August 18, 2022

मशहूर सिंगर भूपिंदर सिंह का निधन, 'नाम गुम जाएगा…' से लेकर वो टॉप नगमे जो हमेशा रहेंगे याद

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मशहूर सिंगर भूपिंदर सिंह (Bhupinder Singh) का 82 साल की उम्र में निधन हो गया। यह जानकारी उनकी पत्नी और सिंगर मिताली ने दी। मिताली ने बताया कि 18 जुलाई की शाम भूपिंदर सिंह ने मुंबई में अंतिम सांस ली। रिपोर्ट्स के मुताबिक सिंगर की मौत पेट में कैंसर होने की वजह से हुई है। लीजेंडरी सिंगर के जाने के बाद म्यूजिक इंडस्ट्री में मातम छाया हुआ है। भूपिंदर सिंह ने मौसम (Mausam), सत्ते पे सत्ता (Satte Pe Satta), आहिस्ता-आहिस्ता ( Ahista-Ahista) दूरियां और हकीकत संग जैसी कई फिल्मों के गानों को अपनी आवाज दी है। उनके पॉपुलर सांग्स ‘मेरा रंग दे बसंती चोल’, ‘प्यार हम किस मोड़ पर ले आया’, ‘हुजूर इस कदर’, ‘एक अकेला इस शहर में’, नाम गम जाएगा’, ‘बीती ना बिताई रैना’ शामिल है।
भूपिंदर सिंह बॉलीवुड के पार्श्व गायक होने के साथ-साथ गजल गायक भी थे। उनका जन्म 6 जनवरी 1940 को अमृतसर, पंजाब में हुआ था। उनके पिता प्रोफेसर नाथ सिंह एक ट्रेंडिंग सिंगर थे। अपनी पिता की वजह से भूपिंदर एक मशहूर गायक बन सके। भूपिंदर सिंह ने 1980 के दशक के मध्य में मिताली मुखर्जी से शादी की। मिताली बांग्लादेश की एक गायिका हैं। कपल ने साथ कई गजलें गाईं और लाइव परफॉर्म किया। दोनों का एक बेटा निहाल सिंह है। वह एक महान संगीतकार भी हैं। आइये सुनते हैं इस मशहूर गायक के वो 5 नगमे जो हमेशा रहेंगे याद।
नाम गुम जाएगा (Naam Gum Jaayegaa)
होठों पे ऐसी बात (Hothon Pe Aisi Baat)
हुजूर इस कदर भी (Huzoor Is Kadar Bhi)

दिल ढूंढता है (Dil Dhoondta Hai)
थोड़ी सी जमीन थोड़ा आसमान (Thodi Si Zameen Thoda Aasman)

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