January 30, 2023

एंग्जायटी में खाने के शौकीन लोग Overeating से बचें, ये बीमारियां दे सकती हैं दस्तक

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इमोशनल ओवर ईटिंग से ऐसे करें बचाव

How To Control Emotional Overeating Habit: आपके मूड का सीधा असर आपके खानपान की मात्रा पर पड़ता है। आपने नोटिस भी किया होगा कि उदासी में कम खाना खाया जाता है, जबकि खुशी में अधिक खाना खा लेते हैं। कई लोग ऐसे हैं, जो इन दोनों भावनाओं से परे भी अधिक खाना खा लेते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इस समस्या को इमोशनल ओवरईटिंग कहते हैं, लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है। उनके मुताबिक इस स्थिति में इंसान पेटभर कर नहीं बल्कि मनभर कर खाना शुरू कर देता है। बता दें कि इमोशंस को कंट्रोल करने में खाना अहम भूमिका निभाता है, लेकिन एक्‍स्‍ट्रा खाने की आदत से ईटिंग हैबिट डेवलप हो जाती है। यह आदत आगे चलकर ईटिंग डिसऑर्डर में तब्दील हो जाती है।
इमोशनल ईटिंग (Emotional Eating) की यह समस्या तब होती है, जब इंसान एंग्जायटी महसूस करता है। तनाव में कोर्टिसोल हॉर्मोन (Cortisol Hormone) रिलीज होता है और खाना खाने से व्‍यक्ति बेहतर महसूस करने लगता है। खाना व्‍यक्ति के माइंड को डायवर्ट करने का काम करता है। यही कारण है कि जब भी एंग्‍जाइटी होती है, तो कुछ मीठा या चटपटा खाने का मन करता है। शुगर और फैट से भरे हुए फूड आइटम्‍स भावनाओं को सुन्न कर सकते हैं। इस प्रकार के खाने का नियमित रूप से सेवन करने से मोटापा, डायबिटीज, हाई बीपी और कोलेस्‍ट्रॉल की समस्‍या हो सकती है। ईटिंग हैबिट पर कंट्रोल करने के लिए खुद पर कंट्रोल करना बहुत अहम है। साथ ही, इमोशनल ईटिंग को हेल्‍दी ईटिंग में बदलने की कोशिश की जा सकती है। चलिए जानते हैं ईटिंग हैबिट को कैसे करें अवॉइड?
इमोशनल ईटिंग से बचने के उपाय:-
– बैलेंस में करें ईटिंग
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एंग्जायटी होने पर अधिकतर लोग ज्यादा शुगर और फैट वाला खाना पसंद करते हैं। शुगर और फैट वाले खाने से इमोशंस सुन्न या कम हो सकते हैं। ये खाना भले ही उस समय आपके मन को शांत कर देता है, लेकिन ये आपकी सेहत के लिए उतना ही नुकसानदायक साबित हो सकता है। एंग्जायटी होने पर जब भी हाई कैलोरी फूड खाने का मन करे तो आप गाजर, ग्रिल्‍ड चिकन, हाई फाइबर और प्रोटीन का सेवन करना चाहिए। इस तरह के फूड आइटम देर से पचते हैं और पेट को भरा रखते हैं।
– रेगुलर इंटरवल्स में खाना खाएं
इंसान को जब भी भूख लगे उसे तब खाना खा लेना चाहिए। आप जितनी देर बिना खाए रहेंगे, उतनी ही संभावना बढ़ जाती है कि आप जरूरत से ज्यादा खाना खाएंगे। इसके लिए यह बिल्कुल भी जरूरी नहीं है कि व्‍यक्ति को कोई तनाव या चिंता हो। यह हमारे रोजमर्रा के जीवन की एक बुरी आदत भी हो सकती है। इसलिए एक बार में ज्यादा खाने की बजाय हर 3-4 घंटे में बैलेंस्‍ड डाइट लेनी चाहिए। इस तरह आप अपनी इमोशनल ईटिंग और समय पर ना खाने की बुरी आदत से भी छुटकारा पा सकते हैं।
– इमोशनल सपोर्ट के लिए खाना अच्छी बात नहीं

एंग्जायटी को कम करने के लिए खाना बेहतरीन विकल्‍प नहीं है, बल्कि सेल्‍फ कंट्रोल से चीजों को आप अपने मुताबिक चला सकते हैं। आप जब भी खाना खाने बैठें, अपनी डाइट और खुराक का ध्यान रखें। एक बाइट खाने के बाद चम्‍मच को प्‍लेट पर रखें, हाथ में चम्‍मच र‍हने से इंसान लगातार खाना खाता रहता है। ध्यान रहे कि जितनी भूख हो, उतना ही खाना खाएं। खाने के पहले थोड़ा पानी पीलें, ताकि पेट जल्‍दी भर जाए।
– लोगों से बात करके संभालें इमोशंस
इमोशनल ओवरईटिंग तब शुरू होती है, जब इंसान अपनी भावनाओं से बचकर भागने की कोशिश कर रहा होता है। ऐसे में आपको अपने ऊपर और अपनी भावनाओं के ऊपर कंट्रोल रखना होगा, इसलिए कोशिश करें कि जितना हो सके उतना स्ट्रेस कम लें। ज्यादा से ज्यादा लोगों के बीच रहें या किसी और काम में अपना मन लगा लें। इस तरह से आप खुद को बिजी रखकर भी ओवरईटिंग से बच सकते हैं। वहीं, योग और कुछ हल्का संगीत सुनना बेहतरीन ऑप्शन साबित होगा। किताबें पढ़ें या किसी और से मिलने चले जाएं, आपको अच्छा महसूस होगा।
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