November 27, 2022

Winter Health Care: सर्दियों से बचने का आयुर्वेदिक इलाज, इन जड़ी-बूटियों से पाएं सर्दी-जुकाम में इंस्टेंट राहत

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Winter Health Care Tips: सर्दियों के मौसम (Winter Season) में कोल्ड और फ्लू (Cold And Flu) जैसी बीमारियों का फैलना बहुत ही आम सी बात है। इस मौसम में कॉमन कोल्ड से निपटना बहुत ही मुश्किल हो सकता है और आपकी इम्युनिटी को अस्थायी रूप से कम कर सकता है। ऐसे में आपको सर्दियों के इस कहर से बचने के लिए आयुर्वेद का सहारा लेना चाहिए। ऐसी कई हर्बल दवाएं हैं, जिन्हें आप सर्दी-जुकाम के इलाज में मदद के लिए अपने आहार में शामिल कर सकते हैं। इन जड़ी-बूटियों में से कई का इस्तेमाल बेचैनी को दूर करने और गले की खराश को दूर करने के लिए किया जा सकता है।
सर्दियों के दौरान आपको सुरक्षित रखने के लिए यह जड़ी-बूटियां बहुत असरदार हैं:-
1. तुलसी
हिन्दू धर्म में पवित्र तुलसी को माता की तरह पूजा जाता है। तुलसी के कुछ पत्तों का सेवन आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। तुलसी लंबे समय से सर्दियों के मौसम में घरेलू उपचारों के इस्तेमाल में लाई जाती रही है। जर्नल ऑफ आयुर्वेद एंड इंटीग्रेटिव मेडिसिन में प्रकाशित 2014 के एक अध्ययन के अनुसार, तुलसी में एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल, एंटीफंगल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं।
2. सपिस्तान
सपिस्तान जिसे बहुवार के नाम से भी जाना जाता है। यह एक यूनानी चिकित्सा का एक महत्वपूर्ण घटक है। इसका उपयोग सामान्य सर्दी और खांसी के साथ सांस संबंधी स्थितियों के इलाज के लिए किया जाता है। इसके साथ ही आईओएसआर जर्नल ऑफ फार्मेसी के जून 2016 की एक रिपोर्ट में पता चला है कि इस जड़ी बूटी में एंटी बैक्टीरियल, एंटी इंफ्लेमेटरी और दर्द निवारक गुण भी होते हैं, जो इसे सर्दियों का आदर्श साथी बनाते हैं।
3. अमलतास
‘गोल्डन शावर’ या लेबर्नम के पेड़ आपके शहर की सड़कों के किनारे देखे होंगे। भले ही आपने इस पेड़ को जड़ी-बूटी के रूप में न देखा हो, लेकिन इन पौधों के बीज और फूल भी आपके स्वास्थ्य के लिए अविश्वसनीय रूप से फायदेमंद होते हैं। इसके अलावा, भारत के राष्ट्रीय स्वास्थ्य पोर्टल की रिपोर्ट कहती है कि अमलतास का अर्क बुखार को कम करने, गले की परेशानी को शांत करने और सूजन को कम करने में सहायता कर सकते हैं।
4. मुलेठी
मुलेठी आपके गले की खराश को दूर कर सकती है, लेकिन इसके कई अन्य उपयोग भी हैं। मुलेठी में दो रासायनिक घटक होते हैं, जो एंटीवायरल एजेंट के रूप में कार्य करते हैं। 2015 के एक अध्ययन के अनुसार जो सहकर्मी-समीक्षा पत्रिका एक्टा फार्मास्यूटिका सिनिका बी (एपीएसबी) में लिखा गया था। मुलेठी में शरीर के अंदर संक्रमण को फैलने से रोकने की क्षमता होती है।
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