August 9, 2022

Bundi: पुजारी की हत्या, 10 लाख की सहायता, आश्रित को संविदा पर नौकरी

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बूंदी. तारागढ़ फोर्ट की पहाड़ी पर स्थित प्राचीन डोबरा महादेव मंदिर के पुजारी विवेकानंद शर्मा की नृशंस हत्या कर अज्ञात बदमाश ठाकुरजी की मूर्ति ले उड़े। घटना सोमवार सुबह की बताई जा रही है। पुलिस को घटना की सूचना एक बकरियां चराने वाले ग्वाले ने दी। सूचना पर पुलिस अधीक्षक जय यादव, एएसपी किशोरी लाल, उपाधीक्षक हेमंत नोगिया, कोतवाली प्रभारी सहदेव मीणा घटना स्थल पहुंचे।

पुजारी की हत्या से ब्राह्मण समाज में रोष फेल गया। समाज से जुड़े लोगों ने वारदात पर आक्रोश व्यक्त करते हुए मोर्चरी के बाहर धरना देकर हत्यारों को गिरफ्तारी करने तथा मृतक पुजारी के परिजनों को 25 लाख रुपए नगद मुआवजा देने, एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग पर अड़ गए। ब्राह्मण समाज मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गया। अधिकारियों की समझाइश के बाद देर रात धरना संपन्न हुआ। मृतक आश्रित को पांच लाख रुपए लोकसभा अध्यक्ष द्वारा, 5 लाख राज्य सरकार और एक आश्रित को संविदा पर नौकरी का आश्वासन दिया गया। इसके बाद रात को पोस्टमार्टम किया गया।

पुजारी के विरोध करने पर हत्या करने का अंदेशा
प्राचीन डोबरा महादेव मंदिर के पुजारी 65 वर्षीय विवेकानंद शर्मा की हमलावरों ने मंदिर में स्थापित काले पत्थर की ठाकुरजी की मूर्ति चुराने की नीयत से हत्या कर दी। पुलिस अधिकारी आशंका जता रहे हैं कि आरोपी मूर्ति चुराकर ले जा रहे होंगे, इसी बीच पुजारी ने विरोध किया होगा। उसके बाद आरोपियों ने पुजारी पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर उनकी हत्या कर दी। हमलावरों ने पुजारी के पेट, सीने ओर गले पर करीब 10 से अधिक वार किए हैं। जब पुलिस पहुंची तो मंदिर परिसर में पुजारी का शव लहूलुहान अवस्था में पड़ा हुआ था। पुलिस अधीक्षक जय यादव की मौजूदगी में डॉग स्क्वायड और एफएसएल टीम ने घटना स्थल से साक्ष्य जुटाए। उसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए चिकित्सालय पहुंचाया गया। उधर पुलिस अधीक्षक ने अज्ञात हत्यारों की धरपकड़ के लिए पुलिस की टीमों का गठन कर उन्हें अलग अलग दिशाओं में भेजा है। पुलिस अधिकारी वरदात को किसी मूर्ति चोर गिरोह द्वारा अंजाम देने की बात से भी इनकार नहीं कर रहे है।

राम-राम का जवाब नहीं आया तो हुआ संदेह
ग्वाला रणजीत रोजाना यहां से गुजरता था तथा पुजारी को बिना देखे ही जोर से राम-राम करता था। इसके बाद पुजारी गेट खोलकर रणजीत को राम-राम कहते थे। सोमवार को भी रणजीत ने पुजारी से राम-राम बोला, राम राम का जवाब नहीं आया तो गेट खोलकर अंदर पहुंचा यहां पुजारी का शव लहूलुहान अवस्था में पड़ा था। रणजीत भील ने पुलिस को सूचना दी।

परिवार के लिए 25 लाख के मुआवजे की मांग थी
ब्राह्मण समाज के लोगों ने मोर्चरी के बाहर धरना शुरू कर दिया है। आक्रोशित लोगों ने पुजारी के शव का पोस्टमार्टम भी नहीं होने दिया। धरने पर मौजूद चर्मेश शर्मा ने बताया कि जब तक मांगे पूरी नही होंगी, तब तक शव का पोस्टमार्टम नहीं होने दिया जाएगा। वार्ता के लिए आए एसडीएम बून्दी को भी वापस लौटा दिया है। उन्हें भी यही कहा गया है कि पहले 25 लाख का चेक और सरकारी नौकरी का लेटर लेकर आओगे तभी कोई बात की जाएगी।

धरने पर मृतक पुजारी के भाई राजेंद्र दीक्षित, राजस्थान ब्राह्मण महासभा जिला अध्यक्ष मिथिलेश दाधीच, महामंत्री घनश्याम दुबे, प्रदेश संगठन मंत्री हनुमान सहाय शर्मा, नरेंद्र तिवारी, रितेश सनाढ्य,भाजपा नेता रूपेश शर्मा, तुषार पारीक, कृष्ण मुरारी चतुर्वेदी, सर्वदमन शर्मा, मनीष मेवाड़ा सहित कई लोग मौजूद थे। कांग्रेस नेता सत्येश शर्मा ने भी मोर्चरी पहुंच पुलिस अधिकरियों से बात कर परिजनों को सहायता देने की बात की। धरनास्थल पर समझाइश करने वालों में एसडीएम मौजूद रहे और सभी को विश्वास में लेकर धरना समाप्त करवाया।

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