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जयपुर। महामारी कोरोना वायरस के खिलाफ देशभर में जंग जारी है। देशभर में ​टीकाकरण का अभियान चलाया जा रहा है। राजस्थान के उदयपुर जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है। युवक ने आरोप लगाया कि उसे कोरोना टीका लगवाने का झांसा देकर बुलाया गया था। बाद में बिना बताए पीड़ित की नसबंदी कर दी गई। युवक ने भूपालपुरा थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराई है। उसके बाद पुलिस जांच में जुट गई है।
होश आने पर पता चला कि नसबंदी हो गई
बताया जा रहा है कि यह युवक शादीशुदा है लेकिन निसंतान है। युवक ने आरोप लगाया कि हॉस्पिटल में उसे इंजेक्शन लगाया था। उसके बाद क्या हुआ उसे कुछ भी पता नहीं है। होश में आने के बाद पता चला कि उसकी नसबंदी हो गई।
टीका के लिए 2000 का लालच
पुलिस के अनुसार, पीड़ित युवक का नाम कैलाश गमेती है। भूपालपुरा थाने में दी गई रिपोर्ट में कैलाश ने बताया कि 29 दिसंबर की सुबह वह मजदूरी के लिए बेकनी पुलिया के पास खड़ा था। उसी दौरान नरेश रावत नाम का एक युवक उसके पास आया। उसने उसे रुपये 2000 का लालच देकर कोरोना का टीका लगवाने की बात कही। नरेश उसे स्कूटी से एक हॉस्पिटल में ले गया। वहां इंजेक्शन लगाकर उसे बेहोश कर दिया गया। बाद में उसका नसबंदी का ऑपरेशन कर दिया गया। उसके बाद नरेश ने कैलाश को उसकी बहन के घर छोड़ दिया और 1100 रुपये दे दिए।
परिवार में एक इकलौता बेटा है पीड़ित
नसबंदी का ऑपरेशन होने के बाद युवक और उसके परिवार के सदस्य काफी परेशान हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पीड़ित कैलाश अपने परिवार में एक इकलौता बेटा है। उसकी कोई संतान नहीं होने के चलते पीड़ित की मां भी काफी परेशान है। कैलाश की आरोपों में कितनी सच्चाई है यह तो जांच के बाद ही सामने आएगा।


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