January 31, 2023

मीरा राजपूत खूबसूरती के लिए नाभि में इस्तेमाल करती है यह चीज, फायदे पढ़ आप भी करेंगे यूज

wp-header-logo-327.png

Mira Rajput Beauty Routine: बॉलीवुड (Bollywood) के जबरदस्त एक्टर शाहिद कपूर (Shahid Kpoor) की पत्नी मीरा राजपूत (Mira Rajput) अपनी खूबसूरती और फिटनेस से अपने फैंस को चौंकाने में कोई कसर नहीं छोड़ती हैं। मीरा दो क्यूट बच्चों की मां हैं, लेकिन उन्होंने अपने आपको बहुत ही अच्छे से मेंटेन किया हुआ है। उनकी दिलकश आदाओं से लेकर उनकी ग्लोइंग स्किन तक हर चीज के लिए मीरा के पास ब्यूटी सीक्रेट्स का खजाना है। उनका इंस्टाग्राम पेज ऐसी महिलाओं के लिए बहुत मददगार साबित हो सकता है, जो अपने रोजमर्रा के लाइफस्‍टाइल और स्किन केयर प्रॉब्‍लम्‍स के लिए कुछ नेचुरल या हर्बल नुस्खे अपनाना चाहती हैं। मीरा के पास बहुत ही आसान और बेहतरीन स्किनकेयर रिजीम है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि उनकी स्किन हमेशा शीशे की तरह ग्लो करती है।
मीरा राजपूत ऐसे रखती हैं अपनी खूबसूरती का ख्याल
हाल ही में उन्‍होंने अपनी इंस्‍टाग्राम स्‍टोरी के जरिये अपने फैंस को तिल के तेल को नाभि और तलवों में लगाने की सलाह दी है। मीरा ने अपनी स्किन केयर रुटीन में तिल के तेल के लिए अपने प्यार और विश्वास के बारे में बात करते हुए कहा, “तिल का तेल शरीर में फैले असंतुलन को शांत करने वाला होता है। यह शरीर में आंतरिक और बाहरी ड्राईनेस को कम करता है। साथ ही, नींद की परेशानी में मदद करता है। उन्‍होंने आगे कहा कि वह अपने बेली बटन और पैरों के तलवों पर तेल लगाती हैं क्योंकि यह दोनों ही जगहें नर्व एंडिंग पर फोकस करती हैं।’
बता दें कि तिल का तेल कुछ नॉन-कॉमेडोजेनिक तेलों (non-comedogenic oils) में से एक है, इसलिए इसे आसानी से स्किनकेयर रुटीन में शामिल किया जा सकता है, भले ही आपकी स्किन एक्‍ने प्रॉन क्यों ना हो। असल में तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी (anti-inflammatory) गुण होते हैं। इसमें मुंहासे (acne) और लालिमा (redness) से लड़ने में मदद करते हैं। आइए अब बिना वक्त बर्बाद किए देखते हैं, तिल के तेल के फायदे और साथ ही जानेंगे तिल का तेल नाभि में लगाने से हमें क्‍या-क्‍या लाभ होते हैं। स्किनकेयर के अलावा, तिल का तेल आपके बालों के लिए भी बहुत अच्छा है क्योंकि यह एक नरम है और एक मॉइश्चराइजर की तरह काम करता है।
नाभि में तेल डालने के फायदे
नाभि को अक्सर शरीर के गैर-कार्यात्मक अंग (non-functional part) के रूप में देखा जाता है। ये काफी हद तक हेल्‍थ ठीक करने वाली बीमारियों में सुधार करने में मदद कर सकती है। बता दें कि नाभि कई नसों से जुड़ी होती है, इसलिए इसमें ब्लड सर्कुलेशन बहुत अच्छा होता है। इस तरह से शरीर में प्रवेश करने वाली कोई भी चीज ब्‍लडस्‍ट्रीम में जल्दी पहुंच जाती है।
नाभि में कई तरह के तेलों का इस्तेमाल करने की सलाह आयुर्वेद में दी जाती है। नाभि पर तेल लगाने की इस प्रक्रिया को हीलिंग थेरेपी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इन तेलों में सरसों का तेल, जैतून का तेल, तिल का तेल और नारियल का तेल शामिल है। नाभि में तिल का तेल लगाने से नसों में ब्‍लड का फ्लो बढ़ता है। यह हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक उपाय है।
नाभि में तिल के तेल के फायदे
तिल का तेल एक प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट है और लंबे समय से एक शक्तिशाली हीलिंग एजेंट के रूप में उपयोग किया जाता रहा है। इसमें एंटीबैक्‍टीरियल, एंटीवायरल और साथ ही संभावित एंटी-इंफ्लेमेटरी (anti-inflammatory) गुण होते हैं। आयुर्वेद में ज्यादा लाभ के लिए नाभि में तिल के तेल का इस्तेमाल करने की बात कही है। नाभि में तिल का तेल लगाने से जुड़े लाभ:-
नर्वस सिस्‍टम
आयुर्वेद के मुताबिक तिल का तेल वात दोष को संतुलित करता है। वात दोष शरीर में असंतुलन, नींद में गड़बड़ी और बेचैनी से जुड़ा है। तिल का तेल इस दोष को संतुलित करके नर्वस सिस्‍टम को बहुत जल्द आराम पहुंचता है। इसके साथ ही यह शरीर को गर्माहट और पोषण भी देता है।
डाइजेशन के लिए असरदार
तिल का तेल हेल्‍दी डाइजेशन को बढ़ाने के लिए एक शक्तिशाली एजेंट के रूप में काम करता है। यह बैक्टीरिया के इंफेक्‍शन और पेट के संक्रमण के इलाज में भी सहायक है। यह कब्ज दूर करने में मदद करता है। नाभि में तिल का तेल लगाने से भी डाइजेशन में सुधार होता है।
ग्‍लोइंग त्वचा
तिल का तेल चेहरे की वाहिकाओं (vessels) में ब्‍लड सर्कुलेशन (Blood circulation) को बेहतर बनाता है। यह स्किन को नेचुरल ग्‍लो देता है। साथ ही तिल के तेल के एंटी-बैक्‍टीरियल (anti-bacterial) गुण मुंहासों और फुंसियों से लड़ने में फायदेमंद होते हैं। यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट भी है और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने के लिए जाना जाता है।
© Copyrights 2021. All rights reserved.
Powered By Hocalwire

source

About Post Author