January 27, 2023

राजस्थान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पर अभी बड़ा दांव बाकी, पूनिया कुछ दिन और रहेंगे मुख्य भूमिका में

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जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ प्रदेश की राजधानी जयपुर में पहुंचे। उन्होंने बीजेपी कार्यालय में कई कार्यक्रमाें में भाग लिया। राष्ट्रीय महामंत्री ने आगामी विधानसभा चुनाव और पार्टी में संगठानात्मक बदलाव को लेकर रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने अशोक गहलोत पर हमला बोलते हुए कहा कि जनता आने वाले चुनाव में कांग्रेस को जड़ से उखाड़ फेंकेगी। डबल इंजन की सरकार राजस्थान में देखने काे मिलेगी।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पर आलाकमान का निर्णय अभी बाकी
राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पर बात करते हुए कहा कि इसके बारे आलाकमान का निर्णय अभी बाकी है। उन्होंने केवल संभावनाएं व्यक्ति की है कि पूनिया अगले कुछ दिनों तक प्रदेशाध्यक्ष बने रहेंगे। लेकिन वे विधानसभा चुनाव तक बने रहेंगे ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में आलाकमान इस विचार कर सकती है।
पार्टी को एकजुट करने में असफल रहे पुनिया
सतीश पूनिया के कार्यकाल में बीजेपी दो गुटों में बंटी हुई नजर आई। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता अच्छे से जानते हैं पूनिया पार्टी को एकजुट करने में असफल रहे। उनके कार्यकाल के दौरान न केवल पार्टी बिखरी बल्कि उपचुनावों में भी हार का सामना करना पड़ा।
वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी से कार्यकर्ताओं में निराशा
कुर्सी मिलने के बाद सतीश पूनिया अपने आप को ही सब कुछ समझ बैठे। उन्होंने प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, गुलाबचंद कटारिया, निहार चंद मेघवाल और मदन दिलावर सहित कई वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी की। इससे कार्यकर्ताओं में काफी निराशा देखने को मिली। पार्टी के कार्यकर्ता अपने वरिष्ठ नेता की अनदेखी से काफी आहत हुए। उन्होंने कई बार यह भी जताया कि पूनिया सबको साथ लेकर चलने में असमर्थ हैं, ऐसे में पार्टी को इस पर विचार करना चाहिए।
वसुंधरा राजे को फिर मिले प्रदेश की बागडोर
सतीश पूनिया द्वारा कई बार पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सहित कई सीनियर नेताओं की अनदेखी से पार्टी कार्यकर्ताओं में गलत मैसेज गया। कई नेता और पूर्व मंत्रियों ने पार्टी के समक्ष इस बात को उठाया कि एक बार फिर वसुंधरा राजे के हाथ में प्रदेश की बागडोर दी जाए। वहीं, पार्टी के विश्वसनीय सूत्रों की माने तो सूबे की पूर्व सीएम राजे को एक बार फिर प्रदेश की कमान दी जाए। क्योंकि राजे जमीन से जुड़ी हुई हैं और उनकी जनता के बीच अच्छी पकड़ है। अगर इनको नजरअंदाज करते हैं तो पार्टी को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है।


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