February 6, 2023

कोरोना के नए वेरिएंट पर वैक्सीन कितनी असरदार? अगर बूस्टर डोज नहीं लगी तो संक्रमण का कितना खतरा, जानिए सबकुछ

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Corona Vaccine Effect On New Variant: चीन (China) में मच रही तबाही को देखते हुए दुनियाभर के तमाम देश कोरोना के इस नए वेरिएंट से बचाव को लेकर अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। जैसा कि हम सभी जानते हैं, कोरोना की पिछली लहरों पर विराम लगाने वाली कोई और चीज नहीं बल्कि कोरोना वैक्सीन थी। भारत में चलाये गए सफल टीकाकरण अभियान के कारण ही भारत में इस महामारी के जानलेवा आतंक पर रोक लग पायी थी। ऐसे में सवाल ये उठता है कि उस समय की कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) अब कितनी कारगर साबित होगी? जो लोग वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके हैं, वे कितना सुरक्षित हैं? क्या उन्हें बूस्टर डोज की जरूरत होगी? जिन्हें पहले कोरोना हो चुका है, उन्हें इस नए वेरिएंट से कितना खतरा है? आपके इन सभी सवालों का जवाब हम आज के इस आर्टिकल में देने वाले हैं, तो चलिए शुरू करते हैं…
कोरोना के नए वेरिएंट पर वैक्सीन कितनी असरदार?
विशेषज्ञों की माने तो जो लोग कोरोना की पिछली लहरों में संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं, बेशक उनमें कोरोना से लड़ने वाली एंटीबॉडी बनी होगी। लेकिन ये एंटीबाडी अब तक काफी हद तक कम हो गयी होगी। कारण है कि आप पूरी तरह इम्यून नहीं होंगे। लेकिन अगर आपने दोनों वैक्सीन के साथ बूस्टर डोज भी लगवाई है तो आपके अंदर थोड़ी-बहुत इम्यूनिटी होगी। विशेषज्ञों की माने तो अगर आपको एक बार कोविड हो चुका है तो उससे मिलने वाली इम्यूनिटी कई लोगों में जिंदगी भर भी रह सकती है। लेकिन ये बस कुछ ही रेयर मामलों की बात है, ऐसा हर इंसान में देखने को नहीं मिलेगा।
कोरोना वैक्सीन को लेकर हुई एक स्टडी से पता चलता है कि इन टीकों से मिलने वाली इम्युनिटी लॉन्ग टर्म नहीं है। इसलिए अगर आप सिर्फ वैक्सीन के भरोसे रहकर अपने आप को कोरोना से बचाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपको सावधान और सतर्क होने की जरुरत है। अगर आप कोरोना वैक्सीन लगवाने के साथ ही कोरोना गाइडलाइन्स का पालन नहीं करेंगे तो आप खुद को इस बीमारी की चपेट में आने से नहीं बचा सकते हैं। शरीर में एंटीबॉडी होने के बाद भी कई केस ऐसे आए हैं जो कोविड से प्रभावित हुए है। हालांकि, ऐसे लोगों की हालत ज्यादा सीरियस नहीं थी।
बूस्टर डोज नहीं लगवाने वालों को कोरोना से कितना खतरा?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि जिन्होंने बूस्टर डोज नहीं लगवाया है, वो लोग तुरंत जाकर लगवा लें। अभी भी बूस्टर डोज फ्री में लगाई जा रही है। जिस तरह कोविड के वापस आने दे खतरनाक संकेत दिख रहे हैं, ऐसे में आने वाले समय में बूस्टर डोज के लिए लाइन लगनी शुरू होना बहुत जाहिर सी बात है। कोरोना की दोनों वैक्सीन लगवाने के बाद अगर आप बूस्टर डोज लगवा लेंगे तो यह आपकी सेहत के लिए एक एडवांटेज ही साबित होगा। इसलिए बॉस्टर डोज लगवानी चाहिए,और लोगों को जल्द से जल्द वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करना चाहिए। इसके अलावा बुजुर्ग, एल्कोहोलिक और डायबिटिक पेशेंट जिन्होंने वैक्सीन नहीं लगवाई हैं, उन्हें हमेशा कोविड का रिस्क बना रहेगा। ऐसे लोगों को वैक्सीन लगवाना बहुत जरूरी है। कोविड के इंफेक्शन की सीरियसनेस अलग-अलग लोगों के लिए अलग होती है। बुजुर्ग, डायबिटीज पेशेंट या किसी तरह के अंदरूनी कैंसर से जूझ रहे लोगों में सीरियस इंफेक्शन होने की संभावना बनी रहती है।
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