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March 31, 2023

Knowledge News : जानिए अल्ट्रासाउंड के समय क्यों लगाते हैं शरीर पर जेल, नहीं लगाया तो क्या होगा?

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Ultrasound Gel : आपमें से बहुत से लोगों ने कभी न कभी अपने जीवन में एक न एक बार तो अल्ट्रासाउंड करवाया ही होगा। अगर किसी ने नहीं करवाया तो उसके घर में किसी का हुआ होगा। जिसने अल्ट्रासाउंड कराया है वो यह बहुत अच्छे से जानते हैं कि अल्ट्रासाउंड करने से पहले डॉक्टर पेट पर एक अजीब सा चिपचिपा जेल लगाते हैं। क्या आप यह जानते हैं कि ऐसा क्यों किया जाता है और इस जेल का काम क्या होता है। साथ ही अगर यह नहीं लगाया गया तो क्या होगा। आप अगर इस बारे में नहीं जानते तो चलिए आज हम आपको अपने इस आर्टिकल में इसके बारे में कुछ ऐसे ही सवालों के जवाब देते हैं।
क्यों लगाया जाता है जेल
सबसे पहले तो हम आपको बता दें कि Ultrasound करते समय डॉक्टर सोनार और रेडियो तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। इसकी वजह से अल्ट्रासाउंड मशीन आपके शरीर के अंदरूनी हिस्सों की लाइव तस्वीर बना कर देता है। अब सवाल यह उठता है कि आखिरकार अल्ट्रासाउंड करते समय शरीर पर चिपचिपा जेल क्यों लगाया जाता है। इस बारे में कुछ एक्सपर्ट का कहना है कि ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि अगर डॉक्टर अल्ट्रासाउंड स्कैन करते समय इस तरह के जेल का इस्तेमाल नहीं करेंगे तो पेशेंट की स्किन और Ultrasound मशीन की प्रोब के बीच एयर आ जाएगी। ऐसे में उसकी वजह से रेडियो और सोनार तरंगों को ट्रैवल करने में दिक्कत होगी। यानी Ultrasound मशीन जो आपके शरीर के अंदर के हिस्सों की लाइव इमेज बनाती है, वह सही से नहीं बन पाएंगी। क्योंकि फिर इस मशीन की तरंगों और आपके स्किन के बीच हवा आ जाएगी। यही कारण है कि अल्ट्रासाउंड करते समय डॉक्टर हमेशा जेल का इस्तेमाल करते हैं।
किस चीज का बना होता है जेल
अब सवाल यह आता है कि अल्ट्रासाउंड के दौरान इस्तेमाल होने वाला यह जेल बनता किस चीज से है। तो हम आपको बता दें कि यह जेल मुख्य रूप से पानी और प्रोपिलीन ग्लाइकोल से बना होता है। इसका मतलब यह है कि यह आपकी सेहत के लिए बिल्कुल भी हानिकारक नहीं है। वहीं इस बारे में कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह पूरी तरह से नॉनटॉक्सिक होता है। इसमें किसी भी तरह का विषैला पदार्थ का इस्तेमाल नहीं होता। यही वजह है कि यह हर तरह के स्किन के लिए बिल्कुल सुरक्षित है।
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