December 3, 2022

Rajasthan Weather Update: पश्चिमी विक्षोभ हुआ सक्रिय, इन जिलों में बारिश की चेतावनी, इसके बाद बढ़ेगी सर्दी

wp-header-logo-143.png

जयपुर। उत्तर भारत में सक्रिय हुए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) का असर सोमवार को प्रदेश के कई शहरों में भी देखने को मिल रहा है। आज सुबह से जयपुर, बीकानेर संभाग में आसमान में हल्के बादल छाए हुए हैं। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक कल यानी मंगलवार को उत्तरी राजस्थान के 7 जिलों में हल्की बारिश भी हो सकती है। बीते 10 दिनों से प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहने के साथ ही फिर से हल्की और उमस ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों बारिश के बाद सर्दी में इजाफा होेने के आसार है।
बादल छाने से तापमान में गिरावट
आज सुबह से ही प्रदेश के अधिकतर जिलों में आसमान में बादलों की आवाजाही के साथ ही लोगों को सूर्य की तपिश से राहत मिली है। बादल छाने की वजह से कई शहरों में रविवार को दिन के तापमान में गिरावट हुई। सवाई माधोपुर, सिरोही, गंगानगर में पारा 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। इसी तरह भीलवाड़ा, पिलानी, कोटा, चित्तौड़गढ़, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, चूरू, टोंक, अलवर करौली में भी अधिकतम तापमान 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरा।
ऐसे बदल रहा है मौसम का मिजाज
बीते 24 घंटों में दिन और रात का तापमान मिला जुला रहा है। 13 डिग्री के साथ सीकर में बीती रात सबसे कम तापमान दर्ज हुआ है। प्रदेश के अधिकतर जिलों में रात का पारा 16 डिग्री के पार दर्ज हुआ है। 21.5 डिग्री के साथ बाड़मेर में बीती रात सबसे गर्म रात दर्ज की गयी। बीते 24 घंटों में कई जिलों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज हुई है। प्रदेश के करीब सभी जिलों में दिन का पारा 34 डिग्री के पार दर्ज हुआ है। आज से कई जिलों में बारिश के साथ गर्मी,उमस से राहत मिल सकती है।
इन जिलों में हो सकती है बारिश
जयपुर मौसम केंद्र के मुताबिक, जो सिस्टम अभी उत्तर भारत में सक्रिय हुआ है, उसका असर 9 नवंबर तक देखने को मिल सकता है। इस सिस्टम से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल में बारिश-बर्फबारी तो हो ही रही है, राजस्थान में भी 8 नवंबर को बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, झुंझुनूं व अलवर जिलों में कहीं-कहीं हल्के दर्जे की बारिश होने की संभावना है।


राजस्थान में कौनसा मुद्दा गहलोत सरकार की असफलता को प्रमाणित करता है ?

View Results


क्या गुर्जर आरक्षण पर गहलोत सरकार द्वारा पारित विधेयक पुराने आश्वासनों का नया पिटारा है ?

View Results
Enter your email address below to subscribe to our newsletter

source

About Post Author