May 21, 2022

Health Tips: गुणों से भरपूर है मुलेठी, यहां पढ़िए इसके फायदे

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Health Tips: बच्चों को खांसी में दी जाने वाली मुलेठी (Mulethi), हमेशा से दादी-नानी के घरेलु नुस्खों में शामिल रही है। कोरोना काल (Corona Times) में एक बार फिर से लोगों की इस गुणों की खान मुलेठी (Liquorice) से पहचान हो रही है। मुलेठी यूरोप और एशिया के देशों में बारहमासी इस्तेमाल की जाने वाली एक जड़ी- बूटी है, जिसका इस्तेमाल आयुर्वेद (Ayurveda) और चीन की मेडिकल साइंस (Chinese Medical Science) द्वारा किया जाता रहा है। आज की अपनी इस स्टोरी में हम आपको मुलेठी के गुणों (Benefits Of Mulethi) से अवगत कराएंगे…
मुलेठी का रोजाना इस्तेमाल इम्युनिटी बढ़ाने के लिए जाना जाता है। पौधे की 10 ग्राम सूखी जड़ों को क्रश कर के आप 200 ग्राम चायपत्ती में मिलाकर डेली चाय में पी सकते हैं।
मुलेठी की जड़ में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट ब्लड वेसेल्स को पतला करने, धमनियों और नसों में फैट जमा होने से और ब्लड में फैट की मात्रा को नियंत्रित करने में कारगर है। इसके फायदे पाने के लिए रोजाना मुलेठी की चाय पिएं। इस मिश्रण को तैयार करने के लिए 10 ग्राम सूखे जड़ को 300 मिलीलीटर गर्म पानी में 15 मिनट तक उबालें।
गठिया के रोगियों के लिए ये काफी फायदेमंद होती है। इसमें मौजूद एंटी ऑक्सिडेंट और एंटीबायोटिक गुण जोड़ों में होने वाले दर्द और सूजन को कम करते हैं।
मुलेठी को चबाने से गले की पुरानी खराश दूर हो जाती है। इसके एक्सपेक्टोरेंट और ब्रोन्कोडायलेटर गुण काली खांसी, अस्थमा, सूखी खांसी और ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियों में भी मदद करते हैं। अस्थमा और ब्रोन्कियल की समस्या को कम करने के लिए मुलेठी की चाय में आधा चम्मच अदरक का रस मिलाकर पिएं। वहीं सर्दी दूर करने के लिए एक कप उबलते पानी में 1 चम्मच अदरक, दालचीनी और मुलेठी का पाउडर मिला लें, इसमें शहद मिलाएं और इस मिश्रण को दिन में 1-2 बार पिएं।
मुलेठी पीसीओडी (PCOD) से पीड़ित महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन लेवल को कम करता है, जिसे गर्भधारण करने के उनके चांस बढ़ जाते हैं। इसके साथ ही एस्ट्रोजेन और एंटी- स्पासमोडिक गुण पीरियड्स में होने वाले दर्द का बेहतरीन इलाज है। मुलेठी की चाय एक हारमोन रेगुलेटर के रूप में भी काम करती है।
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