November 26, 2022

ईआरसीपी निगम को विभिन्न विभागों की अनुपयोगी भूमि मिलेगी निशुल्क

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संदेश न्यूज। जयपुर. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई। बैठक में प्रदेश के 13 जिलों में पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना से सिंचाई व पेयजल के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने, राजकीय भर्तियों में आरक्षण संबंधित रियायत प्रदान करने, उत्कृष्ट खिलाड़ियों का मनोबल और जैसलमेर में औद्योगिक निवेश बढ़ाकर रोजगार की संभावना में वृद्धि करने सहित कई बड़े फैसले लिए गए।
मंत्रिमंडल ने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए अहम निर्णय लिया है। अनुमोदित प्रस्ताव के अनुसार, ईआरसीपी निगम को जल संसाधन विभाग, सीएडी, आईजीएनडी, एसडब्ल्यूआरपीडी के स्वामित्व की अनुपयोगी भूमि एवं भूमि से संबंधित सम्पत्तियों का नि:शुल्क हस्तांतरण किया जाएगा। साथ ही निगम के वित्तीय प्रबंधन के लिए विभागों द्वारा हस्तांतरित भूमि को बेचान, लीज व अन्य उपयोग में लिया जाकर प्राप्त शत-प्रतिशत आय का उपयोग निगम के कार्यों के लिए किया जाना है। उल्लेखनीय है कि ईआरसीपी प्रदेश के 13 जिलों झालावाड़, बारां, कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, भरतपुर, दौसा, अलवर, जयपुर, अजमेर एवं टोंक के लिए पेयजल के साथ-साथ सिंचाई की भी अतिमहत्वपूर्ण परियोजना है।
नई राजस्थान स्टार्टअप नीति-2022 का अनुमोदन
मंत्रिमंडल ने नई राजस्थान स्टार्टअप नीति 2022 का अनुमोदन किया है। इस नीति से प्रदेश के स्टार्टअप, उद्यमशील विद्यार्थियों, ग्रामीण स्टार्टअप्स एवं संस्थानिक इन्क्यूबेशन सेंटर्स को फायदा मिलेगा। प्रदेश में निवेश व रोजगार सृजन के अवसर बढ़ेंगे और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
अनुकंपा नियुक्ति में बदलाव
मंत्रिमंडल ने बैटल कैजुअल्टी, फिजिकल कैजुअल्टी के आश्रितों को अथवा स्थायी रूप से अशक्त सशस्त्र बल सेवा कार्मिकों तथा पैरा मिलिट्री (बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, कोस्ट गार्ड) कार्मिकों के आश्रितों को अनुकम्पात्मक नियुक्ति नियम-2002 में प्रस्तावित संशोधन को मंजूरी दी गई है। उक्त संशोधन के बाद शहीद परिवार तथा उक्त सेवाओं के स्थायी रूप से अशक्त कार्मिकों के आश्रित सदस्यों को पे-लेवल 10 तक के पदों पर नियुक्तियां प्रदान की जाएगी तथा पूर्व की अपेक्षा ऐसे परिवारों को बेहतर रूप से संबल प्रदान किया जा सकेगा।
कर्मचारियों के लिए नियम में बदलाव
मंत्रिमंडल ने राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम, 2017 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए कार्मिकों के हितों में बड़ा निर्णय लिया है। इसमें राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 17 के अंतर्गत कार्मिक को दी गई लघु शास्तियों के मामलों में एसीपी में पारिणामिक प्रभाव को समाप्त किया जा रहा है।
पर्यवेक्षक के पद पर सीधी भर्ती में ईडब्ल्यूएस को
आरक्षित वर्ग के समान आयु सीमा में छूट
मंत्रिमंडल ने राजस्थान समेकित बाल विकास (राज्य एवं अधीनस्थ) सेवा नियम, 1998 में संशोधन किया है। इससे पर्यवेक्षक के पद पर अति पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर के अभ्यर्थियों को भी आरक्षित वर्ग के समान ऊपरी आयु सीमा में छूट मिलेगी। महिला एवं बाल विकास विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से पर्यवेक्षक के पद पर सीधी भर्ती के लिए ऊपरी आयु सीमा में 10 वर्ष की छूट का प्रावधान है, जिसमें आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 5 वर्ष की अतिरिक्त छूट भी देय है। अब यह शिथिलता अन्य आरक्षित वर्गों के साथ-साथ अति पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों को भी मिल सकेगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020-21 की बजट घोषणा में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों को आरक्षित वर्ग के समान आयु सीमा में शिथिलन देने की घोषणा की गई थी।
नए अनुसूचित क्षेत्रों के अभ्यर्थियों को भी मिलेगा आरक्षण का लाभ
मंत्रिमण्डल ने राज्य में अनुसूचित क्षेत्रों का दायरा बढ़ने के परिणामस्वरूप उस क्षेत्र के अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ देने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया है। इस क्रम में राजस्थान अनुसूचित क्षेत्र अधीनस्थ, लिपिकवर्गीय और चतुर्थ श्रेणी (भर्ती एवं सेवा की अन्य शर्तें) नियम-2014 में केंद्र सरकार की 19 मई 2018 को जारी अधिसूचना के अनुसार संशोधन किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार की अधिसूचना के अन्तर्गत प्रदेश के बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर, राजसमन्द, चित्तौड़गढ़, पाली व सिरोही जिलों में अनुसूचित क्षेत्रों का दायरा बढ़ गया था, जिस कारण बढ़े हुए क्षेत्रों के अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा था। उक्त अनुमोदन से अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ प्राप्त हो सकेगा।
खिलाड़ियों को राजकीय सेवा में दो प्रतिशत आरक्षण्
मंत्रिमंडल ने राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को राजकीय सेवाओं में 2 प्रतिशत आरक्षण का लाभ ‘राजस्थान इंजीनियरिंग सबआॅर्डिनेट सर्विसेज (इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टोरेट ब्रांच) और राजस्थान साइंस एंड टेक्नोलॉजी (स्टेट एंड सबआॅर्डिनेट) सेवाओं में भी देने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। राज्य सरकार ने दिनांक 21 नवंबर 2019 को ही अधिसूचना जारी कर विभिन्न राजकीय सेवाओं में उत्कृष्ट खिलाड़ियों को आरक्षण का लाभ देने का प्रावधान लागू कर दिया था, तब प्रक्रियाधीन होने के कारण उक्त दो सेवाओं में नियमों में संशोधन नहीं हो पाया था। साथ ही, बैठक में राष्ट्रीय खेलों में प्रतिनिधित्व करने वाले राजस्थान राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को भी ह्यआउटस्टैंडिंग स्पोर्ट्सपर्सनह्य की श्रेणी में शामिल करने के प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया गया है। इस निर्णय से राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा।
हिण्डोली की राजकीय आईटीआई का नाम बदला
मंत्रिमण्डल ने बूंदी के हिण्डोली में स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान का नामकरण बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हिण्डोली, जिला बून्दी का नामकरण डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हिण्डोली, (बूंदी) किये जाने से स्थानीय जनभावनाओं का सम्मान हो सकेगा तथा बाबा साहब के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने 30 जुलाई 2022 को अपनी बूंदी यात्रा के दौरान हिण्डोली में बनने वाले आईटीआई कॉलेज का नाम डॉ. भीमराव अंबेडकर आईटीआई. कॉलेज करने की घोषणा की थी।
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