October 4, 2022

World Health Day: नाखूनों से पता चलेगा स्वास्थ्य का हाल, इन एक्सपर्ट टिप्स के जरिए जानिए कैसी है आपकी हेल्थ

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World Health Day: नाखून (Nails) हमारे स्वास्थ्य (Health) का आईना होते हैं। नाखून केराटिन (Keratin) नामक तत्व से बने होते हैं। शरीर में पोषक तत्वों (Nutrients Deficiency) की कमी होने पर इसकी सतह प्रभावित होने लगती है, जिससे नाखून का रंग और इसका रूपाकार बदल जाता है। दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल (LNJP Hospital) के सीनियर फिजिशियन (Senior Physician) डॉ. नरेश कुमार (Dr. Naresh Kumar) बताते हैं कि नाखून शरीर के अंदर होने वाली कमियों और भविष्य में होने वाली बीमारियों का संकेत देते हैं। नाखून में होने वाला कोई भी बदलाव अनकोसिया कहलाता है। जिन्हें खान-पान, जीवनशैली में सुधार करके और डॉक्टर से सलाह करके नियंत्रित किया जा सकता है।
नाखूनों का दरदरा होना
अगर आपके नाखून दरदरे हैं तो संभव है कि कुछ समय बाद आपके बाल भी गिर सकते हैं। नाखूनों का दरदरा होना थाइरॉयड या लिवर की बीमारी का संकेत देता है। नाखून की यह स्थिति शरीर में बायोटिन नामक तत्व की कमी का संकेत देता है। ऐसे में आप आहार में तला-भुना या जंक फूड की बजाय संतुलित और पौष्टिक भोजन लें।
नाखूनों का फटना
फटते हुए नाखून, शरीर में आयरन की कमी का संकेत देते हैं। इससे कम उम्र में ही नजर कमजोर हो सकती है और चश्मे का नंबर बहुत जल्दी बदलता है।आयरन की कमी को पूरा करने के लिए सेब, केला, अमरूद और हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करना चाहिए।
मुलायम और टेढ़े नाखून
अगर कोई भी चीज नाखून से पकड़ने पर वो टूट जाए तो यह शरीर में कैल्शियम की कमी का इशारा करता है। ध्यान ना दिए जाने पर व्यक्ति को भविष्य में जोड़ों, पैरों और कमर में दर्द की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। कैल्शियम की कमी को दूर करने के लिए दूध, दूध से बने पदार्थ और हरीपत्तेदार सब्जियों का सेवन करें।
बहुत पतले नाखून
पतले नाखून शरीर में विटामिन डी की कमी का संकेत देते हैं। इसकी वजह से भविष्य में व्यक्ति को थकान महसूस होना, सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में सांस फूलना और मुट्ठी की ग्रिप कमजोर होनी शुरू हो जाती है। इसके लिए आपको धूप में रोजाना कम से कम 20 मिनट बैठना चाहिए।
नाखून के किनारे की खाल फटना
ऐसी स्थिति शरीर में कैल्शियम और बायोटिन की कमी से होती है। जिसकी वजह से कभी-कभी हाथों में झुनझुनाहट होती है। शरीर की तेल ग्रंथियां एक्टिव होने लगती हैं। शरीर पर मुंहासे या दाने निकलने शुरू हो जाते हैं। मसल्स में दर्द रहता है और हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होना शुरू हो जाती हैं। आमतौर पर कैल्शियम और बायोटिन की कमी के कारण 50 साल की उम्र के बाद हडि्डयां कमजोर होने लगती हैं।
नाखूनों पर वर्टिकल लाइंस बनना
कई बार नाखूनों की जड़ से लेकर आगे तक वर्टिकल लाइनें दिखाई देती हैं। ये लाइनें अलग-अलग रंगों की होती हैं। सफेद शरीर में प्रोटीन, कैल्शियम, जिंक और विटामिनों की कमी का संकेत देती हैं। लाल शरीर में किसी अंदरूनी चोट को दर्शाती हैं। नीली हाई ब्लड प्रेशर, रक्तस्राव से होने वाली बीमारियों की ओर इशारा करती हैं। डार्क पर्पल लाइनें लंग्स और लिवर संबंधी बीमारियां का संकेत देती हैं। ब्लैक या ब्राउन लाइंस, मेलानोमा कैंसर का लक्षण हो सकती हैं। अगर ये धारियां नाखून की चौड़ाई में हों तो नाखून बढ़ना बंद हो जाते हैं। ये धारियां शरीर में किडनी, थाइरॉयड या डायबिटीज का संकेत करती हैं। नाखूनों की ऐसी स्थिति में पोषक तत्वों से भरपूर आहार लें। डॉक्टर से भी कंसल्ट करना चाहिए।
नाखूनों पर सफेद धब्बे होना
नाखूनों की इस स्थिति को ल्यूकोनाईकिया कहा जाता है। यह स्थिति शरीर में पोषक तत्वों की कमी या एनीमिया का संकेत देते हैं। कई बार लिवर, किडनी की समस्याओं और स्ट्रेस या डिप्रेशन में भी नखूनों पर छोटे-छोटे सफेद धब्बे दिखाई देते हैं।
नाखूनों का पीला पड़ना
पीले नाखून, फंगल इंफेक्शन या पीलिया का संकेत देते हैं। अगर नाखून बहुत सख्त और मोटे हो गए हैं, तो यह फंगल इंफेक्शन को दर्शाता है। फंगल इंफेक्शन से बचने के लिए रेगुलर ट्रिमिंग और साफ-सफाई का ध्यान रखें।
लेखक- रजनी अरोड़ा
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