की कार्यप्रणाली प्रभावित होने के साथ आंखों का लेंस भी अपारदर्शी होने लगता है।
पेरिफेरल विजन (Peripheral Vision)
कभी-कभी उम्र से संबंधित समस्याओं या किसी आंखों की बीमारी के कारण आपकी परिधीय दृष्टि यानी पेरिफेरल विजन को नुकसान पहुंचता है। पेरिफेरल विजन लॉस में आप चीजों को तब तक स्पष्ट तौर पर नहीं देख पाते हैं, जब तक इसे आपके सामने नहीं रखा जाता है।
डिफेक्टेड विजन (Defected Vision)
उम्र बढ़ने के साथ धब्बेदार अध: पतन यानी एज रिलेटेड मॉक्यूलर डिजेनरेशन (एएमडी) की समस्या होने पर अकसर लोगों द्वारा उपेक्षित कर दिया जाता है। इसे लेकर अवेयर रहना चाहिए क्योंकि बुजुर्ग लोगों में इसकी वजह से विजन लॉस भी हो सकता है।
डायबिटिक रेटिनोपैथी (Diabetic Retinopathy)
आप चालीस की उम्र पार कर चुके हैं और अगर आपको टाइप-1 या टाइप-2 डायबिटीज भी है तो डायबिटिक रेटिनोपैथी की जांच हर साल करवाना जरूरी है। क्योंकि हाई डायबिटीज के परिणामस्वरूप रेटिना डैमेज हो सकता है। इससे आपके विजन को बहुत नुकसान हो सकता है।
ओकुलर एलर्जी (Ocular Allergies)
बढ़ती उम्र में अगर आप रेडनेस, बेवजह आंसू आना, खुजली होने जैसी समस्याओं से पीड़ित हैं तो ऐसा ओकुलर एलर्जी के कारण हो सकता है। इसलिए ऐसे कोई भी लक्षण दिखने पर आइज स्पेशलिस्ट से संपर्क करना चाहिए।
प्रेसबायोपिया (Presbyopia)
40 की उम्र पार करने के बाद अगर पास की वस्तुएं स्पष्ट ना दिखें या देखने में परेशानी हो तो इस समस्या को प्रेसबायोपिया या उम्र संबंधी दूरदृष्टिदोष कहते हैं। इसलिए अगर आपको पढ़ने में परेशानी हो रही है तो बिना देर किए नेत्र रोग विशेषज्ञ के पास जाना चाहिए।
ऐसे रखें ध्यान
चालीस की उम्र पार करने के बाद नियमित रूप से आंखों की जांच करवाने के साथ ही हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना और हेल्दी-न्यूट्रीशस डाइट का सेवन करना भी जरूरी है। ताकि लंबे समय तक आंखों की दृष्टि अच्छी बनी रहे और दृष्टि संबंधित बीमारियों को होने से रोका जा सके। आंखों में दिखाई देने वाली असामान्यताएं, शरीर के अन्य हिस्सों में किसी समस्या का संकेत भी हो सकती हैं। ऐसे में आपको सावधान रहना होगा और अपनी आंखों की देखभाल करनी चाहिए।

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