December 6, 2022

लंपी स्किन को लेकर गहरी नींद में राजस्थान सरकार, हालात नहीं सुधरे तो घातक होंगे परिणाम

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जयपुर। लंपी वाइरस का कहर देशभर में जारी है। राजस्थान में तो ये आफ्त बन चुकी है। अब तक 11 लाख 25 हजार गोवंश देशभर में लंपी वायरस से प्रभावित हो चुके हैं।50 हजार गोवंशों की मौत हो चुकी है। देश के 165 जिलों में लंपी वायरस ने अपनी दस्तक दे दी है।ये जानकारी सरकारी आंकड़ों में दी गई है। राजस्थान में गौवंश पर कहर बनकर टूट रहें लंपी वाइरस से निपटने के लिए किये जा रहें प्रयास नाकाफी साबित हो रहें हैं। प्रदेश में प्रतिदिन हजारों गौवंश लम्पी संक्रमण के चलते दम तोड़ रहें हैं और सरकार मूक दर्शक बनकर सब देख रही है। यदि जल्द बचाव के लिए टोस प्रबंध नहीं किए गए तो इसके घातक परिणाम आ सकते हैं।
लंपी वायरल को हल्के में ना ले राजस्थान सरकार
लंपी वायरस को हल्के में नहीं लेना चाहिए। लंपी स्किन का संचार वैक्टीरिया, मच्छरों, रोगी गोवंश के रक्त के प्रवाह से, संक्रमित गोवंश का एक दूसरे के संपर्क में आने से ये फैलता है। सबसे पहले लंपी स्कीन वायरस का पहला मामला 2019 में उड़ीसा में मिला था। फिर साल के अंत तक यह पूर्वी राज्यों में फैल चुका था।संक्रमण के फैलाव का यह क्रम जारी है। महज दो सालों में ये गुजरात और महाराष्ट तक फैल गया।
राजस्थान में टीकों की कमी बड़ी वजह
राजस्थान में लंपी का कहर बढ़ता जा रहा है। सरकार जिलों में पर्याप्त मात्रा में टीके उपलब्ध नहीं करा पा रही है, जिसके चलते संक्रमण स्वस्थ गौवंश को भी अपना शिकार बना रहा है। वैसे देखा जाए तो इस बीमारी का कोई पुख्ता इलाज या वैक्सीन कप तक नही बना है। फिलहाल गोटपॉक्स की वैक्सीन को विकल्प के तौर पर प्रयोग किया जा रहा है।
UP में योगी सरकार ने लागू किया मलेशिया मॉडल
जबकि यूपी सरकार ने मलेशियाई मॉडल अपनाकर पहले से ही कमर कसते हुए, पर्याप्त टिकाकरण की व्यवस्था करली है। उत्तरप्रदेश में प्रतिदिन गायों को दो लाख टिके लगाने की तैयारी की जा चुकी है, जिसे जल्द ही 3 लाख प्रतिदिन किया जाएगा।
राजस्थान का रेगिस्तान बना श्मशान
लंपी वायरस के कहर के चलते पश्चिमी राजस्थान का रेगिस्तान श्मशान बन चुका है। रेगिस्तान में हुए बड़े-बड़े गड्ढे इस बात की गवाही दे रहे है कि गायों पर लंपी का कहर काल का ग्रास बनकर बरस रहा है। सरकार और प्रशासन बार-बार दावा कर रहा है कि लंपी की चपेट में आए गोवंश को मौत के बाद दफनाया जा रहा है लेकिन बाड़मेर शहर के अरिहंत नगर से तो बेहद भयावह तस्वीरें सामने आई है। यहां पर गोवंश को मौत के बाद खुले में फेंका जा रहा है जिसका स्थानीय लोगों ने जब विरोध किया तो अब गोवंश को दफनाना शुरू किया गया है।
बीकानेर में लंपी स्किन से 2,500 गायों की गई जान
लंपी स्किन डिजीज का प्रभाव बीकानेर जिले में भी देखा जा रहा है। अब तक 84 हजार के करीब गाय इस संक्रमण की चपेट में आ गई है, तो वहीं प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए इनका इलाज शुरू कर इनको मौत के मुंह से निकालने का प्रयास किया है। बात चाहे ग्रामीण क्षेत्र की करें या शहरी क्षेत्र के हर जगह इस संक्रमण का असर दिखाई दे रहा है। अगर सरकारी आंकड़ों की बात करें तो अब तक करीब 84 हजार पशु इस संक्रमण की चपेट में आ गए हैं, तो वहीं सैकड़ों पशु मौत का ग्रास बन चुके हैं।
क्या है लंपी वाइरस
लंपी वाइरस पशुओ में पाया जाने वाला खतरनाक वाइरस जनित संक्रमण है। जो एक पशु के शरीर से दूसरे पशु के शरीर मे फैलता है। लंपी से संक्रमित पशु को तेज बुखार आने लगता है साथ ही वह खाना पीना छोड़ देता है और संक्रमित पशु के गर्दन ,चहरे, थूथन, पलकों समेत पूरे शरीर पर गांठे उभरने लगती हैं, जो संक्रमण बढ़ने पर फूटने लगती हैं, जिससे पशु के शरीर में घाव होने लगते हैं। इससे पशुओं का इम्यून सिस्टम धीरे धीरे काम करना बन्द करने लगता है और पशु की मौत हो जाती है।


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