December 5, 2022

सरकार!, गांवों में भी झांको, ये जनसभा नहीं, यूरिया के लिए संघर्ष है

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कोटा. सरकार और उसके अधिकारी दफ्तरों में बैैठकर कुछ भी दावे करें, हकीकत तो ये नजारा बता रहा है कि यूरिया की किल्लत और उसकी उपलब्धता की स्थिति क्या है? ये भीड़ किसी जनसभा या प्रदर्शन के लिए नहीं, बल्कि यूरिया खाद लेने के लिए एकत्रित हुई है। आपा-धापी के ये हालात गुरुवार को बूंदी जिले के देई कस्बे की नैनवां क्रय विक्रय सहकारी समिति के सामने उस समय बने जब सूूचना मिली कि दस ट्रक यूरिया खाद आया है। बड़ी तादाद में महिलाएं व किसान खाद लेने के लिए उमड़ पड़े। धक्का-मुक्की में कई महिलाएं नीचे गिर गई। खाद के वितरण के लिए दो थानों की पुलिस से भी काम नहीं चला तो आरएसी बुलानी पड़ी।
जानकारी के अनुसार देई कस्बे में गुरुवार को 10 ट्रक में 5280 बोरी यूरिया आया, जैसे ही किसानों को खाद मिलने की जानकारी लगी दर्जनों गांवों के सैंकड़ों की संख्या में किसान अल सुबह ही देई पहुंच गए।
कुछ देर बाद हंगामे की स्थिति पैदा हो गई और पुलिस जाब्ता कम पड़ गया। हंगामे को देखते हुए देई थाना अधिकारी बुद्धराम ने नैनवां से आरएसी के जवानों और जाब्ते को बुलवाया और थाना परिसर में लाइन लगवाकर खाद कूपन का वितरण किया गया।

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