December 3, 2022

दलित छात्र मर्डर केस: राजेन्द्र गुढ़ा ने दी गहलोत सरकार को ये धमकी, कई मंत्रियों ने की इस्तीफे की पेशकश

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जयपुर। जालोर में दलित छात्र की टीचर की पिटाई से हुई मौत के मामले को लेकर अशोक गहलोत की सरकार को अपनों ने ही घेर लिया है। इस मामले को लेकर गहलोत सरकार के मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा ने बड़ा बयान देते हुये कहा है कि अगर सरकार ने दलित बच्चे को न्याय नहीं दिलाया तो बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए सभी छह विधायक अपना समर्थन सरकार से वापस ले लेंगे। फिर चाहे हमारी विधानसभा की सदस्यता ही क्यों न चली जाए। उन्होंने कहा कि घटना में जो भी दोषी है उसे सरेआम फांसी पर लटकाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार को आंख दिखाने वालों में उनकी ही पार्टी के साथी विधायकों के साथ समर्थन देने वाले विधायक भी शामिल हैं।
विपक्ष के साथ अपनों से घिरी कांग्रेस सरकार
मंत्री गुढ़ा का कहना है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले की सुनवाई करवाकर एक माह में फैसला होकर निर्णय करवाया जाना चाहिए। किसी भी विधानसभा क्षेत्र से ज्यादा मेरे विधानसभा क्षेत्र में दलित अधिकारी मेरे साथ कार्यरत हैं। गुढ़ा ने ये बयान ऐसे समय में दिया है जब सरकार इस मामले में पहले से ही विपक्ष के साथ-साथ अपनों से घिरी हुई है। वहीं बसपा भी इस केस को लेकर सरकार पर हमलावर हो रही है।
पानाचन्द मेघवाल ने दिया इस्तीफा
सरकार पर दबाव बनाने के लिए इस्तीफे की पेशकश देना अब नेताओं का नया शगल बनता दिख रहा है। सत्ताधारी पार्टी के बारां के अटरू से विधायक पानाचंद मेघवाल ने इस घटना से आहत होकर पार्टी को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अपना इस्तीफा भेज दिया है। देश प्रदेश के सिस्टम को कटघरे में खड़ा करते हुए दलित कांग्रेस विधायक पानाचंद मेघवाल ने यह लिखित इस्तीफा सीएम को भेजा है। उन्होंने अपने पत्र में साफ लिखा है कि प्रदेश में दलित और वंचित वर्ग पर लगातार हो रहे अत्याचारों हो रहे हैं। पानाचंद ने कहना है कि ऐसी घटनाओं से मेरा मन काफी आहत है। मेरा समाज आज जिस प्रकार की यातनाएं झेल रहा है। उसका दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
कई मंत्रियों ने की इस्तीफे की पेशकश
हालांकि, पानाचंद मेघवाल इस सरकार में इस्तीफे की पेशकश करने वाले पहले विधायक नहीं हैं। इससे पहले दो मंत्रियों के साथ ही कुछ अन्य विधायक भी कभी इस्तीफ़े की पेशकश तो कभी अपने आचरण से इस तरह के संकेत देते हुए सरकार और उसके मुखिया को दबाव में लाने की कोशिश करते दिखे हैं।
अशोक चांदना, लालचन्द, गणेश घोघरा का भी नाम शामिल
इससे पहले खेल मंत्री अशोक चांदना, कृषि मंत्री लालचन्द कटारिया इस्तीफ़े की पेशकश कर चुके हैं। इतना ही नहीं यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष और विधायक गणेश घोघरा भी इसी राह पर पिछले दिनों दिखे थे। इससे पहले मन्त्री हेमाराम चौधरी भी विधायक रहते हुए अपने क्षेत्र के विकास के मुद्दों पर नाराज़गी जताते हुए विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को इस्तीफ़ा भेज चुके थे।
पिटाई के बाद छात्र की हो गई थी मौत
आपको बता दें कि जालोर के सायला थाना इलाके के सुराणा गांव में दलित छात्र इन्द्र मेघवाल की बीते शनिवार को इलाज के दौरान अहमदाबाद में मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि छात्र इन्द्र की गत 20 जुलाई को सुराणा गांव की प्राइवेट स्कूल के टीचर छैल सिंह ने पिटाई की थी। इससे छात्र की तबीयत खराब हो गई थी। करीब 25 दिन के इलाज के बाद इन्द्र ने बीते शनिवार इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।


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