August 8, 2022

Neeraj Chopra: बर्मिंघम में भाले से हिंदुस्तान का भला करेंगे गोल्डन बॉय, फिर होगा एंडरसन से मुकाबला

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ओलंपिक के गोल्डन बॉय (Olympic golden boy)भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में इतिहास रच दिया(created history in the World Athletics) है। उन्होंने 2003 के बाद भारत को इस चैम्पियनशिप में पहला मेडल दिलाया है। लेकिन चैम्पियनशिप के फाइनल में नीरिज ग्रेनेडा के एंडरसन से हार गय(Neeraj lost to Anderson) हैं इस कारण से नीरिज को सिल्वर से ही संतुष्ट होना पड़ा। परंतु अब उसी हार का गोल्ड ना जीत पाने के मलाल का नीरज बदला लेंगे(gold of the same defeat)। बता दें कि इसी महीने से शुरू हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में इन दोनो की फिर से टक्कर देखने को मिलेगी (Commonwealth Games starting from this month)।
7 अगस्त आमने सामने होेगे दोनो महारथी
कॉमनवेल्थ गेम्स में बर्मिंघम के एलेक्जेंडर स्टेडियम (Commonwealth Games)पर होने वाले मुकाबले में भाले के ये दोनों महारथी फिर से आमने सामने दिखेंगे(two javelin masters)। दोनों के बीच होने वाले इस मुकाबले (two has been fixed)की तारीख 7 अगस्त तय की गई है। इसके अलावा बात करें मुकाबलें कि तो वर्ल्ड चैंपियनशिप(competition that Neeraj Chopra)में नीरज चोपड़ा की शुरुआत बेहद खराब रही थी। उनका पहला प्रयास ही फाउल हो गया थ। इसके बाद वो कई थ्रोअर से पीछे छूट गए (he was left behind by many throwers)। दूसरी ओर एंडरसन पीटर्स ने 90 से ज्यादा मीटर की दूरी (Anderson Peters)अपने पहले ही प्रयास में नापकर उतना ही दमदार आगाज किया था(first attempt)।
दूसरे स्थान पर रहने के बावजूद नीरज इतिहास रचने में कामयाब रहे (Neeraj managed to create history)। वह भारत के पहले पुरुष (first male player)खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पदक हासिल किया है। ओवरऑल वह इस चैंपियनशिप में(win a medal in this championship) मेडल जीतने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी हैं।
नीरिज के इरादे कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को गोल्ड दिलाने पर
गौरतलब है कि वर्ल्ड चैंपियनशिप के (World Championship) खत्म होने के बाद नीरज चोपड़ा की नजर अब कॉमनवेल्थ गेम्स(Commonwealth Games) में भारत को गोल्ड दिलाने पर होगी(once again Anderson Peters) है। बताते चले उनके इस इरादे में एक बार फिर से ग्रेनेडा का एंडरसन पीटर्स ही रोड़ा बन सकते( become a hindrance in this intention) हैं। इस बार चोपड़ा को पीटरसन की उस चुनौती को तार-तार करना है, ताकि कॉमनवेल्थ गेम्स में हिंदुस्तान की झोली में गोल्ड मेडल डाल सकें। नीरज चोपड़ा ने इसके लिए दम अभी से भर दिया(Commonwealth Games. Neeraj Chopra) है।

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