January 20, 2022

Delhi Metro Facts: यहां है साउथ एशिया का पहला Modern Metro Museum, जो देता है आपको मेट्रो की डिटेल

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Delhi Metro Facts: साउथ एशिया (South Asia) का पहला ‘मॉडर्न मेट्रो म्यूजियम’ (Modern Metro Museum) ‘दिल्ली मेट्रो म्यूजियम’ (Delhi Metro Museum) है, जो कि पटेल चौक स्टेशन (Patel Chowk Metro Station) पर स्थित है। इसे लंदन के ट्रांसपोर्ट म्यूजियम (London Transport Museum) से प्रेरित होकर बनाया गया है। इस मेट्रो म्यूजियम की शुरुआत साल 2008 में हुई थी और तब से अब तक इसे आम जनता के लिए खुले हुए 14 साल हो चुके हैं। अपनी इस दिल्ली मेट्रो फैक्ट्स (Delhi Metro Facts) की सीरीज में हम आज बात करेंगे पटेल चौक स्टेशन पर पड़ने वाले दिल्ली मेट्रो म्यूजियम पर…
साल 2008 में स्थापित, मेट्रो म्यूजियम पिछले काफी समय से दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) के दर्शक और यात्रियों के लिए एक विशेष आकर्षण रहा है। लंदन के ट्रांसपोर्ट म्यूजियम (Transport Museum) से प्रेरित होकर डीएमआरसी (DMRC) ने पटेल चौक मेट्रो स्टेशन परिसर में पैनलों, उपलब्धियों, उपयोगी सूचनाओं, ऐतिहासिक तस्वीरों और मिश्रित प्रदर्शनों के संग्रह को प्रदर्शित करने के लिए पटेल चौक स्टेशन पर दक्षिण एशिया का पहला “मेट्रो म्यूजियम” स्थापित किया। इस मेट्रो म्यूजियम के जरिए हम भारत की पहली आधुनिक परिवहन सुविधा के फैक्ट्स के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं।
हफ्ते में 6 दिन खुलता है म्यूजियम
पटेल चौक मेट्रो म्यूजियम हफ्ते में 6 दिन मंगलवार से लेकर रविवार तक खुला रहता है। मेट्रो म्यूजियम केवल कुछ यूरोपीय, अमेरिका और जापानी शहरों में पाए जा सकते हैं, लेकिन दिल्ली मेट्रो में दो महीने की छोटी अवधि में स्थापित एक परिचालन स्टेशन में अपनी तरह का एकमात्र म्यूजियम है। इस म्यूजियम में आपको डिसप्ले पैनल का कलेक्शन, ऐतिहासिक तस्वीरें जैसे कई चीजें मिलेंगी, जो आपको दिल्ली मेट्रो की पूरी कहानी सुनाएंगी। म्यूजियम में आपको दिल्ली मेट्रो की ड्राइंग बोर्ड, प्रमुख मील के पत्थर, रोलिंग स्टॉक से लेकर के सुचारू रूप से चलने तक की पूरी कहानी मिल जाएगी, जिसके पूरा होने में 32 साल लग गए। मेट्रो म्यूजियम में स्मृति चिन्ह जैसे कि मेट्रो टाई, पेन, की-चेन और किताबें मिलती है। म्यूजियम में क्यूरेटर सेवाओं का लाभ सोमवार को छोड़कर सभी दिनों में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक लिया जा सकता है। सोमवार को म्यूजियम बंद रहता है।

डीएमआरसी की अनूठी प्रबंधन शैली को दिखाता है मेट्रो म्यूजियम
इसमें आपको डीएमआरसी की अनूठी प्रबंधन शैली और कार्य संस्कृति देखने को मिलेगी जिसने इसे लगातार समय से पहले परियोजनाओं को पूरा करने में मदद की है। इसके साथ ही आप इसमें ‘भगवद गीता’ जो मेट्रो कर्मचारियों के लिए प्रेरणा का काम करती है उसके आध्यातमिक महत्व को भी जान पाएंगे। म्यूजियम में मेट्रो के निर्माण और प्रक्रिया के दौरान आने वाली समस्याओं पर एक एक्सटेंसिव सेक्शन है, जिसमें चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन जैसे तकनीकी चमत्कारों के निर्माण के पीछे की कहानी शामिल है, जो दुनिया का दूसरा सबसे गहरा मेट्रो स्टेशन है, भारत का पहला एक्स्ट्रा डोज ब्रिज भी है। इसमे आपको टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) का एक मॉडल, टीबीएम से लिया गया “टूथ”, शहर के चारों ओर से एकत्र किए गए मिट्टी के नमूने और निर्माण स्थलों पर उपयोग किए जाने वाले विभिन्न रंगों के हेलमेट भी दिखाई देंगे।
क्या क्या है इसमें खास
आपको इस म्यूजियम में मेट्रो सिस्टम की स्वचालित ट्रेन नियंत्रण सिस्टम, स्वचालित किराया संग्रह सिस्टम, विभिन्न विभागों की चौबीसों घंटे गतिविधियां, शारीरिक रूप से विकलांगों के लिए अनुकूल सुविधाएं, वास्तविक मेट्रो रेल और बिजली की आपूर्ति के लिए ओवर हेड उपकरण (ओएचई) जैसी तकनीकी विशेषताओं के बारे में बताया गया है। संग्रहालय में दो टच स्क्रीन कंप्यूटर हैं जो डीएमआरसी कॉर्पोरेट मूवी और एनिमेशन दिखाते हैं, जिसमें सुरंग बोरिंग मशीन और एलिवेटेड निर्माण कार्य में उपयोग किए जाने वाले लॉन्चिंग गर्डर्स का वर्णन किया गया है। संचालन और निर्माण कर्मचारियों द्वारा पहनी जाने वाली विभिन्न वर्दी पहने हुए पुतले, इनके संक्षिप्त विवरण के साथ, मेट्रो ट्रेन का एक मॉडल, स्टेशनों के मॉडल, शेयर प्रमाण पत्र और क्लोज-सर्किट टेलीविजन कैमरा, जिसका उपयोग दर्शक कर सकते हैं, मेट्रो म्यूजियम में शामिल हैं।

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