August 8, 2022

सिंगल्स के लिए जानलेवा साबित हो सकती है यह बीमारी, शादीशुदा लोगों को होगा बड़ा फायदा

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सिंगल Vs कपल (Single Vs Couple) के बीच की तकरार आप सभी ने अपने आस-पास या सोशल मीडिया (Social Media) पर तो जरूर ही देखी होगी, इस जुबानी जंग में सिंगल लोग अपनी जिंदगी को बेहतर बताते हैं वहीं रिलेशनशिप में रह रहे या फिर शादीशुदा लोग अकेलापन दूर होने, किसी का साथ मिलने जैसी कई अच्छी बाते बताकर इस आर्गुमेंट को जीतने की कोशिश करते हैं। हालांकि आज तक इस बात का पता नहीं लग पाया है की सिंगल और रिलेशनशिप में से कौन सी लाइफ बेहतर होती है।
सिंगल लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है यह बीमार
वहीं अगर यह कहा जाए कि एक ऐसी बीमारी है जो सिंगल लोगों को हो जाए तो उनकी मौत का कारण बन सकती है लेकिन रिलेशनशिप में रह रहे या फिर शादीशुदा (Married) लोगों के इस बीमारी से मरने के चांस काफी कम होते हैं। दरअसल एक स्टडी में इस बात का खुलासा किया गया है कि सिंगल लोगों में पेट के कैंसर (Stomach Cancer) होने से मौत का खतरा ज्यादा होता है, वहीं जो लोग अपने पार्टनर के साथ रहते हैं वो इस बीमारी से जल्दी रिकवर हो जाते हैं। इसके अलावा कई स्टडीज में यह भी पता चला है कि विवाहित लोगों में समय से पहले होने वाली मौतों का खतरा कम होता है।
विवाहित लोगों में ज्यादा होता है कैंसर सर्वाइवल रेट
स्टडी की माने तो विवाहित लोगों में कैंसर सर्वाइवल रेट (Cancer Survival Rate) सिंगल्स के मुकाबले कई अधिक होता है, विवाहित लोग आर्थिक रूप से स्टेबल होते हैं साथ ही उन्हें उनके पार्टनर का सपोर्ट भी मिलता है। पूरी दुनिया में मरने वालों में पेट के कैंसर से होने वाली मौते तीसरे नंबर पर आती है। कई शोधकर्ताओं ने पूरे अमेरिका (America) में 3, 647 लोगों की जांच की जिनके शरीर में ट्यूमर (Tumor) पूरी तरह से नहीं फैला था। इन सभी रोगियों का सफल इलाज किया गया। बता दें कि विवाहित लोगों के बचने की संभावना 72 प्रतिशत तक थी, उसमें भी पत्नियों के जीवित रहने की संभावना अधिक थी। यहां समझने वाली बात यह है कि जिन पुरुषों की पत्नियों की मौत हो चुकी है, उनके भी जीवित रहने की संभावना काफी कम पाई गई है।
जानिए क्या होता है पेट का कैंसर
हमारे शरीर में सभी अंगों का कुछ न कुछ पूर्व निर्धारित काम होता है, ऐसे में पेट को हमारे द्वारा खाए गए खाने को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ने और उसे डाइजेस्ट (Digestion) करने का काम करता है। पेट के कैंसर की शुरुआत तब होती है जब पेट के अंदर की परत में कैंसर की कोशिकाएं बनने लगती हैं, ये कोशिकाएं ट्यूमर का रूप ले लेती हैं। इस कैंसर को असल में गैस्ट्रिक कैंसर (Gastric Cancer) कहा जाता है, यह बीमारी बढ़ने में काफी समय लेती है।
जानिए क्या है गैस्ट्रिक कैंसर के लक्षण
बताते चलें कि 60-80 आयुवर्ग के लोगों को इस बीमारी से संक्रमित होने का ज्यादा खतरा बना रहता है। वहीं अगर बात करें गैस्ट्रिक कैंसर (Gastric Cancer) के लक्षणों की तो अगर आपको खाना निगलने में किसी तरह की दिक्कत आए, खाना खाने के बाद पेट में ब्लोटिंग का अहसास हो, भूख कम लगे यानी थोड़ा सा खाना खाकर ही पेट भरने का अहसास हो, सीने में जलन, अपच, थकान, पेट में दर्द, बेवजह वजन कम होना, उल्टी आदि ये सभी पेट के कैंसर के लक्षण हैं।
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