November 29, 2022

खूबसूरती के साथ सेहत के लिए भी वरदान है मेहंदी, यहां पढ़ें चौंका देने वाले फायदे

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Health Benefits Of Henna: शादी-ब्याह, करवा चौथ और तीज-त्यौहारों पर महिलाएं अपने हाथों पर मेहंदी (Benefits Of Mehndi) जरूर रचाती हैं। इसका गाढ़ा लाल रंग खूबसूरती में तो चार चांद लगाता ही है, इसमें स्वास्थ्य रक्षा से जुड़े कई रंग भी मौजूद होते हैं। प्रांतीय भाषाओं में यह मदयंतिका, मेडिका, हिता, मेंदी, पनवार मेहंदी, शुदी, मलालांधी, हीना आदि नामों से जाना जाता है। घरेलू उपचार (Home Remedies) के तौर पर बुखार कम करने में, सिर का दर्द मिटाने, बालों की रूसी हटाने में, किडनी को स्वस्थ रखने में और दर्द-सूजन को दूर करने के लिए मेहंदी का प्रयोग किया जाता है। मेहंदी कफ और पित्त का शमन करने वाली है। पीलिया और रक्तातिसार यानी दस्त के साथ खून आने की बीमारी के रोकथाम में मेहंदी (Health Benefits Of Mehndi) सहायक है। इसको पीस कर बनाए लेप लगाने से सूजन और घाव भरने में मदद मिलती है।
खून साफ करने के लिए इसकी पत्तियों को रात को साफ पानी में भिगोकर ढंक कर रख दें, सुबह इस पानी को छान कर पिएं।
जोड़ों के दर्द, घुटनों के दर्द में इसकी और अरंडी के पत्ते बराबर मात्रा में लेकर, पीसकर, हल्का-सा गर्म करके, सहने लायक घुटनों पर लेप करने से आराम मिलता है।
आधे सिर या पूरे सिर में दर्द से आराम के लिए इसकी पत्तियों को पीस कर लेप लगाने से आराम मिलता है। जले स्थान पर मेहंदी की छाल या पत्ते पीस कर लेप लगाने से राहत मिलती है।
बालों को चमकदार, काले और घने बनाने के लिए इसके पत्तों के पावडर में दही, आंवला पावडर, मेथी पावडर बराबर मात्रा में मिलाकर, घोल बनाकर बालों में लगा लें फिर दो घंटे बाद बालों को धोएं, बहुत लाभ होगा।
पांव के तलवों में जलन होने पर इसके पत्तों को पीस कर लेप लगाना लाभकारी है।
जिनको गर्मी ज्यादा लगती है, उनको इसके ताजा पत्तों को तोड़ कर धोकर, रात को साफ पानी में भिगोने के बाद सबेरे छान कर इस पानी को खाली पेट पीना चाहिए।
चर्मरोग के लिए इसकी छाल का काढ़ा बनाकर कुछ दिन लगातार पीने से लाभ मिलेगा।
हाई ब्लड प्रेशर पेशेंट्स के लिए बहुत फायदेमंद है। मेहंदी के पत्तों को पीसकर गाढ़ा-गाढ़ा लेप पांव के तलवों पर लगाने से हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
मिर्गी के दौरे आते हों तो दो कप इसके पत्तों के रस में चौथाई हिस्सा दूध मिला कर पिलाना चाहिए।
इसके पत्तों को रात भर पानी में भिगोकर रखें। अगली सुबह उस पानी से कुल्ला करने और कुछ पत्तों को चबाकर खाने से मुंह के छालों में आराम मिलता है।
मेहंदी के पत्तों को पीसकर, उबाल कर, छानकर, ठंडा करके दिन में दो बार पीने से किडनी की समस्या में आराम मिलता है।
मेहंदी में तेल का एरोमा थैरेपी में प्रयोग किया जाता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व तनाव और उदासी दूर करते हैं, मन शांत और मूड अच्छा रहता है। यह तेल बालों के लिए भी बहुत लाभकारी है। अंगुलियों से धीरे-धीरे सिर में यह तेल लगाने से दिमाग तरोताजा और स्वस्थ रहता है।
अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से पेट में दर्द, जी मिचलाना, दस्त लगना, गैस बनना, किडनी में परेशानी, जलन और त्वचा पर चकत्ते हो सकते हैं। इसलिए यहां बताए गए किसी भी उपाय उपचार को आजमाने से पहले अपने डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह अवश्य करें।
वैद्य हरिकृष्ण पांडेय ‘ हरीश’
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