July 5, 2022

टला नहीं है अभी कोरोना का खतरा, इन एडवाइस को फॉलो कर रहें सावधान और सतर्क

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पिछले साल के अंत और इस साल के आरंभ में कोरोना (Coronavirus) के मामले बिल्कुल कम हो गए थे। इस वजह से लगभग सभी प्रतिबंध हटा लिए गए। अब पिछले कुछ दिनों से देश में कोरोना के मामले फिर बढ़ रहे हैं। ऐसे में पूरी सावधानी बरतने और डॉक्टर्स की एडवाइस को फॉलो करने से ही आप इसके संक्रमण से बचे रह सकते हैं। दिल्ली के धर्मशिला नारायणा हॉस्पिटल के सीनियर कंसलटेंट-पल्मोनोलॉजी डॉ. नवनीत सूद के अनुसार आपके लिए यूजफुल एडवाइस।
जब से पूरी दुनिया में कोरोना महामारी (Epidemic) फैली है, तब से यह कभी भी किसी भी देश से पूरी तरह से समाप्त नहीं हो पाई। कोरोना से संक्रमित होने वाले पेशेंट्स की संख्या में कभी-कभी बहुत ज्यादा बढ़ोतरी हो जाती है, तो कभी यह संख्या कम हुई है। ऐसी स्थिति में इसे अलग-अलग चरणों का नाम दे दिया गया है।
महामारी की वर्तमान स्थिति
मौजूदा समय में अपने देश में एक बार फिर से कोरोना के मामलों में तेजी देखने को मिल रही है। हालांकि शुरुआत में इस बात की आशंका जाहिर की जा रही थी कि यह इस महामारी का चौथा चरण हो सकता है, लेकिन अब मौजूदा स्थिति को देखते हुए ज्यादातर एक्सपर्ट्स इस बात पर सहमत हैं कि भले ही कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, लेकिन इसे अभी चौथा चरण यानी फोर्थ वेव नहीं माना जा सकता है।
चौथी लहर की कम आशंका
ज्यादातर एक्सपर्ट्स अब इस बात पर सहमत हैं कि कोरोना का चौथा चरण वास्तव में तब लोगों को संक्रमण की चपेट में लेगा, जब कोरोना का कोई नया वेरिएंट लोगों को संक्रमित करेगा। जबकि भारत की बात की जाए तो मौजूदा समय में कोरोना का पुराना वेरिएंट ही लोगों को संक्रमित कर रहा है। यही वजह है कि इससे बहुत ज्यादा खतरा होने की आशंका नहीं दिख रही है। फिर भी ऐसे कुछ लक्षण हैं, जो पहले होने वाले कोरोना संक्रमण से पूरी तरह अलग हैं और इन पर ध्यान देने की जरूरत है।
कोरोना के मौजूदा लक्षण
कोरोना के हालिया संक्रमण के अधिकांश लक्षण पहले जैसे ही हैं, जो बुखार, खांसी, सिरदर्द, शरीर में दर्द, गले में दर्द जैसे लक्षणों के रूप में दिख रहे हैं। कुछ लोगों को जी मिचलाना, उल्टी और लूज मोशन का सामना भी करना पड़ रहा है। लेकिन मुख्य अंतर यह है कि लोगों को स्वाद या गंध में कमी जैसी स्थिति का अनुभव नहीं हो रहा है, जोकि डेल्टा वेरिएंट कोविड स्प्रेड के प्रमुख लक्षणों में से एक था।
बार-बार संक्रमण फैलने के कारण
पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के अब तक कई वेरिएंट सामने आर चुके हैं। कोरोना के हर बदलते वेरिएंट के साथ ही उसके लक्षणों में भी तेज बदलाव देखने को मिलता रहा है। उदाहरण के लिए अगर भारत में फैले डेल्टा वेरिएंट के लक्षणों की बात की जाए तो उससे ओमिक्रॉन वेरिएंट के लक्षणों में कई बड़े फर्क पाए गए हैं। इसके अलावा कोरोना के ज्यादातर लक्षण साधारण सर्दी-जुकाम से मिलते-जुलते पाए गए हैं। ऐसी स्थिति में लोग यह समझ ही नहीं पाते हैं कि उनमें मिल रहे लक्षण कोरोना के हैं या सर्दी-जुकाम की वजह से होने वाले बुखार के लक्षण हैं। अगर देखा जाए तो इसी तरह संक्रमण के लक्षणों की सही पहचान न कर पाने की वजह से ही कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर सर्दी-जुकाम के सामान्य लक्षण के साथ ही ऐसा कोई लक्षण दिखे, जो सामान्य स्थिति में नहीं पाया जाता, तो ऐसी स्थिति में बिना देर किए, अपनी जांच करवाएं।
रहें एलर्ट
कोरोना के अलग-अलग वेरिएंट्स के बारे में तमाम जानकारी विभिन्न आधिकारिक स्रोतों के साथ ही अपने डॉक्टर से हासिल की जा सकती है। ऐसी स्थिति में कोरोना की चेन को तोड़ने के लिए और सही समय पर लक्षण की पहचान करके उसकी जांच और उचित इलाज कराने के लिए सभी को कोरोना वायरस से संबंधित ऐसे लक्षण, जो आधिकारिक तौर पर बताए गए हैं, उनके बारे में सबको पता होना चाहिए। हमारी एलर्टनेस ही काफी हद तक हमें इस गंभीर बीमारी के संक्रमण और दुष्प्रभावों से बचा सकती है।
ट्रीटमेंट-प्रिवेंशन
वर्तमान समय में दिख रहे कोरोना संक्रमण के लक्षणों के लिए पहले की तरह ही सावधानियां बरतने की सलाह डॉक्टर्स दे रहे हैं। यही नहीं उन्हीं दवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो कोविड-19 के शुरुआती संक्रमण के दौरान इस्तेमाल की जाती थीं। इसके अलावा संक्रमण से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें, भीड़ वाले स्थान पर जाने से बचें, अपने हाथों को नियमित रूप से धोते रहें, सैनिटाइजर का यूज करते रहें, मास्क का प्रयोग करें और अपनी आंखों, मुंह और नाक को बार-बार छूने से बचें।
संक्रमण से बचने के लिए रहें सावधान
देश में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। प्रतिबंधों को हटाने की वजह से अब वर्कप्लेसेस पर भी लगभग सभी एंप्लॉइज आने लगे हैं। ऐसे में इंफेक्शन से बचने के लिए डब्ल्यूएचओ के द्वारा दी गई गाइडेंस को फॉलो किया जाना चाहिए। उसके अनुसार, वर्कप्लेसेस पर काम करने वाले लोगों को कुछ अंतराल पर अपने हाथों को साबुन या एल्कोहल बेस्ड सैनिटाइजर से साफ करते रहना चाहिए। अगर आपस में दूरी एक मीटर से कम है तो सभी को मास्क पहने रहना चाहिए। किसी को खांसी, जुकाम या बुखार जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत कोविड टेस्ट कराना चाहिए और अगर टेस्ट पॉजिटिव आए तो मेडिकल एडवाइस के अनुसार होम आइसोलेशन और ट्रीटमेंट करवाना चाहिए। डब्ल्यूएचओ के अनुसार पूरी तरह फिट मास्क को अच्छी तरह मुंह, नाक कवर करते हुए पहनना चाहिए।
60 वर्ष से ऊपर और बीमार व्यक्तियों को मेडिकल मास्क पहनना चाहिए। युवा लोग फैब्रिक मास्क पहन सकते हैं, अगर उनमें कोविड के लक्षण नहीं हैं और वर्कप्लेस पर फिजिकल डिस्टेंस मेंटेन कर सकते हैं। इस बारे में डब्ल्यूएचओ की चीफ साइंटिस्ट डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने मीडिया इंटरव्यूज में कुछ सलाहें दी हैं। उनके अनुसार, अगर सरकार द्वारा मास्क पहनना अनिवार्य नहीं किया गया है फिर भी हमें अभी मास्क को अच्छी तरह से पहनते रहना चाहिए। इससे कोविड ही नहीं अन्य संक्रामक बीमारियों से भी बचा जा सकता है। कोविड वैक्सीन की बूस्टर डोज के लिए जो भी एलिजिबल हो उसे जरूर लगवाना चाहिए। खराब वेंटिलेशन और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए क्योंकि ऐसे स्थान इंफेक्शन के लिए रिस्की हो सकते हैं। सांस संबंधी किसी रोग से ग्रस्त व्यक्ति को घर में ही रहना चाहिए। इस तरह कोविड के संक्रमण को काफी नियंत्रित किया जा सकता है।

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