December 3, 2022

शिकरावा गांव की गलियों से लेकर भारतीय क्रिकेट टीम में सिलेक्शन तक, ऐसा रहा Run baaz Shahbaz का सफर

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शहबाज अहमद
हरियाणा के ऑलराउंडर (Haryana all-rounder) शहबाज अहमद जिम्बाब्वे के खिलाफ 18 अगस्त से शुरू हो रही (Team India in the three-match)तीन वनडे मैचों की सीरीज में टीम इंडिया का हिस्सा होंगे। बता दें कि उन्हें वॉशिंगटन सुंदर की जगह टीम में शामिल किया गया है। जैसे ही शहबाज अहमद के चयन की खबर हरियाणा के सबसे पिछड़े नूंह (Haryana)जिला के लोगों को लगी तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लोगों ने मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया। तो सोशल मीडिया पर शहबाज अहमद के चयन की धूम देखने को मिलने लगी। शिकरावा गांव के शहबाज अहमद के चयन से उनके परिजन ही नहीं बल्कि इलाके के लाखों लोग खुशी से झूम रहे हैं। बस अब तो उस दिन का इंतजार है जब यह मेवात का लाडला प्लेइंग XI का हिस्सा होगें।
वाशिंगटन सुंदर के चोटिल होने के बने टीम का हिस्सा
जिंबाब्वे दौरे के लिए चैन की गई टीम में खिलाड़ी वाशिंगटन सुंदर के चोटिल होने के बाद हरफनमौला शहबाज अहमद को टीम का हिस्सा बनाया गया है। अब उसे अच्छा प्रदर्शन कर अपने आप को साबित करना है ताकि यह युवा लंबे समय तक भारतीय टीम का हिस्सा बन सके और इलाके के लोग अपने इस लाडले पर हमेशा गर्व करते रहे। मेवात जिले के लोगों ने चयनकर्ताओं का दिल से आभार व्यक्त किया है। शहबाज अहमद आज ही जिंबाब्वे के लिए रवाना हो चुके हैं। शहबाज अहमद ने पिछले कई आईपीएल सीजन में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। जिसकी बदौलत उसका भारतीय टीम में खेलने का सपना साकार होता दिख रहा है।
पद चिन्हों पर पले बढ़े शहबाज अहमद
आपको बताते हैं कि शहबाज अहमद 11 दिसंबर 1994 को शिकरावा गांव में अहमद जान के घर में जन्मे। शहबाज अहमद के दादा मोहम्मद हाजी इशहाक भी क्रिकेट के बहुत बड़े फैन हैं। कई दशक पहले अध्यापक होते हुए भी वह क्रिकेट मैच की कमेंट्री सुनना नहीं भूलते थे । रेडियो को बगल में दबाकर ले जाते थे और उस समय सिर्फ टेस्ट मैच खेले जाते थे। जिनकी कमेंट्री सुनने में उन्हें बेहद आनंद आता था। दादा के इस लगाव के बाद शहबाज अहमद क्रिकेटर के चाचा एवं कोच मोहम्मद फारूक अध्यापक ने इलाके में क्रिकेट खेल कर खूब नाम कमाया। उन्हीं के पद चिन्हों पर पले बढ़े शहबाज अहमद तो उससे भी कई कदम आगे निकल गए। इसके अलावा शहबाज अहमद के दो भाई बहन हैं। उनकी छोटी बहन डॉक्टर फरहीन बीएमएस कर चुकी है।
बचपन से ही शहबाज को क्रिकेट के बारे में था ज्ञान
परिजनों ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि तीन – चार साल की उम्र में ही शहबाज अहमद को क्रिकेट के बारे में ज्ञान था। उनके नाना पूर्व बीडीपीओ नूर मोहम्मद सिंगलहेड़ी से भी उन्हें क्रिकेट के गुरु मिले । जब शहबाज अहमद तीसरी कक्षा में पढ़ते थे। क्रिकेट के बारे में वह माहिर हो चुके थे । पिता और चाचा उनको गेंदबाजी करते थे , उस समय भी वे चाचा – पिता पर भारी पड़ते थे और कई घंटे आउट नहीं होते थे। इसके बाद शहबाज ने पीछे मुड़कर नहीं देखा , न केवल विजय हजारे ट्रॉफी तथा मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनके प्रदर्शन की तारीफ चारों तरफ होने लगी बल्कि पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली एवं कलाई के जादूगर मशहूर क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण की नजर उभरते हुए सितारे पर पड़ी तो शहबाज अहमद को वर्ष 2017 में बंगाल क्रिकेट टीम अंडर 23 वर्ष का सदस्य चुना गया।
अहमद ने एक के बाद एक बेहतरीन क्रिकेट खेली। जिसके बाद वर्ष 2018 में उन्हें बंगाल की तरफ से रणजी मैच खेलने का अवसर मिला। अहमद ने ताबड़तोड़ सेंचुरी मारी। आखिरकार एक के बाद एक कामयाबी हासिल कर रहे , इस सितारे पर भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद की उस समय नजर पड़ी। जब बंगाल की टीम का मुकाबला तमिलनाडु से हो रहा था। मैच खत्म होने के बाद भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने इस नौजवान क्रिकेटर शहबाज अहमद को अपने पास बुलाया और कहा कि बेटे भारतीय टीम में आपके लिए आपके प्रदर्शन ने सारे दरवाजे खोल दिए हैं ।
IPL में RCB की तरफ ले खेलते है शहवाज अहमद
वर्ष 2020 में शहवाज अहमद का चयन आरसीबी की टीम में आईपीएल के लिए हुआ। शहबाज अहमद राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैदान में उतरे और पहले गेंदबाजी करते हुए 2 ओवर में शहबाज अहमद ने बिना कोई विकेट लिए मंझे हुए बल्लेबाजों के सामने महज 18 रन दिए । उसकी गेंदबाजी की तारीफ हो ही रही थी , उसी दौरान मैच के अंतिम ओवरों में बाउंड्री पर खड़े शहबाज अहमद ने अपनी दिशा के विपरीत हवा में छलांग लगाते हुए ऐसा बेहतरीन कैच पकड़ा , जिसे सबसे अच्छा मानते हुए उसे एक लाख रुपए का चैक दिया गया। शहबाज अहमद जिस समय मैदान पर अपना हुनर दिखाने के लिए उतरे हुए थे। उस समय मेवात के लाखों लोग टीवी पर शहबाज अहमद का प्रदर्शन देखने के लिए चिपके हुए थे।
गेंदबाजी के बाद क्षेत्ररक्षण में शहबाज अहमद ने जो कर दिखाया उससे हर मेवाती गदगद था। अब नंबर बल्लेबाजी का था, एक बार मैच आरसीबी के हाथों से खिसकता देखा तो भारतीय टीम के कप्तान एवं आरसीबी के कप्तान विराट कोहली ने अपने भरोसेमंद एवं लाडले शहबाज अहमद को पैड बांधकर विपरीत परिस्थिति में पूरी तरह तैयार रहने को कहा और शहबाज अहमद ने पैड भी बांध लिए, लेकिन उनके साथी बल्लेबाज ने ही अच्छी बल्लेबाजी कर आरसीबी को मैच जिता दिया।
देश और मेवात का नाम दुनिया भर में रोशन करेगा
लोग शहबाज अहमद की बल्लेबाजी देखने के लिए आतुर थे, लेकिन इस मैच में उनका नंबर बल्लेबाजी में नहीं पड़ सका। शहबाज के परिजनों माता – पिता को यकीन है कि अब उनका बेटा एक दिन भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल होगा और देश और मेवात का नाम दुनिया भर में रोशन करेगा। शहबाज अहमद की कामयाबी से लोग बेहद उत्साहित हैं, उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। तो एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया जा रहा है।

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