September 25, 2022

Sunday Special : The Kashmir Files फिल्म में हरियाणा के नारनौल की बहू ने भी की है एक्टिंग, निभाया यह रोल

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पति सुनील सोनी के साथ भाषा सुंबली।
सतीश सैनी : नारनौल

कोरोना काल के बाद एक बार फिर से सिनेमा जगत ( cinema world ) सक्रिय हुआ है। सिनेमा हॉल में फिर से चहल-पहल दिखने लगी। वैसे तो फिल्मी चमक-धमक दर्शकों को हमेशा से लुभाती रही है लेकिन कभी-कभार ऐसी फिल्में आती है जो आम जनमानस को झकझोर कर उन्हें सोचने पर मजबूर कर देती हैं। देश के साथ-साथ विदेशों में रिलीज हुई विवेक अग्निहोत्री ( Vivek Agnihotri ) की हालिया मूवी ”द कश्मीर फाइल्स’ ( The Kashmir Files ) सिने जगत के जरिए कश्मीर से विस्थापित हुए कश्मीरी पंडितों के दर्द को पर्दे के जरिए मानसपटल पर छाप छोड़ने के साथ-साथ नारनौल शहर ( narnaul ) के लिए भी अपने आप में विशेष मायने रखती है। फिल्म में मुख्य महिला किरदार शारदा पंडित के साथ हुए वीभत्स अत्याचार की वेदना को दर्शकों के सामने रखा गया।
80 के दशक तक पुष्कर नाथ ( अनुपम खेर ) अपने खुशहाल परिवार बेटा, बहू और दो पोतो के साथ अपनी सरजमी कश्मीर की घाटी में हंसी खुशी बसर कर रहा होता है और फिर एक रात पुष्कर नाथ के पढ़ाए छात्र आतंकी बिट्टा की गोलियों का शिकार हो चावल के ड्रम में छिपा बेटा उसकी आंखों के सामने दम तोड़ देता है। बाकी बचे सदस्यों की जान बख्शी के बदले बेटे के खून से सने चावल बहू को खाने पड़ते है। ‘द कश्मीर फाइल्स’ में दिखाए गए दृश्य सत्य घटनाओं पर आधारित है।
लाखों कश्मीरियों के दर्द की कहानी को बिना किसी मसाले के भारत की जनता के सामने रखा गया है। शारदा पंडित के किरदार को निभाने वाली अदाकारा भाषा सुंबली ( Bhasha Sumbli ) जोकि मूल रूप से कश्मीर से संबंध रखती है, वह नारनौल शहर की बहू हैं। अपने जमाने के जाने माने रंगकर्मी व हरियाणवी फिल्मों में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाने वाले स्वर्गीय ज्ञानचंद सोनी के सबसे छोटे बेटे सुनील सोनी की पत्नी भाषा सुम्बली इस फिल्म में शारदा पंडित की विशेष भूमिका में नजर आई हैं। सुनील सोनी और भाषा सुम्बली बचपन से ही रंगमंच से जुड़े रहे हैं और भारत के सबसे बड़े रंगमंच संस्थान राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय दिल्ली से रंगमंच की बारीकियां हासिल की है।
हरिभूमि संवाददाता से की बातचीत
हाल ही में मुंबई रह रहे दंपती से हरिभूमि संवाददाता ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने से ज्यादा खुशी भाषा को अपने कश्मीरी भाइयों के साथ हुए अत्याचारों को पहली बार किसी फिल्म के माध्यम से देश की जनता के सामने रखने की है। हरिभूमि से जब यह सवाल भाषा सुम्बली के सामने रखा गया कि क्या आप कभी अपनी पैदाइशी जमीन पर गए हो या वहां जाने की इच्छा रखते हो? एक बार तो उनके चेहरे पर मायूसी झलक पड़ी और फिल्म में बोले गए अपने संवाद के जरिए अपना जवाब सांझा किया कि अगर जाएंगे तो अपने ही घर वापस जाएंगे वरना तो कभी नहीं जाएंगे।
भाषा के माता-पिता भी देश के जाने-माने साहित्यकार

भाषा के माता-पिता अग्निशेखर व डा. क्षमा कौलका नाम भी देश के जाने-माने साहित्यकारों में शुमार हैं। फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने के लिए भाषा सुंबली के पति सुनील सोनी की समकालीन संस्था जहां मुंबई जाने से पहले सुनील ने कई नाटकों में हिस्सा लिया। उस टीम के अध्यक्ष और जाने माने निर्देशक केसरीनंदन सुनील सोनी के बड़े भाई मनीष सोनी, दीपक शर्मा, मोहित शर्मा, सरदार मलकीत सिंह, विजय सैनी, सुमित कुमार व मनोज वशिष्ठ आदि साथियों ने उन्हें शुभकामनाएं दी है। सुनील सोनी के बड़े भाई मनमोहन सोनी भी कला जगत से जुड़े हैं और फिलहाल चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सांस्कृतिक मामले में कार्यरत हैं।
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