December 6, 2022

शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद हुए ब्रह्मलीन: मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर क्षेत्र के झोतेश्वर धाम में हुआ निधन

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नरसिंहपुर. देश की 4 प्रमुख पीठों में शामिल ज्योतिर्मठ एवं द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती (98) का रविवार को मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में स्थित गोटेगांव के समीप झोतेश्वर धाम में देवलोकगमन हो गया।
स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने झोतेश्वर धाम परिसर में स्थित अपने आश्रम में अपरान्ह अंतिम सांस ली। अंतिम समय में शंकराचार्य के अनुयायी और शिष्य उनके समीप थे। उनके ब्रह्मलीन होने की सूचना के बाद आस-पास के क्षेत्रों से भक्तों की भीड़ आश्रम की ओर पहुंचने लगी। स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की पार्थिव देह को पालकी में रखकर झोतेश्वर धाम में दर्शनार्थ रखा जाएगा। भक्त और अनुयायी उनके अंतिम दर्शन लाभ ले सकेंगे।
अनुयायी सोमवार को भी उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का जन्म राज्य के महाकौशल अंचल के ही सिवनी जिले के दिघौरी में 1924 में हुआ था। स्वामी स्वरूपानंद 1950 में दंडी संन्यासी बनाए गए थे। ज्योर्तिमठ पीठ के ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती से दीक्षा ली और स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती नाम से जाने जाने लगे। उन्हें 1981 में शंकराचार्य की उपाधि मिली।
आज देंगे भू-समाधि
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का अंतिम संस्कार सोमवार शाम झोतेश्वर के राधा स्वामी मंदिर के बाहर भूखंड में भू समाधि दी जाएगी। परमहंसी गंगा आश्रम के गंगा कुंड के पास अंतिम दर्शन के लिए शंकराचार्य के पार्थिव शरीर को रखा गया है। शंकराचार्य के निज सचिव सुबुद्धानंद ब्रहाचारी ने बताया कि शंकराचार्य के ब्रहाचारी शिष्यों के द्वारा भू समाधि दी जाएगी। वह कुछ समय से अस्वस्थ्य चल रहे थे। भक्तों को अंतिम दर्शन गुरू पूर्णिमा को शंकराचार्य ने दिए थे।
PM मोदी ने शोक जताया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। मोदी ने ट्विट किया स्वरूपानंद सरस्वती के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। शोक के इस समय में उनके अनुयायियों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति।
मिश्र, गहलोत व वसुंधरा ने जताया दुख
राज्यपाल कलराज मिश्र, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने द्वारका शारदा द्विपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के ब्रह्मलीन होने पर शोक व्यक्त किया है। मिश्र ने ईश्वर से उनकी आत्मा को सद्गति और उनके शिष्यों और अनुचरों को सम्बल प्रदान करने की प्रार्थना की।
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