August 10, 2022

Knowledge News: क्या होती है आचार संहिता, विस्तार से जानिए इसके नियम

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साल की शुरुआत के साथ ही देश के पांच राज्यों में (Assembly Election 2022) चुनावी बिगुल बज चुका है। इस साल उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड (Uttarakhand), पंजाब (Punjab), गोवा (Goa) और मणिपुर (Manipur) में चुनाव होने वाले हैं। 10 फरवरी को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में पहले चरण की शुरुआत के साथ देश में चुनाव शुरु हो जाएंगे। चुनाव आयोग ने 8 जनवरी को देश में होनें वाले विधानसभा चुनावों (Assembly Elections) को लेकर के घोषणा कर दी है। कुल 7 चरणों में होने वाले चुनाव 7 मार्च तक चलेंगे। जिसका पहला चरण 10 फरवरी, दूसरा चरण 14 फरवरी, तीसरा चरण 20 फरवरी, चौथे चरण 23 फरवरी, पांचवा 27 फरवरी, छठा 3 मार्च और सातवा चरण 7 मार्च को पूरा होगा। इसके साथ ही 10 मार्च को चुनावी नतीजों को घोषित भी कर दिया जाएगा। चुनाव आयोग द्वारा चुनावों की घोषणा हो जाने के बाद भारत में तुरंत बाद ही आचार संहिता (Code Of Conduct) लागू कर दी जाती है। तो आज की इस स्टोरी में हम आपके आचार संहिता से जुड़े सवालों का जवाब देंगे…
क्या होती है आचार संहिता
भारत के चुनाव आयोग की आदर्श आचार संहिता भारत के चुनाव आयोग द्वारा राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के चुनाव के दौरान मुख्य रूप से भाषणों, मतदान दिवस, मतदान केंद्रों, विभागों, चुनाव घोषणापत्र, जुलूस और सामान्य आचरण के संबंध में जारी दिशानिर्देशों का एक समूह है। आचार संहिता को पॉलिटिकल पार्टियों की सहमति से विकसित किया गया है। इसके साथ ही पार्टियों ने संहिता में निहित सिद्धांतों को अपने अक्षर और भावना में पालन करने की सहमति दी है।
कब और क्यों होती है लागू
चुनाव आयोग द्वारा चुनावों की घोषणा के तुरंत बाद ही आदर्श आचार संहिता लागू हो जाती है और पूरे चुनावी प्रकरण के खत्म होनें तक चलती है। इसे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की आवश्यकता के कारण लागू किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य इस बात को सुनिश्चित करना है कि केंद्र और राज्यों की रूलिंग पार्टी अपनी पावर का नाजायज फायदा उठाते हुए चुनाव में अपने लाभ के लिए काम न करें। इसके साथ ही इसे उन प्रथाओं के लिए डिजाइन किया गया है, जिन्हें आदर्श आचार संहिता के तहक भ्रष्ट माना गया है। जैसे कि कोई भी नेता अपनी ऑपोजिट पार्टी के खिलाफ हेट फैलाने वाले भाषण नहीं दे पाएगा, इसके साथ ही वोटर को लुभाने के लिए कोई नए वादे भी नहीं करेगा।
ये हैं आचार संहिता के नियम
कोरोना के मद्देनजर किए गए बदलाव
इसके साथ ही कोरोना महामारी को मद्देनजर रखते हुए चुनाव आयोग ने स्पेशल गाइडलाइन्स जारी की हैं, जिनके तहत वोटर्स को पोस्टल बैलेट के साथ साथ डोर स्टेप वोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। जहां कोरोना पॉजिटिव के लिए पोस्टल बैलेट और 80 प्लस सीनियर सिटिजन और दिव्यांगों को डोर स्टेप वोटिंग की सुविधा दी गई है। कोविड को ध्यान में रखते हुए 16% पोलिंग बूथ बढ़ाए गए हैं जिसके अंतर्गत 2.15 लाख से ज्यादा मतदान केंद्र बने हैं। एक मतदान केंद्र में वोटर्स की मैक्सिमम संख्या 1500 को घटाकर 1250 कर दिया गया है। इसके साथ ही कैंडिडेट्स को 15 जनवरी तक जनसभा करने की अनुमति नहीं हैं। कैंडिडेट्स वर्चुएल रैली और डोर टू डोर प्रचार कर सकते हैं, वहीं डोर टू डोर प्रचार में भी केवल 5 लोगों को ही शामिल होनें की अनुमति है। 15 जनवरी के बाद कोविड हालातों का रिव्यू किया जाएगा और इसके बाद ही जनसभा और रैलियों पर निर्णय लिया जाएगा। ऐसे में अगर इसकी इजाजत दी जाती है तो सभी को कोविड नियमों का पालन करना होगा। इस दौरान कोरोना नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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