January 29, 2023

Coronavirus: चीन से निकला कोरोना का जानलेवा वायरस? रिसर्च सेंटर में काम कर चुके साइंटिस्ट ने खोले गहरे राज

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Coronavirus: 2 साल पहले अचानक से ही कोरोना नाम के एक वायरस ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया था। उस वक्त ऐसा माना जा रहा था कि इस वायरस की शुरुआत चीन से हुई थी। अब चीन के वुहान शहर की उसी रिसर्च प्रयोगशाला में काम करने वाले एक अमेरिका के वैज्ञानिक ने सनसनीखेज खुलासा किया। उसने कहा कि कोविड-19 ‘इंसानों द्वारा बनाया गया वायरस था’ जो लैब से लीक हुआ था। अमेरिकी शोधकर्ता की नई किताब में खुलासा किया गया कि दो साल पहले वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (Wuhan Institute of Virology-WIV) से ही कोविड नाम का ये वायरस लीक हुआ था। बता दें कि चीन की इस रिसर्च लैब को सरकार द्वारा चलाया जाता है।
चीन के वुहान में बना था कोरोना वायरस?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हफ ने अपनी किताब में दावा किया है कि चीन के गेन-ऑफ-फंक्शन प्रयोग को पूरी सुरक्षा के साथ नहीं किया गया था, जिस कारण वुहान लैब में रिसाव हुआ। उन्होंने अपनी किताब में कहा कि वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी को चमगादड़ों में पाए जाने वाले कई कोरोना वायरस का अध्ययन करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (एनआईएच) से फंडिंग मिल रही थी। हफ ने लिखा कि चीन पहले दिन से जानता था कि दुनियाभर में फैल रहा कोविड-19 का वायरस वुहान लैब में बनाया गया वायरस था। वैज्ञानिक ने चीन को खतरनाक जैव प्रौद्योगिकी (dangerous biotechnology) के ट्रांसफर के लिए अमेरिकी सरकार को दोषी ठहराया। उन्होंने दावा किया कि ये महामारी अमेरिकी सरकार द्वारा चीन में की गयी कोरोना रिसर्च की फंडिंग के कारण हुई।
चीन में लॉकडाउन के कड़े नियमों से मिली थोड़ी राहत
बता दें कि चीन में कोरोना के केस बढ़ने से लॉकडाउन लगा दिया गया था। हालांकि, देश की जनता ने इस बात का विरोध भी किया है। कड़े प्रतिबंधों को लेकर हुए प्रदर्शनों के बाद चीन के उरुमकी समेत कुछ और शहरों में छूट की घोषणा की गई। लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि चीनी सरकार अपनी जीरो कोविड नीति को वापस लेने के बारे में सोच रही है। शिनजियांग प्रांत की राजधानी उरुमकी में माल, बाजार, रेस्तरां आदि फिर से खुलेंगे।
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