May 25, 2022

गहलोत का पीएम मोदी पर हमला, चतुराई से भाषण देकर चुनाव जीत गए, मुद्दे पीछे छूटे

wp-header-logo-225.png

जयपुर। हाल ही में पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में चार राज्यों में बीजेपी को शानदार जीत मिली है। वहीं राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी की जीत के पीछे हिंदुत्व के नाम पर ध्रुवीकरण को कारण बताया है। बीजेपी हिंदुत्व के नाम पर ध्रुवीकरण करके और चतुराई से बयान देकर चुनाव जीत गई है। आज पूरे देश में हालात गंभीर हैं, जनता अच्छी तरह से जानती है कि यूपी में कोरोना प्रबंधन कैसे हुआ। उन्होंने कहा कि चुनाव में इन मुद्दों पर कोई बात ही नहीं हुई, पीएम मोदी और बीजेपी के सभी नेताओं ने चतुराई से अपनी बात कही और मीडिया स्क्रीन ने भी उनका साथ दिया।
मोदी ने चतुराई से भाषण देकर जीता लोगों का विश्वास
राजस्थान सीएम का दावा है कि स्क्रीन के खेल ने पूरा खेल बदलकर रख दिया और यही वजह है कि लोगों का माइंड बदला और वो मुद्दों की चिंता किए बिना बीजेपी को वोट दे आए। सीएम गहलोत ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे बड़ी चतुराई से भाषण देते हैं। लोग देखते हैं कि प्रधानमंत्री बोल रहे हैं तो सच ही होगा और वे उनकी बात मान लेते हैं। गहलोत ने कहा कि ये जिम्मेदारी विपक्ष की है कि जनता को सच्चाई तक पहुंचाया जाए। बीजेपी को एक्सपोज करने का यही एकमात्र तरीका है।
केंद्रीय एजेंसियों को कर रहे बदनाम
उन्होंने कहा कि पीएम विपक्ष पर आरोप लगाते हैं कि विपक्ष केंद्रीय एजेंसियों को बदनाम कर रहा है, लेकिन पूरा देश देख रहा है कि आज सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ क्या कर रही है। इनकम टैक्स, ईडी, सीबीआई के एकतरफा छापे पड़ रहे हैं और पीएम उसके लिए भी विपक्ष को बदनाम कर रहे हैं।
आज देश में हिंसा और तनाव का माहौल
अशोक गहलोत ने कहा कि आज देश में हिंसा और तनाव का माहौल है। आज ध्रुवीकरण हो रहा है, हम सब हिंदू हैं, लेकिन राजनीति हिंदुत्व के नाम पर हो रही है। ऐसे में आप चतुराई से भाषण देकर ध्रुवीकरण से चुनाव जीत सकते हैं, लेकिन आखिरकार देश में शांति सद्भाव सबसे ज्यादा जरूरी है। देश में प्यार-मोहब्बत से संबंध रखेंगे, हिंसा का माहौल नहीं रहेगा, अहिंसा का माहौल अपनाएंगे तब देश एक और अखंड रहेगा।


राजस्थान में कौनसा मुद्दा गहलोत सरकार की असफलता को प्रमाणित करता है ?

View Results


क्या गुर्जर आरक्षण पर गहलोत सरकार द्वारा पारित विधेयक पुराने आश्वासनों का नया पिटारा है ?

View Results
Enter your email address below to subscribe to our newsletter

source