January 29, 2023

PCOS से छुटकारे के लिए डाइट में शामिल करें ये हेल्दी चीजें, महिलाओं में आम है ये हार्मोनल समस्या

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Diet Tips For PCOS: अपने महिलाओं में पॉलिस्टिक ओवरी सिंड्रोम या पीसीओएस नाम की एक बीमारी के बारे में तो जरूर सुना होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह क्या बीमारी है और इससे कैसे बचाव किया जा सकता है। दरअसल, 20 से 29 वर्ष की लगभग 16% महिलाएं पीसीओएस का सामना कर रही हैं। पीसीओएस ओवरी से संबंधित एक समस्या है, जिसकी वजह से महिलाओं के शरीर में हार्मोन असंतुलन (Hormonal Imbalance) की स्थिति उत्पन्न हो जाती है और गर्भधारण करने में मुश्किल होती है। इस बीमारी में महिलाओं के शरीर में फीमेल हार्मोन की बजाए मेल हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है।
पीसीओएस के कारण अंडाशय में कई गांठे बनने लग जाती हैं, जैसे-जैसे ये गांठे बड़ी होती हैं, वैसे ही ओवुलेशन की प्रोसेस में रूकावट डालने लगती हैं और फिर महिलाओं को गर्भधारण करने में मुश्किल होती है। पीसीओएस से ग्रस्त महिला में टाइप टू डायबिटीज होने की संभावना भी बढ़ जाती है। हालांकि अगर महिलाएं अपनी डाइट और लाइफस्टाइल का अच्छी तरह ध्यान रखें तो पीसीओएस की समस्या से निजात पाना आसान हो जाता है। ऐसे में आज के इस आर्टिकल में हम आपको खाने के कुछ ऐसे प्रोडक्ट्स के बारे में बताएंगे जो पीसीओएस से छुटकारा दिलाने में सहायक हो सकते हैं।
मेथी (Fenugreek)
अपनी डाइट में मेथी ऐड करने से ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद मिलती है, जिससे इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार होता है। साथ ही, मेथी का सेवन कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी बहुत बड़ी भूमिका निभाता है।
रागी (Ragi)
रागी में भरपूर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है, इसके साथ ही ये आटा ग्लूटन फ्री भी होता है। रागी का सेवन करने से पीरियड के दौरान क्रैम्प्स की समस्या कम हो जाती है। हालांकि पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं में दर्दनाक क्रैम्प्स की समस्या बहुत ही सामान्य सी बात है। जो महिलाएं डेयरी प्रोडक्ट्स को खाना पसंद नहीं करती हैं, उनके लिए रागी एक बहुत ही अच्छा ऑप्शन है।
हरे रंग की पत्तेदार सब्जियां (Green Leafy Vegetables)
सर्दियों के मौसम में मार्केट में हरी पत्तेदार सब्जियों की वैरायटी होती है। इंसान को अपनी डाइट में ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियों को शामिल करनी चाहिए। इनमें फाइबर की मात्रा ज्यादा और कैलोरी कम मात्रा में होती है। पालक, बथुआ आदि सब्जियां फोलेट और विटामिन बी से भरपूर होती हैं। इनसे हिर्सुटिज्म (hirsutism) और इंसुलिन (insulin) को कंट्रोल करने में सहयता मिलती है। यह महिलाओं में प्रजनन क्षमता (fertility) बढ़ाने में सहायक होती है।
अलसी के बीज (Flax Seeds)
ज्यादातर हेल्थ एक्सपर्ट्स अलसी का सेवन करने की सलाह देते हैं। दरअसल अलसी फाइबर और ओमेगा 3 से भरपूर होती है। अलसी के बीज आपके एंड्रोजन लेवल को कम करने में मदद करते हैं। बता दें कि पीसीओएस में गुड फैट शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है। हर दिन एक चम्मच अलसी के बीज का सेवन करने से आपको इस समस्या से निजात मिलेगा।
जानकारी के लिए बता दें कि पीसीओएस डाइट का पालन करते समय आपको फ्राइज, मार्जरीन, रेड या प्रोसेस्ड मीट, सोडा और जूस जैसी चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए। इसके साथ ही अपनी डाइट और डेली रूटीन को लेकर आपको डॉक्टर से बात करनी चाहिए।
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