August 14, 2022

ये हैं भारत के सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे शख्स, 20 डिग्रियों के साथ डॉक्टर-IAS-IPS से लेकर तय किया मंत्री तक का सफर

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क्या आपने कभी सोचा है की पढ़ाई में एक आदमी ज्यादा से ज्यादा कितनी डिग्री ले सकता हैं। इतना ही नहीं वह कितने पद भर संभाल सकता है, लेकिन हमारे देश में एक ऐसे भी शख्स हैं। जिनके पास 20 से ज्यादा डिग्री रही हैं। इतना ही नहीं वह डॉक्टर, वकील,आईपीएस आईएएस, विधायक, मंत्री, कुलपति और मोटिवेशनल स्पीकर भी रहे हैं। बेहद कम उम्र में इतनी उपलब्धियां पाने वाले शख्स का पूरा नाम डॉ. श्रीकांत जिचकर है। इनका नाम भारत के सबसे योग्य व्यक्ति के रूप में लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है। श्रीकांत जिचकर (Shrikant Jichkar) का जन्म 14 सितंबर 1954 को नागपुर (Nagpur) के मराठा परिवार में हुआ था। श्रीकांत भारत (India) के सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे व्यक्ति थे।
1973 से 1990 के बीच श्रीकांत ने कुल मिलाकर 42 यूनिवर्सिटीज की परीक्षाएं दी। जिसमें से वो ज्यादातर विषय में फर्स्ट डिवीजन से पास हुए। श्रीकांत को कई गोल्ड मेडल भी मिले थे। इसके अलावा श्रीकांत ने कई विषयों जैसे राजनीति, थिएटर, जर्नलिज्म में रिसर्च भी की थी। श्रीकांत जिचकर ने अपने करियर की शुरुआत डॉक्टर के रूप में की। इसके लिए उन्होंने सबसे पहले MBBS और फिर MD की डिग्री हासिल की। इसके बाद श्रीकांत जिचकर कानून की पढ़ाई की तरफ चल दिए। उन्होंने कानून की पढाई के लिए LL.B. और पोस्ट ग्रेजुएशन इन इंटरनेशनल लॉ LL.M. की डिग्री ली। सिर्फ इतना ही नहीं इसके बाद जिचकर ने एमबीए की डिग्री ली फिर जर्नलिज्म की भी डिग्री ली।
जिचकर के पास ये थी डिग्रियां
डॉ. श्रीकांत जिचकर के पास अगर डिग्रियों की बात की जाए तो उनके पास कई तो ऐसे विषय थे, जिनमें उन्होंने MA की डिग्रियां हासिल की थी। जर्नलिज्म के साथ-साथ जिचकर ने MBA और बिज़नेस स्टडी में डिप्लोमा किया था। इसके अलावा उन्होंने D.Litt और इंटरनेशनल लॉ में पोस्ट ग्रेजुएशन किया था। श्रीकांत जिचकर डॉक्टर पीएचडी की वजह से नहीं बल्कि MBBS और MD करने की वजह से बोला जाता है। डॉ. श्रीकांत ने साल 1978 में सिविल सर्विसेज परीक्षा भी दी। जिसके बाद वह IPS अधिकारी बनें। लेकिन उन्होंने वहां से जल्‍द ही त्‍यागपत्र दे दिया। इसके बाद उन्होंने साल 1980 में फिर से सिविल सर्विसेज परीक्षा दी। इसमें वे IAS के रूप में चुने गए। लेकिन यहां भी वो ज्यादा दिन नहीं टिके और सिर्फ 4 महीने में ही उन्होंने इस पद से इस्तीफ़ा देकर राजनीती में आने का फैसला किया।
यह थी श्रीकांत जिचकर के पास डिग्रियां
1. Medical Doctor, MBBS and MD
2. Law, LL.B
3. M.A. Sociology
4. M.A. History
5. M.A. Economics
6. M.A. English Literature
7. M.A. Public Administration
8 M.A. Sanskrit
9. M.A. Philosophy
10. M.A. Political Science
11. M.A. Ancient Indian History, Culture and Archaeology
12. M.A Psychology
13. International Law, LL.M
14. Masters in Business Administration, DBM and MBA
15. Bachelors in Journalism
16. D. Litt. Sanskrit
17. IPS
18. IAS
डॉ. श्रीकांत का राजनीती सफर

साल 1980 में डॉ. श्रीकांत जिचकर ने 25 साल की उम्र में MLA बनकर सबसे कम उम्र में MLA बनने का रिकॉर्ड बनाया। डॉ. श्रीकांत ने राजनीति में जल्द ही मजबूत पकड़ हासिल कर ली। आगे जाकर जिचकर को मंत्रालय भी दिया गया। मंत्री के रूप में डॉ जिचकर को एक समय में 14 से ज्यादा विभाग दिए गए थे। वह राज्यसभा सांसद भी बनें। डॉ. श्रीकांत के पास 52,000 से ज्यादा किताबों की पर्सनल लाइब्रेरी थी। एक समय उन्हें बताया गया कि उन्हें कैंसर हो गया है। यह लास्ट स्टेज में हैं। डॉक्टरों ने जवाब दे दिया था, लेकिन इसबीच ही उनकी मुलाकात संस्कृत के एक बड़े विद्ध्वान से हुई। उन्होंने कहा कि आप सही हो जाएंगे। आप को अभी और जीना है। इसी के बाद श्रीकांत जिचकर ठीक होते चले गये। उन्होंने फिर से पढ़ाई पर फॉक्स किया और संस्कृत जैसे विषय में डी लिट की उपाधि ली, लेकिन 2 जून 2004 को नागपुर से लगभग 60 किलोमीटर दूर एक सड़क दुर्घटना में डॉ. श्रीकांत जिचकर का निधन हो गया।
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