December 3, 2022

तीन माह बाद फिर बढ़ी रिटेल महंगाई, 7% पर पहुंची: दाल-चावल और गेहूं के दाम बढ़ने से अगस्त में महंगाई दर में फिर उछाल

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नई दिल्ली. अगस्त में रिटेल महंगाई तीन महीनों की गिरावट के बाद बढ़कर 7% हो गई। जुलाई में ये 6.7% थी। एक साल पहले यानी अगस्त 2021 में ये 5.30% थी। खुदरा मूल्य सूचकांक आधारित रिटेल महंगाई दर के आंकड़े सोमवार को जारी किए गए। आंकड़ों के मुताबिक खाने-पीने का सामान खास तौर पर दाल-चावल, गेहूं और सब्जियों की कीमतों के बढ़ने की वजह से महंगाई बढ़ी है।
अगस्त में खाद्य मुद्रास्फीति 7.62% हो गई जो जुलाई में 6.69% थी। जून में 7.75% रही थी। मई में यह 7.97% और अप्रैल में 8.38% थी। रिटेल महंगाई दर लगातार 8 महीनों से आरबीआई की 6 प्रतिशत की ऊपरी लिमिट के पार बनी हुई है। जनवरी 2022 में रिटेल महंगाई दर 6.01%, फरवरी में 6.07%, मार्च में 6.95%, अप्रैल में 7.79%, मई में 7.04% और जून में 7.01% दर्ज की गई थी। विशेषज्ञों के अनुसार महंगाई दर के आंकड़े चिंताजनक हैं।
महंगाई को नियंत्रित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने तीन बार ब्याज दरों में वृद्धि की है। महंगाई में वृद्धि के आंकड़े आगामी मौद्रिक नीति की दिशा तय करेंगे। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि महंगाई पर काबू करने के लिए केंद्रीय बैंक आने वाले समय में नीतिगत ब्याज दर को और बढ़ा सकता है।
अनाज की कीमतें साढ़े 9.57 प्रतिशत रही ऊंची
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अनुसार अगस्त 2022 में समान्य मूल्य उपभोक्ता मूल्य सूचकांक जुलाई 2022 से 173.4 अंक से बढ़कर 174.3 अंक रहा जो मासिक आधार पर महंगाई सूचकांक में 0.52 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। अगस्त में अनाज और इससे बने उत्पादों की कीमतें सालाना स्तर पर 9.57 प्रतिशत ऊंची रहीं।
इसी माह में दूध और दुग्ध उत्पादों की सामान्य कीमत दर 6.39 प्रतिशत रही जबकि सब्जियां 13.23 प्रतिशत, फल 7.39 प्रतिशत और खाद्य तेल एवं वसा 4.62 प्रतिशत महंगे रहे। दालों के भाव में सालाना स्तर पर इस बार अगस्त में 2.52 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई जबकि मसालों में 14.90 प्रतिशत और बिना अल्कोहल वाले पेय पदार्थों की कीमतें पिछले अगस्त की तुलना में 7.75 प्रतिशत ऊंची रहीं। अगस्त माह में स्वास्थ्य, परिवहन, संचार, मनोरंजन, शिक्षा और पर्सनल केयर जैसी सेवाओं की कीमतों में पांच से सात प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।
जुलाई में 2.4 प्रतिशत बढ़ा औद्योगिक उत्पादन
खनन क्षेत्र के उत्पादन में गिरावट के बीच भारत के औद्योगिक उत्पादन में जुलाई 2022 के दौरान वार्षिक आधार पर 2.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। विनिर्माण क्षेत्र के उत्पादन में कुल मिलाकर 3.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। इससे एक माह पूर्व जून में आर्थिक उत्पादन की वृद्धि दर 12.3 प्रतिशत थी। आंकड़ों के अनुसार जुलाई 2022 में खनन क्षेत्र के उत्पादन में 3.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन सालाना आधार पर 3.2 प्रतिशत ऊपर रहा। बिजली उत्पादन में माह के दौरान 2.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी।
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