October 3, 2022

Health Tips: पीरियड्स के दौरान महिलाओं को होती हैं ये पांच समस्याएं, यहां जानें उनका इलाज

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Health Tips: पीरियड्स के दौरान महिलाओं को होती हैं ये पांच समस्याएं
Health Tips: पीरियड्स (Periods) महिलाओं को होने वाली एक प्राकृतिक प्रक्रिया (Natural Process) है। यह एक प्राकृतिक मासिक चक्र (Menstruation Cycle) है जिससे महिलाएं गर्भावस्था (Pregnancy) को संभव बनाने के लिए गुजरती हैं। यह गर्भाशय (Uterus) को मां बनने के लिए तैयार करता है। इस दौरान महिलाओं में कई तरह के हार्मोनल बदलाव (Hormonal Changes) होते हैं। इसके साथ ही पीरियड्स में महिलाओं को कई तरह की शारीरिक और मानसिक परेशानियों (Physical and Mental Problems) से भी गुजरना पड़ता है। हम आपको पीरियड्स में होनें वाली समस्याएं और उन्हें कम करने के कुछ उपाय बताएंगे…
ब्लोटिंग (Bloating)
ज्यादातर महिलाएं इस दौरान पेट की कई समस्याओं से पीड़ित होती हैं। पीरियड्स में महिलाओं को न केवल पेट फूलने की समस्या होती है, बल्कि कई बार उन्हें डायरिया भी हो जाता है। जिसके पीछे कारण ये है कि इस दौरान वाटर रिटेंशन में स्पाइक होता है। ऐसे में आप क्या कर सकते हैं? एक्सपर्ट्स कहते हैं कि जब आपको मासिक चक्र के दौरान ब्लोटिंग और डायरिया जैसी समस्या होती है, तब आपको नमक का सेवन कम कर देना चाहिए। इसके अलावा पीरियड्स के दौरान महिलाओं का शराब का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। ओमेगा -3 फैटी एसिड से भरपूर भोजन करें जैसे अखरोट, सैल्मन और अन्य मछली जैसे सीफूड, सोयाबीन, पालक। आप अपने पीएमएस के दौरान तैयारी कर सकते हैं। अपने कैल्शियम और मैग्नीशियम का सेवन बढ़ाएं। इसके साथ ही आप सप्लीमेंट भी ले सकती हैं, लेकिन इससे पहले किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें। आपको इस दौरान अपने खाने में पोटेशियम युक्त भोजन केला, टमाटर जैसे कई चीजों को शामिल करना चाहिए।
मूड स्विंग्स (Mood Swings)
महिलाएं को अक्सर आपने चिड़चिड़ाते और गुस्सा करते देखा होगा, ये उनके साथ मूड स्विंग्स के कारण हो सकता है। महिलाओं को ये मूड स्विंग्स ब्लीडिंग या ओव्यूलेशन के दौरान होते हैं। इन्हें हम खत्म तो नहीं कर सकते पर इनपे काबू जरूर पाया जा सकता है। हार्मोन्स में बदलाव के कारण महिलाओं को पीरियड्स और ओव्यूलेशन के समय बहुत ज्यादा मूड स्विंग्स होते हैं। इन्हें कम करने में कुछ तरह के खाद्य पदार्थ आपकी मदद कर सकते हैं। आपको नियमित रूप से पत्तेदार हरी सब्जियां और साबुत अनाज वाले खाद्य पदार्थ खाने चाहिए। वे कॉम्प्लेक्स कार्ब्स से भरपूर होते हैं जो हमारे मूड को कंट्रोल करने में हमारी मदद करते हैं।
क्रेविंग्स (Cravings)
जब भोजन सभी समस्याओं को हल कर देता है, तो एक मौका होता है कि हम इस दौरान अधिक खा लेते हैं और वेट गेन करना शुरू कर देते हैं। आप अकेली नहीं हैं जो पीरियड्स के दौरान चॉकलेट और आइसक्रीम खाते रहना चाहते हैं। पीरियड्स शुरू होने से पहले मस्तिष्क में सेरोटोनिन के स्तर में गिरावट आती है जिससे हमें नमकीन और मीठा खाने की इच्छा होती है। हालांकि कभी-कभी अपनी इच्छाओं के आगे झुकना ठीक है, लेकिन इसे नियंत्रित तरीके से करने का प्रयास करें। अपने स्नैकिंग आइटम में कैल्शियम को शामिल करने का प्रयास करें। जैसे कि चॉकलेट के बजाय, अपने पसंदीदा ब्रांड के चॉकलेट सिरप के साथ एक न्यूट्री बार या एक गिलास दूध लें।
हर समय थका हुआ महसूस होना (Tired All The Time)
आप आलसी नहीं हैं, आपको पीरियड्स हो रहें हैं! खून की कमी से आपको आयरन की भी कमी हो जाती है। आयरन एक स्फूर्तिदायक खनिज है जो आपके शरीर को सक्रिय रखता है। पालक, बीन्स और दाल से आयरन की कमी को पूरा किया जा सकता है।
पीरियड्स क्रैम्प्स (Period Cramps)
पीरियड्स में लगभग हर महिला को हल्के या तेज क्रैम्प्स होते ही हैं। ये क्रैम्प्स प्रोस्टाग्लैंडीन हार्मोन के कारण होते हैं, जितना इसका लेवल आपके शरीर में ज्यादा होगा आपको पीरियड्स में उतने तेज क्रैम्प्स हो सकते हैं। इसी वजह से कुछ महिलाओं की तुलना में कुछ को इस दर्द का अनुभव थोड़ा ज्यादा होता है। इसका सीधा सादा इलाज दवाई और उसके साथ ही आराम है। इसके अलावा आप गर्म पानी का सेंक, अच्छी मसाज और कम से कम 30 मिनट योगा या एरोबिक्स से इस दर्द को कम कर सकते हैं।
Note: यहां दी गई जानकारी सामान्य ज्ञान पर आधारित है। इन्हें फॉलो करने से पहले एक बार एक्सपर्ट की सलाह अवश्य ले लें।
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