November 28, 2022

वीक बोंस की वजह से होती है ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी, जानिए कारण, बचाव और उपचार

wp-header-logo-223.png

आमतौर पर 45-50 साल की एज के बाद महिलाओं और पुरुषों के बोन डेंसिटी में गिरावट आने लगती है। बोंस वीक होने से ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या हो सकती है। आज हम इसके कारण, बचाव और उपचार के बारे में आपको बता रहे हैं।

हड्डियों के ढांचे पर टिका हमारा शरीर, तभी तक फिट रहता है जब तक हमारी बोंस मजबूत हों। लेकिन हमारी हड्डियां ताउम्र मजबूत नहीं रहतीं। एज बढ़ने के साथ होने वाली ऑस्टियोपोरोसिस डिजीज बोंस को धीरे-धीरे कमजोर बना देती है। इससे फ्रैक्चर या हड्डी टूटने का रिस्क बहुत बढ़ जाता है।
रोग के कारण:
सिंपटंप्स-डायग्नोसिस:
अगर शरीर के किसी भी भाग की बोंस में लंबे समय से बिना किसी चोट के दर्द हो रहा हो तो डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए क्योंकि यह बोंस डिजेनरेशन का संकेत हो सकता है। ऑस्टियोपोरोसिस की जांच के लिए बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) टेस्ट कराया जाता है। इसमें अगर बोन डेंसिटी-2.5 या उससे भी कम आती है, तो ऑस्टियोपोरोसिस डिजीज को प्रूफ करता है।
उपचार:
ऑस्टियोपोरोसिस का उपचार मरीज की स्थिति के हिसाब से दो तरह से किया जाता है- पहले प्रकार के ट्रीटमेंट में बोंस डिजेनरेशन या टूटने को कम किया जाता है। दूसरा प्रकार बोन फॉर्मेशन स्टिमुलेट एजेंट ट्रीटमेंट है, जिससे बोंस फॉर्मेशन को बढ़ावा दिया जाता है। कंडीशन के हिसाब से ओरल मेडिसिन और साल में एक-दो बार इंजेक्शन लगाए जा सकते हैं। पेन मैनेजमेंट के लिए गुनगुने पानी से स्नान करने या हॉट बॉटल पैक से सिंकाई करने की सलाह दी जाती है।
बचाव के उपाय:
ठीक समय पर डायग्नोज होने और समय रहते समुचित उपचार कराने पर भविष्य में फ्रैक्चर होने की संभावना को रोका जा सकता है। कम उम्र में हुआ ऑस्टियोपोरोसिस समुचित मेडिकल ट्रीटमेंट से ठीक हो सकता है। लेकिन बड़ी उम्र में प्राकृतिक रूप से हड्डियों के क्षरण की प्रक्रिया को मेडिसिन के साथ हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर कंट्रोल किया जा सकता है।
© Copyrights 2021. All rights reserved.
Powered By Hocalwire

source

About Post Author