August 9, 2022

सीएम ने फिर किया पायलट खेमे की बगावत का जिक्र, कहा- वरना यहां कोई और खड़ा होता

wp-header-logo-403.png

जयपुर। राजस्थान में कांग्रेस के सियासी संकट को दो साल का वक़्त होने चला है, लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अभी तक उस घटनाक्रम को भूल नहीं पाए हैं। दिल्ली में सचिन पायलट की सोनिया गांधी से मुलाक़ात के चार घंटे बाद ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर में एक बार फिर से उस सियासी बग़ावत की चर्चा छेड़ दी है। सीएम गहलोत ने सिविल ​सर्विसेज डे पर कल्चरल इवेंट में अफसरों के सामने पायलट खेमे की बगावत का जिक्र कर खूब तंज कसे।
‘आपकी दुआओं से बच गए वरना यहां कोई और खड़ा होता’
सीएम गहलोत ने कहा- मेरे दिल में क्या है, वह मैं जुबां पर ला रहा हूं। जो सियासी संकट हुआ था, तब 34 दिन हम होटल में रहे थे, तब मैं सुबह होटल से आता, कुछ ऑफिशियल काम करता, शाम को पॉलिटिकल एक्टिविटी करते, क्राइसिस मैनेजमेंट करते। क्राइसिस बड़ा था वो, आप सबकी दुआओं से बच गए। आज यहां खड़े हैं वरना यहां कोई और खड़ा होता। मेरा ही लिखा था, यहां खड़ा होना।
मैं लिखाकर लाया हूं, इसलिए तीसरी बार सीएम बना
मुख्यमंत्री ने यहां तक कहा कि राजस्थान की जनता का प्यार विश्वास है कि माली जाति से केवल एक ही विधायक होने के बावजूद भी तीसरी बार राजस्थान के मुख्यमंत्री बने हैं। वे राजस्थान में मुख्यमंत्री बनना लिखवा कर लाए हैं।
विधायकों को बाहर निकलते ही 10-10 करोड़ के ऑफर थे
सीएम ने कहा कि सियासी संकट के वक्त मैं रात को फिर होटल जाता। तब 11-12 बजे सब विधायक इंतजार कर रहे होते थे। सबको दिन भर यह चिंता लगी रहती थी कि सरकार रहेगी या नहीं रहेगी। मेरे साथ जो बैठे थे उन्हें कुछ नहीं मिल रहा था। बाहर निकलते ही उन्हें 10-10 करोड़ के ऑफर थे। मुझे गर्व है कि 34 दिन तक सारे विधायक लालच की परवाह किए बिना मेरे साथ बैठे रहे।


राजस्थान में कौनसा मुद्दा गहलोत सरकार की असफलता को प्रमाणित करता है ?

View Results


क्या गुर्जर आरक्षण पर गहलोत सरकार द्वारा पारित विधेयक पुराने आश्वासनों का नया पिटारा है ?

View Results
Enter your email address below to subscribe to our newsletter

source

About Post Author