December 5, 2022

Commonwealth Games के आखिरी दिन भी भारतीय खिलाड़ियों का कमाल जारी, अब अचंत शरत ने दिलाया देश को एक और गोल्ड

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बर्मिंघम में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 का आज 11वां एवं आखिरी(last day of the ongoing Commonwealth Games 2022) दिन है। टेबल टेनिस के पुरुष एकल फाइनल में भारत के अनुभवी खिलाड़ी अचंत शरत कमल ने गोल्ड मेडल हासिल किया है। फाइनल मुकाबले में अचंत ने इंग्लैंड के लियाम पिचफोर्ड को मात (Achant defeated Liam Pitchford) दी। अचंत ने 11-13, 11-7, 11-2, 11-6, 11-8 से यह मुकाबला अपने नाम किया। अचंत शरत कमल का मौजूदा गेम्स में यह दूसरा गोल्ड मेडल (second time in singles) रहा। साथ ही दूसरी बार सिंगल्स में अचंत ने कॉमनवेल्थ में गोल्ड हासिल (won gold in the Commonwealth) किया है।
राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुष एकल वर्ग में कांस्य पदक जीता
🥇KAMAL KA KAMAAL🔥@sharathkamal1 🏓wins against Liam (ENG) (4-1) (11-13, 11-7, 11-2, 11-6, 11-8) in the #TableTennis Men’s Singles event at the #CommonwealthGames2022

With this win, Sharath Kamal has bagged an overall 7🥇 medals at the CWG in different categories🤩 pic.twitter.com/OC3vBo47iS
बता दें कि अचंता ने पिछली बार गोल्ड कोस्ट में खेले गए राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुष एकल वर्ग में कांस्य पदक जीता (won a bronze medal in the men’s singles category) था। लेकिन 40 साल के इस दिग्गज ने इस बार सुनिश्चित किया कि वह अपने पदक का रंग बदलेगा (40-year-old veteran made)। फाइनल में पहुंच कर उन्होंने पदक का रंग तो बदल दिया था लेकिन उनकी नजरें सोने के तमगे (medal but his eyes)पर ही थीं जो उन्होंने आखिरकार हासिल कर लिया। ऐसा लग रहा था कि पिचफोर्ड अचंता को चुनौती देंगे (Indian legend showed a one-sided game) लेकिन ऐसा हुआ नहीं और भारतीय दिग्गज ने एकतरफा खेल दिखाते हुए भारत की झोली में पदक डाला। पिचफोर्ड कहीं से कहीं तक अचंता को चुनौती नहीं दे पाए। सिर्फ पहला गेम ही इस मैच में ऐसा गेम रहा जिसमें वह लड़े। ये मैच उन्होंने 13-11 से नाम किया। लेकिन अंचता ने अगले चार गेम जीतकर पदक जीत लिया (medal by winning the next four games)।

बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में तीसरा स्वर्ण पदक
गौरतलब है कि अचंता का ये बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में तीसरा स्वर्ण पदक(Achanta’s third gold medal) है। इससे पहले उन्होंने अपनी अगुआई में पुरुष टीम को स्वर्ण पदक दिलाया (gold medal in the mixed doubles) था। इसके बाद उन्होंने मिश्रित युगल वर्ग में युवा महिला खिलाड़ी श्रीजा अकूला के साथ मिलकर स्वर्ण पदक जीता। पुरुष युगल वर्ग में हालांकि वह स्वर्ण पदक जीतने से चूक गए। यहां वे जी साथियान के साथ उतरे थे और इस जोड़ी को इंग्लैंड के पिचफोर्ड, पॉल ड्रिंकहॉल की जोड़ी ने मात दे रजत पदक पर ही (silver medal by the pair of Pitchford, Paul Drinkhall of England) रोक दिया था।

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