December 3, 2022

World Pharmacist Day 2022: जानिए विश्व फार्मासिस्ट दिवस का इतिहास, 25 सितंबर को ही क्यों मनाते हैं ये महादिवस?

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जब हम स्वास्थ्य देखभाल (Health Care) क्षेत्र के बारे में बात करते हैं, तो इस क्षेत्र में वे सभी लोग शामिल होते हैं जो किसी न किसी रूप में हमारे स्वास्थ्य के लिए काम करते हैं। उसी तरह फार्मासिस्ट (Pharmacist) हैं जो हमारे स्वास्थ्य (Health) का ख्याल रखते हैं। अगर भारत की बात करें तो कुल पंजीकृत फार्मेसी (Registered Pharmacy) लगभग साढे पांच लाख के करीब है।
आपके घर के आस-पास कोई न कोई एक फार्मेसी जरूर होगी जिस पर आप पूरा भरोसा करते होंगे है। कई बार ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है कि आप डॉक्टर (Doctor) के पास नहीं जा पाते हैं लेकिन अपने नजदीकी फार्मेसी से कोई बेसिक इलाज की दवा जरूर लेकर आते हैं ताकि आपको उस एक बार के लिए राहत मिल सके। उनके इसी योगदान की सराहना करने के लिए विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाया जाता है।
ये है थीम
दुनियाभर में हर साल 25 सितंबर को फार्मासिस्ट दिवस (Pharmacist Day) के रूप में मनाया जाता है। जब लोग इस दिन के बारे में सुनते हैं, तो उनका पहला सवाल होता है कि यह दिन क्यों मनाया जाता है। और 25 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है? इन सभी सवालों का जवाब हम आपको बताने जा रहे हैं। हर साल इस दिन को एक थीम के साथ आयोजित किया जाता है और इस साल वर्ल्ड फार्मासिस्ट डे 2022 (World Pharmacist Day 2022) की थीम फार्मासिस्ट यूनाइटेड इन एक्शन फॉर ए हेल्दी वर्ल्ड के रूप में तय की गई है।
क्या है एफआईपी
विश्व फार्मासिस्ट दिवस का इतिहास और इसका महत्व जाने से पहले आपको यह जानना जरूरी है कि इंटरनेशनल फार्मास्युटिकल फेडरेशन (FIP) क्या है। इंटरनेशनल फार्मास्युटिकल फेडरेशन की स्थापना 25 सितंबर 1912 को हुई थी। इस फेडरेशन का आधिकारिक संबंध विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के साथ है। FIP का मुख्यालय द हेग, नीदरलैंड्स में है और इसका आदर्श वाक्य (MOTO) “दुनिया भर में फार्मेसी को आगे बढ़ाना” है। FIP की शुरुआत 19वीं शताब्दी में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल कांग्रेस की एक श्रृंखला के साथ हुई थी। 1910 में, 10 वीं अंतर्राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल कांग्रेस ने अंतर्राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल फेडरेशन (International Pharmaceutical Federation) की स्थापना का संकल्प लिया। इसके पहले अध्यक्ष इटली के प्रो. डॉ. लियोपोल्ड लीडेन विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे, और पहले महासचिव का पद हेग में फार्मासिस्ट डॉ. जे.जे. हॉफमैन को दिया गया था।
क्या है मकसद
वही इस दिन का उद्देश्य फार्मेसियों का ध्यान आकर्षित करना है। इस महासंघ में 127 सदस्य संगठन हैं। यह महासंघ लगभग 3 मिलियन डॉक्टरों और वैज्ञानिकों का प्रतिनिधित्व करता है। संस्थान का मिशन दुनिया भर में उचित, लागत प्रभावी, गुणवत्ता वाली दवाओं की बेहतर खोज, पहुंच, विकास और सुरक्षित उपयोग को सक्षम करने के लिए फार्मेसी अभ्यास (Pharmacy Practice) और विज्ञान को आगे बढ़ाकर वैश्विक स्वास्थ्य में सुधार करने में योगदान देना है।
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