October 3, 2022

प्रदेश में डेंगू और स्वाइन फ्लू का कहर, मौसमी बीमारियों से 3 की मौत

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जयपुर। राजस्थान में एक बार फिर से डेंगू और स्वाइन फ्लू अपना कहर बरपा रहा है। वहीं इनके साथ ही मलेरिया समेत अन्य मौसमी बीमारियों के मरीजों में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि बीते 15 दिनों में इन बीमारियों से पीड़ित तीन लोगों की मौतें हो चुकी है। वहीं इस साल में अब तक 15 लोगों की मौत मौसमी बीमारियों से हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इस साल डेंगू के 1,868 पॉजिटिव केस मिले चुके हैं। उनमें चार लोगों की डेंगू से मौत हो चुकी है।
डेंगू के सबसे ज्यादा मामले जयपुर में
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 13 दिनों में प्रदेश में डेंगू के 532 मामले आए हैं। डेंगू से एक मरीज की मौत भी हुई है। डेंगू के सबसे ज्यादा मामले में राजधानी जयपुर में सामने आए हैं। राजधानी में डेंगू के 568 केस अब तक मिल चुके हैं। इसी तरह दौसा में 126, अलवर में 110, प्रतापगढ़ में 113 और उदयपुर में 105 केस डेंगू के मिल चुके हैं।
चिकनगुनिया के 126 केस मिले
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इस साल अब तक मलेरिया के कुल 341 पॉजिटिव केस मिले हैं। इनमें 100 केस महज पिछले 13 दिनों में ही सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मलेरिया के सबसे ज्यादा मामले जैसलमेर में आए हैं। जैसलमेर में इस साल मलेरिया के 73 मामले आ चुके हैं। इसके अलावा उदयपुर में 65, राजसमंद में 22, पाली में 29 और अलवर में 23 केस आ चुके हैं। इनके साथ ही अब तक चिकनगुनिया के 126 केस मिल चुके हैं।
स्वाइन फ्लू से अब तक 11 लोगों की मौत
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार स्वाइन फ्लू के मामलों में भी इजाफा हुआ है। पिछले आठ दिनों में स्वाइन फ्लू के 36 पॉजिटिव केस रजिस्टर हुए हैं। इनमें दो लोगों की स्वाइन फ्लू से मौत हो चुकी है। इस साल अब तक स्वाइन फ्लू के कुल 214 पॉजिटिव केस आने के साथ ही कुल 11 लोगों की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई है। जयपुर में स्वाइन फ्लू के 130 पॉजिटिव केस आने के साथ ही 4 लोगों की मौत हो चुकी है।
घर-घर कराया जा रहा है सर्वे
पिछले साल की तुलना में इस बार मौसमी बीमारियों के आंकड़े फिलहाल नियंत्रण में लग रहे हैं। हालांकि मौत के मामले चौंका रहे हैं। पिछले साल प्रदेश में डेंगू के 15 हजार से अधिक मामले आए थे। मलेरिया के करीब 800 और चिकनगुनिया के 900 पॉजिटिव केस मिले थे। जयपुर सीएमएचओ डॉक्टर विजय सिंह फौजदार ने बताया कि मौसमी बीमारियों को लेकर घर.घर सर्वे कराया जा रहा है। इसके अलावा सेम्पल भी लिए जा रहे हैं।
 


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